देसी चाची Xxx चुदाई कहानी में एक दिन मेरी चाची ने मेरे होंठों को चूम लिया. उसके बाद मैंने भी मौक़ा देखकर चाची को किस किया. उसके बाद चची गर्म हो गयी. मैंने चाची को कैसे चोदा?
मेरा नाम अमित है मेरी उम्र उस समय 19 साल की थी.
और मेरी चाची की उम्र शायद 24 साल की रही होगी।वो दिखने में एकदम मस्त माल लगती थी।जो भी उसे देखता, उसका लौड़ा तुरंत खड़ा हो जाता होगा।
चाची का बदन गोरा था, उनका फिगर लगभग 34-32-34 का होगा।उनकी भरी हुई चूचियां ऐसी थीं कि मन करता था, अभी पटक कर चोद दूं।
देसी चाची Xxx चुदाई कहानी कुछ ऐसे शुरू हुई कि एक दिन बड़ी चाची की लड़की को गोद में लेकर चाची उसे खिला रही थीं।तभी मैं वहां पहुंच गया।
वो उसे चूम रही थीं और फिर मेरी तरफ देखकर बोलीं, “तुमको हम चुम्मा ले सकते हैं?”मैंने कहा, “हां, ले सकती हो!”
चाची मुझे अपने बेटे की तरह मानती थीं क्योंकि उनकी कोई औलाद नहीं थी।
उन्होंने मुझे पास बुलाया और पूछा, “सच में ऐसा कर सकती हूं?”मैंने कहा, “हां, बिल्कुल कर सकती हो!”
फिर उन्होंने मेरे माथे को चूमा और बोलीं, “होठों पर भी कर लूं?”मैंने कहा, “कर सकती हो, रोका किसने है!”
उन्होंने मेरे होठों पर किस किया, और फिर हम अलग हो गए।
एक दिन हमें चाची को दिखाने जाना था।उनको ऊपरी बीमारी थी, और हम सब साइकिल से जा रहे थे—मैं, चाचा जी, चाची, और उनकी बहन।साइकिल पर चाची के साथ बैठा था.
तो मैंने कहा, “जब तुमने मुझे किस किया था, मुझे बहुत मजा आया था!”वो बोलीं, “अच्छा, सच में?”मैंने कहा, “हां, सच में! बहुत मजा आया था!”
दो घंटे साइकिल चलाने के बाद हम पहुंच गए।
शाम को चाची को दिखाया गया।रात ज्यादा हो जाने की वजह से हमें वहीं रुकना पड़ा।
वहां एक कच्चा घर था, जिसमें टीवी लगी थी।कमरे में जगह कम थी इसलिए सब एक-दूसरे से सटकर लेटे थे।
रात के करीब 12 बजे टीवी बंद हुई, और लाइट ऑफ करके सब सोने लगे।
मैं और चाची पास-पास लेटे थे।मैं चाची से चिपक कर लेट गया और हम दोनों किस करने लगे।
काफी देर किस करने के बाद हम दोनों का मूड बन गया।मुझे चाची को चोदने का पूरा मन हो गया, पर मुझे नहीं पता था कि चुदाई कैसे होती है।
चाची ने किस करते हुए कहा, “अब रहने दो, रात बहुत हो गई है। सो जाओ!”मैंने कहा, “नहीं, अभी और!”
वो बोलीं, “नहीं, मुझे कुछ-कुछ होने लगता है!”मैंने पूछा, “क्या होने लगता है?”
वो बोलीं, “मेरा चुदाई करवाने का मन करता है!”मैंने कहा, “तो क्या हुआ, कर डालो! रोका किसने है?”वो बोलीं, “नहीं, वो सब नहीं!”
मैंने जिद की, “नहीं, हमें करना है!”मेरे ज्यादा जिद करने पर वो मान गईं और बोलीं, “सिर्फ एक बार, और इसके बाद फिर कभी नहीं, ठीक है?”मैंने कहा, “ठीक है!”
फिर उन्होंने मेरी पैंट खोलकर मेरा लंड निकाला और अपनी अंडरवीयर उतार दी।
उन्होंने मेरा लंड पकड़कर अपनी बुर में डाला और कहा, “तुम इसे अंदर-बाहर करते रहो!”
मैं झटके मारने लगा लेकिन कुछ ही देर में मेरा वीर्य निकल गया।देसी चाची Xxx चुदाई पूरी हुयी, मैंने लंड बाहर निकाला, और फिर हम दोनों सो गए।
सुबह होने पर सब अपने-अपने घर चले गए।
रास्ते में मैंने चाची से कहा, “मेरा बहुत जल्दी हो गया था, कुछ मजा ही नहीं आया। मुझे एक बार और करना है!”वो बोलीं, “नहीं, हमने कहा था ना, सिर्फ एक बार, उसके बाद कभी नहीं!”
मेरे जिद करने पर वो मान गईं और बोलीं, “फिर कभी टाइम मिलेगा तो सोचेंगे, लेकिन घर पर नहीं, ठीक है?”मैंने कहा, “ठीक है!”
घर पहुंचकर साइकिल चलाने की थकान की वजह से हम जल्दी सो गए।
सुबह उठकर फ्रेश हुआ, नहा-धोकर स्कूल चला गया।
चाचा जी उसी स्कूल में पढ़ाते थे.तो वो छूती के बाद देर से आते थे।
यह सोचकर मैं छूटती के बाद सीधा चाची के पास पहुंच गया।
मुझे देखते ही चाची बोलीं, “आ गए बेटा!”यह कहकर उन्होंने मुझे गले लगाया और किस किया।
फिर बोलीं, “चलो, खाना लगा देती हूं, खाना खा लो!”मैंने कहा, “ठीक है!”
लेकिन मेरे दिमाग में बस यही चल रहा था कि कब चाची को चोदने का मौका मिले।
एक दिन हमें फिर से चाची को दिखाने जाना था।
सब लोग गए और रात को वही हुआ।टीवी बंद होने के बाद सब सो गए।
मैं चाची से चिपक कर किस करने लगा।मैंने उनका ब्लाउज खोल दिया।
वो ब्रा नहीं पहनती थीं, उनकी दोनों चूचियां बाहर आ गईं।क्या मस्त मम्मे थे!
खूब दबाने के बाद वो एकदम टाइट हो गए।
मैं उनकी चूचियों को चूसने लगा।चाची भी मस्त मजा लेने लगीं।
फिर मैं उनकी पैंटी में हाथ डालकर उनकी चूत सहलाने लगा।उन्हें बहुत मजा आने लगा; उनकी चूत से पानी निकलने लगा।
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चाची बोलीं, “मेरा पूरा बदन गर्म हो गया है! मुझसे अब रहा नहीं जाता। तुम अपना लंड बाहर निकालो!”
मैंने देर न करते हुए पैंट उतारी और लंड बाहर निकाला।चाची ने मेरा लौड़ा मुंह में लेकर चूसना शुरू किया।
मैं जैसे जन्नत में पहुंच गया।मेरा लौड़ा एकदम टाइट हो गया।
चाची पूरी गर्म हो चुकी थीं।उन्होंने मेरे कान में कहा, “अब मुझसे रहा नहीं जाता! जल्दी से मुझे चोद दो!”
मुझे इस दिन का इंतजार था।चाची ने अपनी पैंटी उतार दी।
मैंने अपना लौड़ा उनकी चूत में सटाया और एक झटके में आधा लंड अंदर चला गया।
चाची बोलीं, “और अंदर तक डालो! तेज चोद डालो! फाड़ दो मेरी चूत! चोदकर भोसड़ा बना दो!”वो वासना के नशे में बड़बड़ाने लगीं।
मैंने कहा, “आज से तुम मेरी चाची नहीं, मेरी बीवी हो! मेरी रंडी बनकर चोदवाओगी, ठीक है?”चाची बोलीं, “हां, मेरे राजा! तुम ही मेरे पति हो! तुम ही मुझे चोदोगे! मैं किसी और से नहीं चोदवाऊंगी, ठीक है!”
ताबड़तोड़ चुदाई के बाद मैंने लौड़ा बाहर निकाला और चाची के मुंह में डाल दिया।उन्होंने लॉलीपॉप की तरह चूसना शुरू किया।
काफी देर चूसने के बाद मैंने लौड़ा निकाला और कहा, “घोड़ी बन जाओ!”
वो तुरंत घोड़ी बन गईं।मैंने पीछे से लौड़ा उनकी चूत में डाल दिया।
आधा घंटा चुदाई करने के बाद मैंने कहा, “मेरा निकलने वाला है, क्या करूं?”चाची बोलीं, “अंदर ही निकाल दो, ठीक है!”
चुदाई के बाद मैं चाची से चिपक कर लेट गया।थोड़ी देर बाद उन्होंने मेरा लौड़ा फिर मुंह में लिया और चूसकर साफ किया।
फिर हम दोनों चिपक कर सो गए।
सुबह नींद खुली तो सब उठ चुके थे।सभी लोग तैयार होकर अपने-अपने घर चले गए।
कुछ दिन बाद फिर मौका मिला।घर में कोई नहीं था।
मैंने चाची से कहा, “आज मैं तुम्हारी चूचियां देखूंगा और चोदूंगा भी!”हमने चाची से कहा,“चाची, आज हम आपकी चूचियों को देखेंगे और चोदेंगे भी!”
उन्होंने जवाब दिया,“नहीं, अभी कोई आ जाएगा!”
हमने कहा,“कोई नहीं है, कौन आएगा?”
फिर हमने उनकी चूचियों को दबाना शुरू कर दिया और पूछा,“खोल दूँ?”
उन्होंने कहा,“हाँ, खोल दो!”
तब मैंने उनके ब्लाउज़ का हुक खोल दिया और उनकी दोनों चूचियाँ बाहर निकाल लीं।उनकी चूचियों को देखते हुए मैंने कहा, “आपकी चूचियाँ कितनी टाइट हैं!”
यह कहते हुए मैंने उनकी चूचियों को और जोर से दबाना शुरू कर दिया।
कुछ देर तक दबाने के बाद मैंने कहा, “चाची, तुम्हारी चूत भी देखूँगा! उस दिन रात में दिखाई नहीं थी, अब देख लूँ!”
चाची ने जवाब दिया, “नहीं, रहने दो!”
मैंने ज़िद की, “नहीं, दिखा दो!”उन्होंने कहा, “ठीक है, देख लो! मैंने पैंटी नहीं पहनी है!”
तब मैंने उनकी साड़ी को ऊपर की तरफ खिसकाया।मुझे उनकी चूत दिखाई दी जो गीली हो चुकी थी।
मैंने कहा, “चाची, आपकी चूत तो गीली हो गई है!”उन्होंने जवाब दिया, “मेरा भी बहुत मन है चुदवाने का! चोद दो मुझे!”
मैंने उन्हें अपनी तरफ खींच लिया और अपने सीने से सटा लिया।फिर मैंने उन्हें किस करना शुरू कर दिया।
कुछ देर किस करने के बाद मैंने चाची को पूरी तरह नंगा कर दिया।मैंने भी अपने कपड़े उतार दिए।
अब हम दोनों एक-दूसरे के सामने पूरी तरह नंगे होकर बिस्तर पर लेट गए।हम 69 की अवस्था में आ गए।
चाची मेरे लंड को चूसने लगीं और मैं उनकी चूत को चाटने लगा।दोनों गर्म हो गए।
तब चाची ने कहा, “मेरी चूत में लंड डाल दो! फाड़ दो मेरी चूत! भोसड़ा बना दो इसे! आज से ये तुम्हारे लंड की दीवानी हो गई है!”
मैंने अपने लंड का सुपाड़ा चाची की चूत से सटाया और एक ही झटके में पूरा लंड अंदर तक घुसा दिया।
काफी देर तक चुदाई करने के बाद मैंने अपना लंड उनकी दोनों चूचियों पर रख दिया और कहा, “इसे चाटो, तभी तुम्हें चोदूँगा!”उन्होंने कहा, ” जो कहोगे वो करूंगी. बस आज चोद दो. बहुत दिनों से प्यासी हूं. तुम्हारे चाचा ठीक से चोद ही नहीं पाते.”
तभी मैं अपने लन्ड को उनकी चूत में डालकर फिर से चोदने लगा.
आधे घण्टे चुदाई करने के बाद हम दोनों एक साथ ही झड़ गए।हम दोनों ऐसे ही लेट गए और सो गए.
जब नींद खुली तो काफी शाम हो चुकी थी, सबके आने का टाइम हो गया था.
फिर हमने अपने अपने कपड़े पहने और मैं बाहर आ गया।
इसके बाद चाची कीजबरदस्त चुदाईकैसे की?वो अगली कहानी में!यह देसी चाची Xxx चुदाई कहानी आपको कैसी लगी?मुझे मेल और कमेंट्स में बताएंsupport@mohakkisse.com