होम पर वापस जाएं
भाभी की चुदाई पठन समय: 13 मिनट पढ़ा गया: 567 बार

बड़ी भाभी ने मुझे अपने बिस्तर में बुलाया

कामिया

22 Dec 2025 को प्रकाशित

बड़ी भाभी ने मुझे अपने बिस्तर में बुलाया
कहानी सुनें

ऑडियो प्लेयर (Play Audio)

स्वर: लोड हो रहा है...

0:00
0:00

देवर भाभी की सेक्सी कहानी में पढ़ें कि मैं भाई भाभी के साथ रहता था. भाई ट्रेनिंग पर गए तो एक रात भाभी ने मुझे अपने साथ सोने को कहा. उसके बाद क्या हुआ?

मैं अलवर के पास एक छोटे से गांव से हूं. मेरे परिवार में दो भाई और मम्मी पापा हैं.मेरे बड़े भाइयों की शादी हो चुकी है, मैं सबसे छोटा हूं. मेरी हाइट 5 फुट 5 इंच है और मेरे लंड का नाप 6 इंच है.

मेरी बड़ी वाली भाभी का नाम संजना है वो काफी सुंदर हैं. उनके बोबे 36 इंच के हैं व गांड 40 की है.जब वह सामने से निकलती हैं, तो मेरे मन में हेनू हेनू होने लगता है.

उनके सेक्सी फिगर को लेकर मैं ही नहीं, बल्कि पूरे मोहल्ले के लौंडों का लंड खड़ा हो जाता था. मेरी भाभी को हर कोई चोदना चाहता था लेकिन वो किसी को लाइन नहीं देती थीं.

ये बात आज से 4 साल पहले की है जब मैं बारहवीं क्लास में पढ़ता था. उस समय मैं अपने बड़े भाई के पास शहर में रहने चला गया था.

मेरा परिवार गांव में रहता था. इधर शहर में मैं और मेरी भाभी दोनों घर पर अकेले रहते थे.भैया अपनी जॉब पर चले जाते थे.

पहले मैं कभी भाभी को बुरी नजर से नहीं देखता था. मैं अपनी भाभी से बहुत मजे से बात करता रहता था. भाभी भी मुझसे काफी खुश रहती थीं. हम दोनों हंसी मजाक करते रहते थे.

एक दिन मैंने भाभी से उनकी शादी से पहले के बारे में पूछा.तो उन्होंने कहा कि मैंने शादी से पहले किसी भी लड़के से दोस्ती नहीं की थी.

अब जब किसी लड़के से दोस्ती ही नहीं की थी तो लंड कहां से लिया होता. मतलब भाभी शादी के समय एक सील पैक माल बनकर हमारे घर आई थीं. मेरे भाई ने ही भाभी की सील तोड़ी थी.

मैंने कहा- अरे वाह भाभी … आजकल तो लड़कियां शादी के पहले ही सारे मजे लूट लेती हैं.भाभी ने मेरी बात का मतलब समझ लिया और बोलीं- जब तुम्हारे भैया ने मेरी साथ वो सब किया था, तो मैं दो-तीन दिन तक चल ही नहीं पाई थी. पूरी तरह से मैं तुम्हारे भैया को दो-तीन दिन में ही झेल पाई थी. उसके बाद मुझे कोई दिक्कत नहीं हुई थी. मैं उनको रोज ही ख़ुशी देती थी.

मैं समझ गया कि भाभी कह रही हैं कि शुरुआत में भैया ने जब भाभी की चुत की सील तोड़ी थी, तब भाभी को बहुत दर्द हुआ था और वो ठीक से चल नहीं पाई थीं. फिर दो तीन दिन में लंड ने चुत को फैला प्रिया था, तब चुदाई का मजा लेना शुरू हो सका था.

भाभी के मुँह से इस तरह से चुदाई के बारे में बात सुनकर मेरा लंड खड़ा हो गया. उस टाइम मेरा लंड कुछ छोटा था, जो कि भाभी ने मुझसे चुदने के बाद मुझे बताया था.

खैर … इस बातचीत के बाद मेरा भाभी को देखने का नजरिया ही बदल गया था.चूंकि भैया थे नहीं वो अपनी ट्रेनिंग के लिए एक साल के लिए साउथ गए थे, तो भाभी को भी लंड की तलाश थी.

मैंने रोजाना भाभी से किसी न किसी बहाने से इसी विषय पर बात करनी शुरू कर दी थी और भाभी धीरे धीरे मुझसे खुलती चली गईं.अब तो उनके मुँह से साफ़ साफ़ शब्दों में लंड चुत हथियार चुदाई का शुमार होने लगा था.

मैं भाभी के इन शब्दों का मजा लेता और उनके सामने शर्माने का नाटक करता ताकि भाभी मेरे मजे ले सकें.

अब तो भाभी खुद ही रोज अपनी चुदाई के बारे में बातें सुनाने लगतीं, तो मेरा दिल भी उन्हें चोदने को करने लगता.हालांकि मैं समझ गया था कि भाभी खुद ही मेरे लंड पर आ गिरेंगी. मगर तब भी मैं सही मौके का इंतजार कर रहा था.

एक बार मन में ये भी डर था कि कहीं मैं गलत न सोच रहा हूँ. यदि मैंने कुछ किया और भाभी बुरा मान गईं, तो रायता फ़ैल जाएगा. इसलिए मैं बस उनकी बातों का रस लेता रहा और उनकी जवानी को ताड़ते हुए मुठ मार कर खुद को शांत करता रहा.

एक दिन की बात है, मैं अपने रूम में पढ़ रहा था.भाभी मेरे पास आईं और मुझसे बोलीं कि रात को मेरे पास सोने के लिए आ जाना.

मैं उस टाइम नहीं समझ पाया कि भाभी किस ओर इशारा कर रही हैं. मैं लगभग 10:00 बजे भाभी की चारपाई पर आ गया और उनके बाजू में लेट गया.

मेरे लेटते ही भाभी ने मुझको अपनी बांहों में जकड़ लिया और चादर में खींच लिया.मैंने महसूस किया कि भाभी ने अन्दर से सिर्फ ब्रा और पैंटी ही पहनी है.जबकि उस टाइम सर्दियों का मौसम था तो मुझे उम्मीद ही नहीं थी कि भाभी इस तरह की पोजीशन में लेटी होंगी.

एक बात और कि इससे पहले मैंने कभी सेक्स नहीं किया था, तो मुझको कुछ ख़ास नहीं पता था कि चुदाई में क्या करना होता है. बस मुठ मारते समय मुझे सेक्स चढ़ता था.

भाभी ने ही मुझे किस करना चालू कर प्रिया और बोलीं- मुझे बहुत आग लगी है. तुम मेरे बोबे दबाओ.मैं ब्रा के ऊपर से ही उनके बोबे दबाने लगा. मुझे भाभी के दूध मसलने में बहुत मजा आया.

उसके बाद भाभी ने ब्रा को खिसका कर मेरे मुँह में अपना एक दूध लगा प्रिया और वो निप्पल चूसने के लिए बोलीं.

मैं भाभी के नर्म नर्म मम्मे को चूसने लगा और भाभी मेरे बालों में हाथ घुमाते हुए मुझे अपनी चूची चुसाने लगीं.

कुछ देर बाद उन्होंने मेरे मुँह से उस निप्पल को निकाला और मुझे अपने ऊपर खींच कर दूसरा निप्पल चूसने के लिए कह प्रिया.

मैं अब भाभी के एक दूध को चूसता और दूसरे को मसलने लगा था.

भाभी गर्म आवाजें निकालने लगी थीं- आह चूस लो मुझे बड़ा अच्छा लग रहा है. आज तेरी भाभी ने सारे कपड़े निकाल कर तुझे मजा प्रिया है आह मजा ले ले.

उन्होंने अपना हाथ नीचे ले जाकर मेरे लंड पर हाथ रखकर उसकी चमड़ी को पीछे की, तो मुझे बहुत शर्म आने लगी.उस टाइम मैं और भाभी दोनों किस कर रहे थे.

भाभी ने कहा- मेरी पैंटी को निकाल दो.

जब मैंने भाभी की पैंटी निकाली तो मैंने उनकी चुत पर हाथ फेर कर देखा.तो महसूस हुआ कि भाभी की चूत पर छोटे-छोटे बाल थे.

इससे पहले मैंने आजतक कभी चूत नहीं देखी थी. मैं समझता था कि लेडीज के शरीर पर सर के अलावा कहीं और बाल नहीं होते हैं. मगर उस टाइम मुझे पता चला कि लड़कियों के चूत और कांख में भी बाल होते हैं.

यह भी पढ़ें (Recommended)

Behen Ki Shaadi Me Bhabhi Ki Chudai

मैं भाभी की पैंटी निकाल चुका था और उनकी चूत का हाथों से मसलने लगा था.मुझे भाभी की चुत पर बहुत गर्म-गर्म महसूस हुआ और उसकी चूत से पानी में बह रहा था. मुझे लगा कि भाभी ने सुसु कर दी है.

तभी भाभी ने चादर हटा दी और मुझे अपनी चूत चाटने के लिए बोला.

मैंने भाभी की चूत पर मुँह लगाया और चूत को चाटने लगा तो मुझे बहुत ही अच्छा लगा.मैं तब तक चूत को चाटता रहा, जब तक भाभी ने मना नहीं किया.

भाभी मेरा सर अपनी टांगों के बीच में दबा रही थीं और अपनी चूत पर मेरे मुँह को दबाते हुए सिसिया कर बोले जा रही थीं- आह … ऐसे ही मेरी चूत को चाटते रहो बहुत मजा आ रहा है … आह देवर जी … मार ही डालोगे आज तो … आह.

ये कहते हुए भाभी मेरे मुँह में ही झड़ गईं. मैंने उनकी चुत का सारा पानी पी लिया.

अब भाभी चारपाई पर चित लेट गईं और हांफने लगीं.दो मिनट बाद भाभी ने मुझको अपने ऊपर आने का इशारा किया.

मैं भाभी के ऊपर चढ़ गया और अपना लंड चूत में घिसने लगा.उस टाइम मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि लंड चुत में कैसे घुसेगा.

भाभी ने मेरे लंड को पकड़ा और टांगें खोल कर अपनी चूत में लंड सैट करके मुझे दबाने लगीं और धक्का देने के लिए बोलीं.

जब मैंने धक्का प्रिया तो एक झटके में ही मेरा पूरा का पूरा लंड भाभी की चूत में चला गया.

भाभी आह आह करते हुए बोल रही थीं- चैन मिल गया. अब धक्के मारो मेरे लाड़ले देवर जी!मुझे भाभी की चूत बहुत गर्म गर्म महसूस हो रही थी और सनसनी सी हो रही थी.

उधर भाभी बोले जा रही थीं- रुक क्यों गया … झटक मारो … आह मेरी चुदाई को बहुत दिन हो गए. आह जल्दी जल्दी चोदो मुझे … आह आज इसकी सारी गर्मी निकाल दो … बिना लंड के ये बहुत तंग करती है.

मैं भाभी की चुत में धक्के मारने लगा. मुझे बड़ा मजा आ रहा अथा. मेरे हर धक्के के साथ भाभी के चूचे ऊपर नीचे हो रहे थे.

मैं बीच बीच में भाभी को किस भी कर रहा था. भाभी भी मेरे होंठों को बहुत तेजी से जकड़ कर ऐसे चूस रही थीं मानो वो कई दिनों से प्यासी हों.

भाभी की लगातार सीत्कार निकल रही थी- आह आह … मारो धक्के … बहुत मजा आ रहा है.

ऐसे करते करते भाभी ने मुझको अपनी बांहों में जकड़ लिया और गांड उठाते हुए झड़ गईं.उनकी चुत से रस निकला तो मेरे लंड को बड़ा गर्म गर्म महसूस हुआ.

जब मैंने भाभी से पूछा- ये क्या हुआ भाभी? क्या आपने सुसु कर दी!तब वह हंस कर बोलीं- पागल … जब कोई औरत कई दिनों में चुदती है, तो उसका तेज पानी निकलता है और उसे परम सुख का आनन्द मिलता है. तुम्हारा क्यों रुका है अब तक कैसे नहीं निकल रहा है.

मैंने कहा- हां मुझे खुद समझ नहीं आ रहा है भाभी … जब मैं हाथ से मुठ मारता हूँ … तो 15 मिनट में ही निकल जाता है … आज पता नहीं क्यों नहीं निकल रहा है.फिर भाभी बोलीं- रुक … तेरे लंड का रस अभी निकालती हूँ. चल तू नीचे आ जा.

मैं नीचे लेट गया और भाभी मेरे ऊपर आ गईं.वो अपनी चूत में लंड सैट करके बैठ गईं और गांड हिलाते हुए चुदाई करने लगीं.

उनके इस तरह से करने से उनके दूध मुझे बड़े मस्त लग रहे थे.मैंने भाभी के एक दूध को पकड़ा तो भाभी झुक कर मुझे दूध पिलाने लगीं.

मैं भाभी के दोनों मम्मों को बारी बारी से चूसा. उधर भाभी अपनी गांड उठा उठा कर मेरे लंड पर कूद रही थीं.

पांच मिनट की तेज चुदाई के बाद मैंने अपना पानी उनकी चूत में निकाल प्रिया.भाभी भी मेरे साथ ही झड़ गईं.

हम दोनों को ही बहुत अच्छा महसूस हो रहा था.

भाभी मेरे सीने से चिपक कर तब तक मेरे ऊपर ही लेटी रहीं जब तक लंड अपने आप सुस्त होकर चुत से नहीं निकल गया.

फिर भाभी उठ कर अपनी चूत व मेरे लंड को अपनी पैंटी से साफ करके मेरे पास ही सो गईं.

अचानक रात को मेरी नींद खुल गयी, तो मैं भाभी के स्तन को दबाने लगा.

भाभी उठ गईं और बोलीं- क्या हुआ देवर जी … सोने दो ना!मैंने कहा- भाभी, एक बार और करो ना!भाभी बोलीं- अरे यार … मैं कहां भागी जा रही हूँ. अब तो मैं आपकी ही हूँ. जब मन करे तब चुदाई कर लेना. अपनी इस वाइफ को जब चाहे तब चोद लेना. आज से तुम ही तो मेरे पति हो.

मगर मैं नहीं माना. तो भाभी अपनी चूत चुदाई के लिए राजी हो गईं.उस रात हमने फिर से चुदाई की.

अब हम देवर भाभी रोज रात को चुदाई करते थे और दिन में जब भी मौका मिलता तो किस कर लेते थे.भाभी की चूत चोद चोद कर पता ही नहीं कब मेरा लंड बढ़ कर 6 इंच का हो गया.

अब तो मेरी भाभी और भी ज्यादा सेक्सी हो गयी हैं … औरमेरे लंड की दीवानीभी.

इसके बाद मैंने भाभी के अलावा दो और भाभी व एक मौसी को भी चोदा, वो सब मैं अगली सेक्स कहानी में लिखूंगा.दोस्तो, मेरी सच्ची देवर भाभी की सेक्सी कहानी आपको कैसी लगी. प्लीज़ ईमेल करके जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

कहानी पर अपनी प्रतिक्रिया दें (React to Story)

इसी श्रेणी से अन्य कहानियाँ

Behen Ki Shaadi Me Bhabhi Ki Chudai
भाभी की चुदाई

Behen Ki Shaadi Me Bhabhi Ki Chudai

Hello dosto is kahani me main kuch mixs nhi kr rha jaisa gtna mere sath hua main same to same likhne wala hu kyuki main yhaa khani nhi likh rha bulki jo mere sath hua wo share kr rha hu.

9 मिनट 929
अपनी सगी भाभी को पटा कर चोदा
भाभी की चुदाई

अपनी सगी भाभी को पटा कर चोदा

मेरा नाम देवीप्रकाश (बदला हुआ नाम) है और मैं 20 साल का हूँ. मेरे लंड की साइज लगभग 9 इंच होगी. मैं दिखने में एक साधारण जवान लड़के की तरह हूँ.

11 मिनट 919
Poonam Bhabhi Ki Chudai – Part 2
भाभी की चुदाई

Poonam Bhabhi Ki Chudai – Part 2

Helo dosto ek war fir se apke sath share karne ke lyi new story leke aya hu .Apne meripichli storymein pda tha ki kese meri mulakat poonam bhabhi se hui thi . Uska mein je dusra part likh raha hu . Chlo bore na krte huye sidha hindi sex story pe a...

10 मिनट 1,159

पाठकों की राय

0 टिप्पणियां
इस कहानी पर अभी तक कोई टिप्पणी नहीं है। पहली टिप्पणी करें!
🔒 सुरक्षा कारणों से कॉपी करने की अनुमति नहीं है।