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दोस्त की शादी में मेरे लंड को चूत मिल गई

दक्ष शेखावत

13 Mar 2015 को प्रकाशित

दोस्त की शादी में मेरे लंड को चूत मिल गई
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मेरा नाम दक्ष है, मैं अजमेर राजस्थान का रहने वाला हूँ।मैं अपनी तारीफ स्वयं नहीं करना चाहता हूँ परन्तु मैं आपको बताना चाहता हूँ कि मैं 5 फुट 11 इंच लम्बा हूँ मेरा जिस्म एक खिलाड़ियों जैसा है और मैं 25 साल का लड़का हूँ।

कॉलेज टाइम से ही लड़कियां मुझ पर मरती थीं.. परन्तु आज मैं कॉलेज की नहीं मेरे दोस्त की शादी के बात बताने जा रहा हूँ.. जो एकदम सत्य घटना है।

बात नवम्बर 2012 की है.. जब मेरे दोस्त की शादी उसके गाँव में थी।वो मेरे साथ ही कॉलेज में पढ़ता था, हम दोनों बहुत पक्के दोस्त थे।

उसकी शादी में हम कुछ दोस्त अजमेर से गए।वहाँ पर बहुत से लोग आए हुए थे.. जो मेरे दोस्त के रिश्तेदार थे, ज्यादातर लोग गाँव से ही थे।

हम लोग शहर से आए थे तो हमारा कुछ ज्यादा ही आदर-सत्कार हो रहा था।गाँव के बच्चे तो हमारे चारों तरफ ही मंडरा रहे थे.. पर फिर भी वह कुछ अधूरा-अधूरा सा लग रहा था।

उसी दिन शाम को मैंने एक बहुत ही खूबसूरत लड़की देखी, उसका नाम जया था।वो देखने में वो गाँव की नहीं लग रही थी।उसका फिगर 26-28-34 का रहा होगा। मैं तो उसे देखकर देखता ही रह गया।

मेरे दोस्त जिसकी शादी थी.. मैंने उससे पूछा तो पता चला कि वो उसकी रिश्तेदार है.. जो अजमेर में रहती है और शादी में आई है।

रात को डांस प्रोग्राम शुरू हो गया।मेरे सभी दोस्तों में मैं सबसे सुन्दर था और डांस भी कर लेता हूँ.. तो मैं मस्ती में डांस कर रहा था।तभी मैंने देखा कि जया मुझे ही देख रही थी।

मैं तो ख़ुशी से पागल हो रहा था और उससे बात करने का बहाना ढूंढ रहा था।

उसने अपने साथ डांस के लिए मुझे आमंत्रित किया.. तो मुझे तो समझ में ही नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ।मैं डांस के लिए खड़ा हो गया।

डांस करते वक़्त वो मुझसे बहुत बार टच हुई.. तो मेरे शरीर में तो करंट जैसा दौड़ जाता और मेरा लंड तो सातवें आसमान पर था। डांस में ही मैंने उसके पिछवाड़े को 2-3 बार छू लिया और उसके मम्मों को भी स्पर्श कर प्रिया।

नाच वाच के बाद हम साथ ही बैठ गए और बातें करने लग गए।

बातों ही बातों में मैंने उसकी बहुत तारीफ की और उसको बोल प्रिया- आप मुझे बहुत अच्छी लगती हो.. मैं आपसे दोस्ती करना चाहता हूँ।

वो पहले मुस्कुराई और फिर उसने मुझे ‘हाँ’ कर दी।

हमने सबके सो जाने के बाद छत पर मिलने का प्लान बनाया।

रात को एक बजे हम दोनों छत पर मिले।वहाँ गद्दे लगे हुए थे और कुछ मेहमान सो रहे थे।

मैंने एक गद्दा और कम्बल लिया और एक कोने में बिछा प्रिया।

वह छत पर आई उसने नाईट ड्रेस पहन रखी थी.. जिसमें वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी।वो मेरे पास आकर बैठ गई।

मैंने उसके हाथ अपने हाथ में पकड़े और बातें करने लग गया।

मुझसे तो रहा नहीं जा रहा था तो मैंने धीरे से उसके गाल पर किस कर प्रिया।वो शरमा गई और मुस्कुरा दी।

इससे मेरी हिम्मत और बढ़ गई.. तो मैं उसको होंठों को किस करने लगा।

पहले उसने मुझे अलग करने की कोशिश की.. पर मैंने नहीं छोड़ा।

अब शायद उसको भी अच्छा लगने लग गया था.. और वो भी मुझे किस करने में लग गई। मैं पूरा गर्म हो चुका था और वो भी गर्म हो चुकी थी।

मेरा एक हाथ टी-शर्ट के ऊपर से ही उसके मम्मों पर चला गया और मैं उनको दबाने लगा।उसके मुँह से ‘आहें..’ निकल रही थीं.. मैंने उसकी टी-शर्ट ऊपर की और ब्रा के ऊपर से ही पागलों की तरह दोनों मम्मों को दबाने लगा।

वो बहुत गर्म हो चुकी थी।

मैंने देखा कि उसका हाथ मेरे पैन्ट के ऊपर से मेरे लंड को दबा रहा था।

मैंने उसकी ब्रा से उसके मम्मों को फ्री किया और मुँह में लेकर चूसने लग गया।

मुझे बहुत मज़ा आ रहा था, मेरा लंड खड़ा होकर केले से भी बड़ा हो गया था।

मुझसे रहा नहीं गया तो मैंने अपनी पैन्ट और अंडरवियर उतार दी।

अब मेरा बड़ा लंड उसके सामने लहरा रहा था और वो सिर्फ उसको ही देखे जा रही थी।वो हाथ में लेकर मेरे लंड से खेलने में लग गई।उसके हाथों के स्पर्श से मैं कण्ट्रोल से बाहर हो रहा था।

मैंने उसकी नाईट ड्रेस के पजामे को निकाल प्रिया और उसकी पैन्टी के ऊपर से ही उंगली घुमाने लगा।उसकी पैन्टी गीली हो चुकी थी।

मेरे उंगली करने से वो गर्म हो चुकी थी और मुझसे लिपट गई थी।वो मुझे जोर जोर से किस करने लगी।

मैं भी गर्म हो रहा था.. तो मैंने भी उंगली की गति तेज़ कर दी।वो मेरे लण्ड को जोर-जोर से हिलाने लगी।

थोड़ी देर में वो अकड़ने लगी और मुझे कसके पकड़ लिया.. नाख़ून मेरी कमर में चुभा दिए।

तभी मुझे उंगली पर बहुत सा पानी महसूस हुआ। वो एक बार झड़ चुकी थी।

अब मैंने उसको मेरा लंड मुँह में लेने के लिए बोला.. पहले तो उसने मना किया लेकिन फिर थोड़ा सा फ़ोर्स करने पर वो मान गई और मुँह में लेकर बहुत ही प्यार से चूसने लगी।

मैं उसकी चूत में उंगली कर रहा था।

वो फिर से गरम हो गई थी, उसने बोला- मुझसे सहन नहीं हो रहा है.. प्लीज अब अपने लंड को मेरी चूत में पेल दो।

मैंने भी उसकी टांगों को फैलाया और मेरा लंड को उसकी चूत पर लगा प्रिया। एक धक्का मारा तो लंड बहुत ही थोड़ा सा अन्दर गया और वो दर्द से चीख उठी।

मैंने उसका मुँह दबा प्रिया.. और चुप रहने के लिए कहा।वो बोली- बहुत दर्द हो रहा है।मैं समझ गया कि ये उसका पहली बार है।

अब मैंने फिर से एक जोरदार धक्का मारा.. इस बार मेरा आधा लंड अन्दर चला गया।उसकी हालत ख़राब हो गई, उसकी आँखों से आंसू निकल आए।

मुझे भी दर्द हो रहा था क्योंकि उसकी चूत बहुत टाइट थी।

कुछ देर हम ऐसे ही पड़े रहे.. फिर मैंने एक और झटका मारा और मेरा पूरा लण्ड चूत के अन्दर घुस गया।मैंने नीचे देखा तो गद्दे पर खून लग गया था।जया की सील टूट गई थी और उसे दर्द हो रहा था।

अब मैंने कुछ नहीं किया सिर्फ उसको किस करता रहा।

जब उसका दर्द कम हुआ.. तो धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए।कुछ पलों बाद ही उसको भी मज़े आ रहे थे।

वह भी मेरा पूरा साथ दे रही थी।वो अब गाण्ड उठा-उठा कर चुदवा रही थी।

कुछ देर धक्के मारने के बाद मैं छूटने वाला था और वो भी मुझे जोर से जकड़ने लगी।

मैं और जया दोनों एक साथ ही झड़ गए और मैंने उसकी चूत में ही पानी निकाल प्रिया।कुछ देर हम दोनों एक-दूसरे पर लेटे रहे।

कुछ देर बाद मैंने दोबारा सेक्स करने के लिए कहा.. तो उसने भी ‘हाँ’ कर दी।

मैंने उसको फिर लंड चूसने के लिए कहा.. तो इस बार वो बिना कुछ बोले ही लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी।मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और इस बार हमने बहुत देर तक किस किया।

मैंने उसके मम्मों को खूब चूसा.. उसने भी मेरा लंड जबरदस्त तरीके से चूसा।इस बार मैंने उसको घोड़ी बनने के लिए बोला.. तो वो फट से बन गई।

अब मैंने उसको पीछे से चोदना शुरू किया। इसमें मुझे और उसको दोनों को बहुत मज़ा आ रहा था।कुछ देर चोदने के बाद हम दोनों फिर एक साथ झड़ गए।

फिर हम एक साथ लेटे रहे और बातें करते रहे।

सुबह के पांच कब बज गए पता ही नहीं चला।गाँव में सुबह लोग जल्दी उठ जाते हैं.. तो हमने अपने आपको ठीक किया और मैं नीचे आ गया।

अगले दिन हम दोनों एक-दूसरे से शर्मा रहे थे.. लेकिन मुस्कुरा भी रहे थे।

फिर हमने एक-दूसरे को अपने मोबाइल नंबर दिए और शादी के बाद भी हम दोनों अजमेर में मिले। वो दास्तान मैं आपको बाद में बताऊँगा।

दोस्तो, प्लीज मुझे मेल के द्वारा जरूर बताइए कि आपको मेरी लव एंड फक स्टोरी कैसी लगी।आपका प्यारा दोस्त दक्ष शेखावत

support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

भावेश कोटेचा

2 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

दीप पाटिल

2 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

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