कपल स्वैप स्टोरी में दो कपल में दोस्त थे, खूब पार्टी करते थे. एक रात खूब दारू पीकर चारों एक साथ बाथरूम में घुस कर नंगे नहाने लगे. उसके बाद क्या हुआ?
कहानी के पहले भागपश्चिमी संस्कृति से पीछे रह गए पारिवारिक मूल्यमें आपने पढ़ा कि आधुनिक दिखने की होड़ में बच्चों को जरूरत से ज्यादा स्वछंद बनाने का परिणाम यह हुआ कि घर की बेटी बिगड़ गई, पार्टियों में शराब पीकर देर से गैर लड़कों के साथ घर आने लगी.तो उसकी शादी कर दी गयी.
अब आगे कपल स्वैप स्टोरी:
कपूर साहब और कामिनी तो इंग्लॅण्ड ही शिफ्ट हो गये.उनकी कोठी में आलोक और अंजली रहने लगे.
ठीक भी था, आलोक के घर पर रोज की पार्टी और शराब और शवाब का नंगा डांस संभव नहीं था.
आलोक और अंजली दोनों को ही अभी बच्चों के चक्कर में नहीं पड़ना था.
अब तो हफ्ते में दो रात उनकी कोठी पर पार्टी होने लगी, बाकी दिनों में भी दोनों की रात किसी पब या क्लब में ही बीतती.
कोठी की पार्टी ज्यादा वाइल्ड होतीं.वहां चूमाचाटी और लिपटा लिपटी पर किसी को ज्यादा ऐतराज नहीं होता था.वहां आलोक के दो तीन ख़ास दोस्त ही होते.
अंजली को आलोक की चेतावनी हमेशा याद रहती थी, वरना तो वो तो किसी मर्द को नजदीकी के लिए कभी मना करती ही नहीं थी.हाँ अब भी घर की पार्टी में जब कुछ सेकंड के लिए लाइट बंद होती तो सबसे ज्यादा वाइल्ड अंजली ही होती.
ऐसे ही जिन्दगी के दो तीन साल निकल गये.
अब आलोक और अंजली बच्चे के लिए हुड़कने लगे.आलोक का एक ख़ास दोस्त था अजय और उसकी पत्नी रूपा.
ये सभी लगभग एक ही एज-ग्रुप के थे.
अजय और रूपा के भी कोई बच्चा नहीं था.वो भी अब बच्चा चाहते थे.
इन चारों की आपस में खूब पटती थी.
एक रात आलोक को अंजली ने बताया कि रूपा और अजय भी कुछ महीनों से बच्चे की कोशिश कर रहे हैं.सेक्स के दौरान आलोक ने अंजली को ऊपर आने को कहा तो अंजली बोली- अब जब तक मैं कंसीव नहीं करती, तुम ही ऊपर आया करो.ऐसा उसे रूपा ने बताया होगा.
अगले शनिवार की पार्टी में केवल अजय और रूपा ही आये.वो लोग अकेले फ्लैट में रहते थे तो कुछ भी कपड़े पहन कर आ जाते थे.
रूपा भी बहुत सेक्सी थी.अंजली और रूपा ने दिन में ही बात कर ली थीं कि आज शोर्ट फ्रॉक और ढीला ढाला टॉप पहनना है.
रात को सबका मूड अच्छा बना हुआ था.अंजली और रूपा दोनों ही मूड में थीं और ज्यादा ही हॉट लग रही थीं.
एक पेग और स्नाक्स के बाद अंजली ने लाइट धीमी कर दी और डांस म्यूजिक लगा प्रिया.अजय और आलोक पीने में लगे थे तो अंजली और रूपा डांस करने लगी.
माहौल गर्म था.अंजली ने रूपा को चिपटा लिया और होंठ से होंठ मिला दिए.अब तो उनकी ये हालत देख कर अजय और आलोक का बम्बू भी तम्बू बन गया.
आलोक बोला- यार, आज ये दोनों मूड में हैं, चल कुछ नया ट्राई करते हैं.अजय ने भी आँखें चमका कर कहा- हाँ यार, आज तो ऐसा लगता ही कि मुझे तुझे ही गांड मारनी पड़ेगी, ये दोनों तो आपस में ही निबट लेंगी, हमें छूने ही नहीं देंगी.
आलोक ने एक लंबा घूँट मारा और कहा- तुम दोनों आज रात यहीं सोना. कुछ नया करते हैं.
दोनों ने एक नया पेग बना लिया.
अब आलोक बोला- दोनों अलग लग बेड रूम में सोयेंगे मगर किवाड़ खोल कर.अजय हँसते हुए बोला- अपनी अपनी पार्टनर के साथ या बदल कर?आलोक हंस प्रिया और बोला- यार तूने तो दिल की बात कह दी. पता नहीं ये लड़कियां मानेंगी या नहीं.
दोनों ने लड़कियों को पास बुला लिया और उन्हें ड्रिंक्स बना कर दीं.
अंजली बोली- हमें नहीं पीना. हमारा तो हो गया.आलोक बोला- अब बना प्रिया है तो पी लो, फिर लाइट बंद करके डांस करेंगे.
रूपा हंसी- लाइट बंद करके क्यों?अजय बोला- क्योंकि अपन लोग पार्टनर बदल कर डांस करेंगे.
अबकी अंजली हँसते हुए बोली- तो ठीक है. पार्टनर बदल लेते हैं. हमने तो डांस कर लिया, अब तुम और आलोक कर लो.सब हंस दिए.
ड्रिंक्स ख़त्म होने पर फिर डांस चालू हो गया.अबकी बार आलोक की बाहों में रूपा थी और अजय के साथ अंजली.
आलोक ने लाइट बहुत धीमी बस न के बराबर कर दी थी.पहली बार था जब पतियों की रजामंदी या कहने पर पत्नियां गैर मर्दों की बाहों में थीं.
माहौल गरमा गया.नजदीकी बढ़ती गयी.
अब दोनों जोड़े लगभग एक दूसरे से चिपटे हुए थे.एक दूसरे की गर्म साँसें महसूस हो रही थीं.ऐसा लगा कि कभी कभी होंठ भी मिल गये.
बात कुछ आगे बढ़ती … पर अंजली ने कहा- डिनर कर लो, भूख लगी है.सब होश में आये.लाइट ऑन हो गयी.
सब लोग डिनर टेबल पर आ गये.
डिनर निबटाते निबटाते रात के 11 बज बज गये.
अजय और रूपा बोले- अब हम चलेंगे.आलोक ने कहा- अभी तो बात हुई थीं कि आज रात तुम लोग यहीं सो जाओ.
अंजली के लिए ये खबर नयी थी.पर वो बहुत चहकी और रूपा से बोली- कल तो सन्डे है. रुक जा न यहीं पर. दो बेड रूम हैं ही.अजय बोला- क्यों हम एक ही बेड पर नहीं सो सकते?सब हंस पड़े.
खैर ये तय हो गया कि वे लोग रात को यहीं सोयेंगे.
अंजली ने रूपा को एक हलकी सी फ्रॉक और अजय को एक बरमुडा और टी शर्ट दे दी.वो दोनों अपने रूम में चले गये.
आलोक ने अंजली को चिपटाते हुए कहा- क्यों न हम चारों एक साथ नहायें.अंजली बोली- पागल हो गये हो?
आलोक बोला- क्यों, क्या हम दोनों ने ही अपने दोनों के अलावा किसी और के साथ मस्ती नहीं की और फिर ये तो सिर्फ साथ नहाने की बात है, इससे ज्यादा कुछ नहीं.अंजली बोली की पता नहीं वो दोनों तैयार होंगे या नहीं और फिर बाथरूम में सेक्स शुरू हो गया तो?आलोक बोला- नहीं, ये तय कर लेंगे कि ऐसा कुछ नहीं होगा.
दोनों दूसरे कमरे में गए.आलोक ने जाते ही कहा- हम दोनों का मन है कि तुम दोनों हमारे साथ ही शावर लो. एक साथ. और ये तय है की वाशरूम की लाइट पूरी बंद होंगी और कोई सेक्स नहीं होगा. सोच लो, हम इंतज़ार कर रहे हैं. मन न करे तो मत आना.कह कर दोनों वापिस अपने रूम में आ गये.
दो मिनट तक उनके रूम में कोई नहीं आया.बल्कि अजय के रूम की लाइट बंद हो गयी.
आलोक ने भी अपने रूम की लाइट बंद कर दी.अब हर ओर अन्धेरा था.
आलोक ने अंजली का हाथ थामा और बोला- चलो शावर लेते हैं.दोनों शावर के नीचे खड़े हो गये.
मन में ख़ुशी कम थी पर जिस्म की आग भड़की हुई थी.दोनों लिपटे हुए एक दूसरे को चूम रहे थे.
तभी गेट पर हलकी सी आहट हुई और फिर रूपा की आवाज आई- अरे हमारा इंतज़ार भी नहीं किया?रूपा और अजय हँसते हुए उनके पास आ गये.
अंजली ने रूपा को लिपटा लियी अपने से.रूपा भी नंगी ही थी.
अब चारों शावर के नीचे आने लगे. अंजली ने हैण्ड शावर से सबको भिगो प्रिया.
शावर की धार का घेरा कम था.चारों नीचे आना चाह रहे थे.नतीजन चारों आपस में टकरा रहे थे.
पहले तो सभी को संकोच हुआ फिर जिस्म की आग और अंदर उठती कामवासना ने उन्हें बेशर्म कर प्रिया. अब दोनों जोड़े आपस में लिपटने लगे.
मर्दों के लंड रगड़े जाने लगे और लड़कियों के मम्मे मसले जाने लगे.होंठ और जीभे आपस में जुगलबंदी करने लगीं.
थोड़ी देर में ही अंजली की कसमसाहट की आवाज आई- आलोक अब बर्दाश्त नहीं हो रहा. इन्हें भी जाने दो और चलो बेड पर.रूपा भी बोली- आज तो तुम लोगों ने ऐसी आग भड़का दी कि अपने पर से काबू नहीं हो पा रहा. दोनों ने मुझे आगे पीछे से जकड़ प्रिया. सच कहूं तो मन किया कि बेशर्म होकर कहूं कि दोनों अंदर आ जाएँ. अब या तो चलो बेड पर या मैं तो यहीं लेट जाती हूँ, कोई भी आ जाओ.
सब हंस पड़े.
अजय बोला- क्यों न एक और एक्सपेरिमेंट करें. चारों बाहर चलते हैं. जिस लड़के के हाथ में जिस लड़की का हाथ आ जाएगा वो उसके साथ ही सोने चला जाएगा. बोलो मंजूर?अब अंजली बोली- यार बात घुमा फिरा कर क्यों कहना. अभी अभी तुमने मेरी चूत में उंगली की, बोली की या नहीं?अजय हँसते हुए बोला- हाँ की. अब अँधेरे में मुझे क्या मालूम कि वो तुम थी या रूपा.
रूपा बोली- तुम दोनों ज्यादा सीधे मत बनो. आलोक ने मेरे मम्मे इतने जोर से चूसे. वो तो मैंने भी इसका लंड कस के मसल प्रिया, वरना तो ये मुझे छोड़ता ही नहीं.अंजली बोली- फिर हम चारों आज अदल-बदल कर सेक्स करेंगे पूरी रात.
पर रूपा बोली- यार हमारे पास तो प्रोटेक्शन ही नहीं है.अंजली बोली- अब प्रोटेक्शन न तुम यूज करती हो न मैं. शायद अदला बदली के सेक्स से कुछ बात बन जाए.
सब चिहुंक कर खुश थे.जोरदार चीयर्स हुई और दोनों जोड़े पार्टनर्स बदल कर अपने अपने बेड पर पहुँच गये.
रूपा तो यहीं आलोक के पास रूक गयी और अजय के साथ अंजली चली गयी.
रूपा बेड पर टांगें खोल कर लेट गयी मानो आलोक को बुला रही हो कि आओ चुदाई शुरू करें.
आलोक तो कब से रूपा का दीवाना था.आज मौक़ा मिला तो जोश में था.वह लपक कर बेड पर पहुंचा और रूपा के होंठों से होंठ जड़ दिए.
उसका एक हाथ रूपा की चूत पर गया.वहां उसे ज्यादा ही गीलापन महसूस हुआ.रूपा चुदासी हो रही थी.
आलोक नीचे खिसका और रूपा की चूत की फांकों के बीच मुंह दे प्रिया.उसकी जीभ मखमली गुफा की दीवारों को चाटती चूमती अंदर हो गयी.
रूपा ने भी अपनी उँगलियों से फांकें चौड़ा दीं.आलोक खूब थूक छोड़ता हुआ चूस रहा था फांकों को.
रूपा जल बिन मछली की तरह तड़प रही थी.आलोक ने उसकी चूत में आग लगा दी थी.
रूपा ने आलोक के बाल पकड़ कर खींचे और बोली- मुझे भी चूसना है तुम्हारा.आलोक 69 हो गया.
अब दोनों की जीभें मचल रही थीं और एक दूसरे को बेकरार कर रही थीं.आलोक को लगा कि अगर उसने रूपा को नहीं हटाया तो वो उसका अपने मुंह में ही निकाल देगी.
दूसरे कमरे से अंजली की आह उह जोरों से आ रही थी.लगता है वे दोनों बिना देर किये सीधे चुदाई में लग गये थे.
असल में नहाते समय अजय ने अंजली की चूत अच्छे से रगड़ी थी.अंजली ने उसका लंड भी पकड़ कर मसला था.
अजय का लंड आलोक के लंड के मुकाबले मोटा था तो अंजली बेड पर आते ही अजय के मोटे लंड का मजा लेने के लिए ऊपर चढ़ गयी और उसके लंड पर मुंह से ढेर सारा थूक लगाते हुए उसे अपनी चूत में कर लिया और लगी उछलने.अजय भी उसके मटकते मम्मों को बार बार मसल रहा था.
अंजली के लिए गैर मर्द से चुदाई पहली नहीं थी, पर अजय के लिए शायद पहला मौक़ा था.
अब वो भी ऊपर आना चाहता था.उसने अंजली को नीचे कर प्रिया और फिर उसकी चूत में मुंह दे प्रिया.
अंजली की चूत पूरी खुली हुई थी और पूरी गीली थी पहले से ही.पर पराया मर्द तो पराया ही होता है.अंजली को भी बहुत दिनों बाद नया लंड मिला था.
अजय की जीभ उसकी चूत में गहराई तक उतरी.उसका थूक चूत से बाहर आ रहा था.अजय ने अपनी दो उंगलियाँ उसकीं चूत में करके मसाज शुरू कर दी.
अंजली की आहें जोर से निकलने लगीं.अंजली चुदते समय शोर बहुत करती थी.
थूक चूत से बाहर निकला तो अजय ने थूक से लिपटी एक उंगली उसकी गांड में घुसा दी.अंजली चीखी, बोली- पीछे नहीं. मुझे दर्द होता है. अब तुम ऊपर आ जाओ.
अजय ने उसकी टांगें ऊपर करके फैलायीं और अपना लंड अंजली की चूत के मुहाने पर रखा और रगड़ने लगा.अंजली बोली- अंदर करो, मेरी चूत में तो चीटियाँ सी चल रही हैं.
अजय ने पेल प्रिया अपना मूसल बिना देर किये.अंजली सिहरी और जोर से आह निकाली.
अजय के धक्के बढ़ते गये और अंजली उसका पूरा साथ देने लगी.अजय ने उसके मम्मे बिल्कुल लाल कर दिए थे.
अंजली अब उसकी कमर पर हाथ रखे उसे जकड़े थी.अजय की पीठ पर उसके नाखूनों की धारियां बनी हुई थीं.
कपल स्वैप सेक्स में अंजली को बहुत मजा आ रहा था.
अब चुदाई का एक सेशन पूरा होने को था.अजय ने अंजली से पूछा- कहाँ निकालूं?अंजली ने उसे कस के लिपटा लिया और कसमसा कर बोली- अंदर ही निकालो. एक भी कतरा बाहर न जाए और ऐसे ही पड़े रहना.
अजय ने सारा माल उसकी चूत में निकाल प्रिया और उसके ऊपर ही लुढ़क गया.
दूसरे कमरे में भी तूफ़ान आया हुआ था.
अंजली की कसमसाहट की आवाजें इतनी जोर से आ रही थीं उन तक कि अब आलोक भी रूपा की चूत में पेलम पाल में लग गया था.
रूपा बहुत सेक्सी थी, उसे चुदाई का बहुत शौक था, पर उसने भी अभी तक किसी गैर मर्द का लंड नहीं लिया था.
वो आज रात पराये मर्द से चुदाई का पूरा लुत्फ़ उठाने के मूड में थी.कोई शर्म या डर तो था नहीं. विवक उसके ऊपर चढ़ा हुआ था.
उसने आलोक के बाल पकड़कर उसे अपने ऊपर लिटा सा लिया.आलोक उसके ऊपर लेटा हुआ मछली-सा तैर रहा था.उसकी छाती से रूपा के मम्मे दबे हुए थे.दोनों की जीभें एक दूसरे के मुंह में घुसी हुई थीं.
आलोक ने चूम चूम कर रूपा की गर्दन पर कई जगह लाल निशान बना दिए थे.और रूपा भी कम नहीं थी, उसने तो आलोक की पीठ पर धारियां बना दी थीं.उसके नाख़ून लम्बे और नुकीले थे.
आलोक का लंड पूरी गहराई तक नीचे उतरा हुआ था.धक्के जोरों पर नहीं थे पर लंड और चूत का मिलन बड़ा रसीला था.
रूपा की चूत पानी बहा चुकी थी.अब अचानक आलोक ऊपर उठा और रूपा के टखनों को पकड़कर जोरदार तरीके से धक्के लगाने शुरू कर दिए.
अब रूपा भी जोर जोर से हर धक्के के साथ आह उह करने लगी.आलोक के धक्कों में दम था.वो भी दूसरे की बीवी को दमदार तरीके से चोदकर उस पर अपना प्रभाव बनाना चाह रहा था.
आलोक ने थका प्रिया रूपा को.रूपा कसमसाते हुए बोली- बाहर मत निकालना. आज मेरी चूत की गोद भर दो.
आलोक ने फाइनल राउंड लगाते हुए एक जोरदार धक्के से सारा माल रूपा की चूत में निकाल प्रिया.रूपा ने उसे कस के जकड़ लिया.
देर रात तक चुदाई को अंजाम देते हुए दोनों जोड़े लगभग 2 बजे करीब सोये.तो सुबह 8 बजे करीब अंजली की आँख खुली.उसने कपड़े तो पहने नहीं थे.
वो टॉवेल लपेट कर अपने रूम में आई कपड़े लेने.
वहां रूपा और आलोक जगे हुए थे और मूड में थे.रूपा आलोक का लंड चूस रही थी.
अंजली मुस्कुरा दी.वो टॉवेल उतार कर आलोक के मुंह पर घुटनों के बल बैठ गयी.अब आलोक की जीभ उसकी चूत में थी.
अंजली भी गर्म हो गयी; वो अपने मम्मे मसलने लगी.तभी अजय भी नंग धड़ंग आ गया.
सीन देखकर उसका भी लंड तन गया.वो रूपा के पीछे आया और उसने अपने लंड और रूपा की चूत पर थूक लगाया और घुसेड़ प्रिया अंदर.
अब तो इन चारों का ये हर शनिवार का शगल हो गया.अब तो ये अलग अलग रूम में भी नहीं जाते थे, शुरुआत एक ही बेड पर करते.
अंजली तो माहिर थी चुदाई की … वो तो एक साथ अजय और आलोक को भी अंदर कर लेती.कुल मिलाकर अब उनके बीच कोई शर्म नाम की चीज नहीं थी.
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कपल स्वैप स्टोरी का अगला भाग:चुदाई का फैशन- 3