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कोई मिल गया पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 323 बार

नेहा को गाण्ड मराने का शौक हुआ

राजेश कोटा

21 Jul 2008 को प्रकाशित

नेहा को गाण्ड मराने का शौक हुआ
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मैं कोटा का रहने वाला हूँ, आपने मेरी कहानी पढ़ी, मुझे काफ़ी सारे मेल मिले उसमें एक भाभी की मेल मिली उसमें लिखा था- आपकी कहानी बहुत अच्छी लगी।

फिर जब जब नेट पर बात हुई तब उसने अपना नाम नेहा बताया, 32 साल की सेक्सी भाभी थी बातों-बातों में उससे पूछा- क्या आप मुझे मिलना चाहोगी?

तब उसने बताया- मेरे पति जब टूर पर रहेंगे, तब बताऊँगी।

रोज नेट पर बात होने लगी, सेक्स के बारे में बात करती- भाभी की चुदाई करी, आपका लण्ड कितना मोटा है, आदि इत्यादि।

मेरा लण्ड नौ इन्च लम्बा और काफ़ी मोटा है, उसको फोटो दिखाया, तब बोली- मुझे आपसे चुदना है।“तो कब मिलोगी?”उसने बताया- कल शाम को।

उसने मुझे अपना पता प्रिया और आने के लिए बोला। मेरा लण्ड उसके बुलावे की बात सुनकर खड़ा हो गया। उस दिन हिलाकर पानी निकाल लिया।

जब उसके घर गया घन्टी बजाई तो देखता रह गया, क्या मस्त पटाखा थी यार !! लण्ड सलामी देने लगा !

घर के अन्दर आकर मैंने उसके गुलाबी होंठों को चूमा तो वह एकदम सिसकारी भरने लगी- अअ… अ… अआ… आआह… ह्हहह… ह्हहह… प्लीज़।

मुझे और उसे दोनों को ही चुदाई की जल्दी पड़ी थी सो हमने जल्दी से एक-दूसरे के कपड़े उतारे और उसने मुझे अपनी बाँहों में कसकर एक शानदार चुम्बन किया।

फिर मैंने उसे अपनी बाँहों में उठाकर बिस्तर पर लिटा प्रिया, तब मैंने भरपूर नज़रों से देखा, वाक़ई शानदार बदन था।

मुझे भी लगा कि शायद मैं भी अब और इन्तज़ार नहीं कर सकता, तो मैंने अपने हाथों को उसकी नर्म और गोरी चूचियों की तरफ बढ़ाया और दबाने लगा।

“अई… अआ… आआ… आहह… आआ…” वो सिसयाई।

फिर मैं धीरे से उनके एक चुचूक को अपने होंठों में दबाकर चूसने लगा, तो उसने अपनी आँखें बन्द कर ली और मेरे बालों में हाथ फिराने लगीं।

तभी मैंने अपनी दो उंगलियाँ उसकी चूत में डाल दीं तो उसने चिहुँक कर अपनी आँखें खोल दीं और कहने लगी- प्लीज़, धीरे करो, मुझे कुछ हो रहा है।

मैंने कहा- अभी तो यह बस शुरुआत भर है।उसने अपनी आँखें फिर से बन्द कर लीं।

मैं अब उठा और अपना लण्ड उसके होंठों पर टिका प्रिया। उसने भी बिना आँखें खोले ही अपनी जीभ से सुपारे को चाटना शुरु कर प्रिया। थोड़ा मजा आने के बाद उसने अपना मुँह खोलकर पूरे लण्ड को चूसने लगी।

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क़रीब 10 मिनट तक चूसने के बाद वह बोली- अब रुका नहीं जा रहा, अब जल्दी से मुझे चोदो… प्लीज़, आई लव यू, प्लीज़ जल्दी करो।

ऐसी बातें सुनकर मेरा जोश भी बढ़ गया था, मैंने उसकी टाँगें फैलाकर एक जानदार धक्का प्रिया, तो वह कराह उठी- प्लीज़, इतनी ज़ोर से मत करो।

लंड क़रीब तीन इंच तक अन्दर चला गया था, फिर धीरे-धीरे मेरा पूरा छः इंच का लण्ड उसकी चूत में चला गया तो वह भी अपने चूतड़ उछाल-उछाल कर मेरा साथ देने लगी।

क़रीब 10 मिनट बाद जब मुझे लगा कि मैं अब छूटने वाला हूँ तो मैंने उसे घोड़ी बनने को कहा। मैं उसके पीछे आ गया और पूरी ताक़त से धक्का लगाया तो वह चिचयाने लगी- प्लीज़ ! दर्द हो रहा है।

पर मैं रुका नहीं और लगातार धक्के मारता गया, साथ ही चूचियों को भी दबाता जा रहा था।

तभी वह चिल्ला उठी- आआहह… मैं गई… और तेज़ करो…पर मैं अब ख़ुद पर नियंत्रण पा चुका था और लगातार चोदे जा रहा था।थोड़ी देर के बाद वह हाँफने लगी- अब मुझे छोड़ दो, जलन हो रही है, मैं दो बार छूट चुकी हूँ।मैंने कहा- पर अभी मेरा तो रुका हुआ है।उसने कहा- मैं मुँह से कर देती हूँ।

तो मैंने कहा- वह राउंड तो पहले ही हो चुका है। अब यदि तुम्हें दिक्क़त न हो तो गाण्ड में कर लूँ?वह घबरा गई और कहने लगी- नहीं, मैंने कभी गाण्ड नहीं मरवाई।

मैंने उसे जोश दिलाते हुए कहा- एक बार मरवा लो, फिर गाण्ड ही मरवाने के लिए बुलाया करोगी।“चलो आज यह भी हो जाए।”मैंने उसे तेल लाने को कहा तो नंगी ही जाकर तेल की बोतल ले आई और मैंने उसकी गाण्ड की छेद पर लगा कर एक उंगली डाली तो वह कहने लगी- दर्द हो रहा है।

मैं धीरे-धीरे तेल उसकी गाण्ड के अन्दर डालता रहा। फिर उसने मेरे लण्ड पर तेल लगाया फिर मैंने उसे पीछे से कसकर पकड़कर एक धक्का लगाया तो लंड तेल की वज़ह से सरकता हुआ 4 इंच अन्दर चला गया।

वह चिल्लाने लगी- प्लीज़ मुझे छोड़ दो। मुझे बहुत दर्द हो रहा है।उसकी आँखों में आँसू आने लगे, पर मैं जानता था कि यदि पहली बार में इसे छोड़ प्रिया तो फिर गाण्ड नहीं मरवाएगी, इसलिए मैं रुका नहीं और लगाता धक्के लगाता रहा और उसकी चूत में भी दो उंगलियाँ घुसा दीं। थोड़ी देर बाद उसे भी मज़ा आने लगा और वह गाण्ड हिलाने लगी।

मुझे लगा कि अब मैं छूटने वाला हूँ तो मैंने उसे बताया तो वह कहने लगी- जल्दी से निकालो, मुझे पीना है।

मैंने अपना लण्ड उसकी गाण्ड से निकाला और रुमाल से साफ करके उनके मुँह में डाल प्रिया, जिसे वह तेज़ी से चूसने लगी।तभी मैंने अपना सारा वीर्य उनके मुँह में उड़ेल प्रिया जिसे वह चाट-चाटकर सारा पी गई। अब हम दोनों ही थककर बिस्तर लेट गए। क़रीब 15 मिनट तक ऐसे ही लेटे रहने के बाद हम उठे और कपड़े पहनने लगे।

उसके बाद कई बार मैं नेहा को चोदने उसके घर जाता रहा। उसकी गांड अब मेरा लंड खूब मस्ती से लेने लायक हो चुकी थी और अब तो उसको मेरा लौड़ा चूत की जगह गांड में लेना अधिक पसन्द आने लगा है।

कैसी लगी नेहा की चुदाई? प्लीज़ मुझे मेल करें।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

जसबीर 075

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

महेन्द्र चौधरी

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

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