होम पर वापस जाएं
Hindi Sex Story पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,306 बार

एक हसीना की पहली चुदाई

पृथ्वी

21 May 2014 को प्रकाशित

एक हसीना की पहली चुदाई
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

मैंने आप की सारी कहानी पढ़ी है और यह एक अच्छा जरिया है सबको अपना अनुभव कहने का।

मैं अहमदाबाद का रहने वाला हूं और मेरी उम्र ३० साल है। मैं शादी।शुदा हूं और मेरे दो लड़के भी हैं।

मैं बचपन से ही सेक्स का शोकीन हूं। मेरे बड़े भाई मुझे अक्सर कहा करते हैं कि जब मैं छोटा था १ साल का, तब से लड़कियां मुझसे ज्यादा ही इंटरेक्ट करती थी। मुझे तो वो सब याद नही है लेकिन शादी से पहले मैंने ६४ लड़कियों से प्यार किया है ३६ लड़कियो से सेक्स किया है।

लेकिन अभी ६ महीने पहले की एक कहानी बताता हूं !

मैंने एक इंग्लिश क्लास किया था। उसमें एक लड़की से मेरी दोस्ती हो गई। मैंने उसे बताया कि मैं शादीशुदा हूं तो उसे मेरी उस बात से कोई एतराज नही था।हम लोगों के बीच इस रिश्ते को ३-४ दिन ही हुए थे, मैंने उसे होटल में ले जाने के लिए कहा तो वो पहले मना करने लगी फ़िर वो मान गई।

हम लोग हमारे पास के होटल में गए। मैंने जाते ही उसे पकड़ के किस कर ली और उसके बूब्श को मसलने लगा।

उसने शलवार कमीज पहना था। वो भी मुझ से चिपक गई। मैंने उसके कमीज़ की पीछे से चेन खोल दी और उसका कमीज़ ऊपर से निकाल प्रिया। उसने काले रंग की ब्रा पहन रखी थी। मैंने उसे बेड पर लिटा प्रिया। वो अपने बुब्श को अपने दोनों हाथो से छुपाने की नाकामयाब कोशिश कर रही थी। मैंने उस पर लेट के उसको होटों पे किस करना चालू किया। फ़िर मैंने धीरे से उस की ब्रा खोल दी। उसके बूब्स जैसे बाहर आने के लिए कब से बेचैन थे। उसको छूके मुझे एसा लगा कि आज तक किसी का भी हाथ उस पे नही पड़ा था। उसकी निपल को मुंह में लेके मैं चूसने लगा, जैसे उसको कुछ होने लगा।

वो मस्त हो के उछलने लगी। मैंने उसकी निपल को अपने दोनों दांतो के बीच दबा के जोर से चूसना चालू कर प्रिया और दूसरे हाथ से उसके दूसरे स्तन को जोर से दबाने लगा।

वो मेरे कपड़े निकालने लगी और मेरे लण्ड को पकड़ लिया। वो हाथ में लेते ही बोली- ये तो बहुत बड़ा है मैं तो मर ही जाऊंगी, आप इसे अंदर मत डालना।

मैंने कहा- ठीक है। बोल के उसका पायजामा भी निकालने लगा।

उसने कहा- ये क्या कर रहे हो?

अब मैंने कहा- मैं सिर्फ़ इसे देखना चाहता हूं और इस से खेलना चाहता हूं। उसकी पेंटी निकाली तो वो पूरी तरह भीग चुकी थी। मैंने उसमें हाथ घुमाना चालू किया वो अपने आप से बाहर हो गई थी। मैंने उसकी चूत पे अपना मुंह रख के उसमें अपनी जीभ रख दी तो वो मचल उठी और चिल्ला पड़ी- मर गई मेरे राजा।

मैंने अपना लंड उसके मुंह पर रख प्रिया और उसे कहा कि इसे मुंह में ले।

उसने पहले मना किया फ़िर वो अपने आप ही जैसे लोलीपोप चूस रही हो ऐसे चूसने लगी।

उसकी चूत से रस बाहर आने लगा। वो जैसे होश ही खो बैठी थी। मैंने मौका देखते ही अपना लण्ड उसके मुंह से निकाल के उसकी चूत के आगे रगडा और फ़िर मैंने धीरे से उसकी कलीशी चूत में अपने लण्ड का टोप धीरे से अन्दर रखा और जोर से धक्का प्रिया तो मेरा लण्ड आधा चला गया और वो चिल्ला के बोली- मारोगे ! मुझे तो मार ही डाला ! मेरी चूत को चीर डाला! निकाल दो प्लीज़ ! आप छोड़ दो भगवान के लिए।

मैं दूसरा धक्का मारने का छोड़ उसके सर को सहलाने लगा और उसे किस करने लगा और दोनों हाथों से उसके बूब्स को मसलने लगा। वो तो बहुत ही रो रही थी और तड़प रही थी, जैसे कि बिना पानी की मछली तड़पती है। मैंने थोड़ा सही मौका देखा और मेरा पूरा जोर लगा के पूरा ही अंदर डाल प्रिया। वो चिल्ला उठी- मर गई माँ !

फ़िर उसका दर्द कम ही होते ही वो मुझे सुपोर्ट करने लगी और मैंने भी धीमे धीमे आगे पीछे होना शुरु कर प्रिया। फिर तो उसे भी बहुत मजा आ रहा था और मुझे भी। ऐसे तो बहुतों को चोदा है सबको मुझसे संतुष्टी मिली है, लेकिन ये तो बहुत ही खुश हो के दे रही थी। वो दो बार अपना पानी निकाल चुकी थी। वो बोली- आपका कब होगा मेरे राजा! सब कुछ आज ही खत्म करोगे मेरा थोडा तो कुछ रहने दो। बस क्या कहना था हमने हमारे मशीन की स्पीड बढा दी और हमारा भी पानी उसकी चूत में निकल प्रिया और वो बहुत खुश हो गई।

फ़िर तो वो ५ दिन में एक बार मुझसे चुदवाने लगी। आज भी जब उसका मन होता है तो हम मिलते है और काम करके अलग होते हैं।

हा सच बताएं हमें सेक्स बहुत ही पसन्द है और नए नए तरकीब से करना अच्छा लगता है और हां कोई घरेलू मिल जाए तो क्या कहना

आपको हमारी कहानी अच्छी लगी हो तो हमे मेल कीजियेsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

उसने ऐसे इन्सान को क्यों पसन्द किया?
Hindi Sex Story

उसने ऐसे इन्सान को क्यों पसन्द किया?

मैं अनवर हुसैन पटना का रहने वाला हूँ। इन दिनों बेइन्तिहा तकलीफ़ के दौर से गुजर रहा हूँ। पर यह तकलीफ़ ज़िस्मानी नहीं दिमागी है।मेरी पूरी जहनियत जवाब दे चुकी है। मैंने कभी अपने आप को इतना बेबस नहीं पाया था… वो मुझे ना मिले, मुझे इसका ना कोई गिला ना कोई...

3 मिनट 875
सम्भोग से आत्मदर्शन-8
Hindi Sex Story

सम्भोग से आत्मदर्शन-8

तनु की मम्मी ने बाल साफ़ करने वाली क्रीम और रेजर मनवाया तो मुझे लगा कि आंटी अब चुदाई के लिए तैयार हैं शायद!मैं सामाँन लेकर दूसरे दिन वहाँ पहुँच गया, मैंने थैले से रेजर और क्रीम निकाल कर आंटी की ओर मुस्कुरा कर अर्थपूर्ण निगाहों से देखा तो उन्होंने क...

16 मिनट 1,054
डाक्टर जी, मेरा इलाज कर दो
Hindi Sex Story

डाक्टर जी, मेरा इलाज कर दो

मेरा नाम दीपक चोपड़ा है और पेशे से मैं एक डाक्टर हूँ, रायपुर छत्तीसगढ़ में रहता हूँ।

19 मिनट 377

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।