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पहली बार चुदाई पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,069 बार

चूत चुदाई की चाहत में चूत फ़टी

हर्षिता अग्रवाल

06 Nov 2014 को प्रकाशित

चूत चुदाई की चाहत में चूत फ़टी
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मेरी सेक्स स्टोरी आपके सामने पेश कर रही हूँ, यह मेरी चूत की पहली चुदाई की कहानी है।

बात पिछले महीने की ही है.. एक लड़का जिसका नाम रोहित (बदला हुआ नाम) है, दो साल से मेरे पीछे पड़ा हुआ था.. मगर मैं उसे लिफ्ट नहीं देती थी। मगर फिर भी वो मेरे ऊपर जान छिड़कता था और मुझे कभी कोई तकलीफ में देखता.. तो तुरंत किसी न किसी तरह मेरी मदद कर देता।मैं उसके इतना करने पर भी उसको लिफ्ट नहीं देती थी।

फिर अचानक एक दिन जैसे मेरी ज़िन्दगी ही बदल गई।हुआ यूँ कि एक दिन कुछ लड़के मुझे रास्ते में छेड़ रहे थे.. तभी रोहित वहाँ पहुँच गया और उसने उन लड़कों की जम कर पिटाई कर दी और बिना मुझसे कुछ कहे जाने लगा मगर मैंने उसे रोक कर कहा- रोहित मैं तुमसे प्यार करती हूँ। तो जैसे उसको ज़िन्दगी मिल गई हो।

इसके बाद हम दोनों एक-दूसरे को बस आँखों से निहारते रहे और फिर हम अपने-अपने घर चले गए। इसके बाद हमारी फ़ोन पर बात होने लगी।

एक दिन मैंने रोहित से कहा- मैं तुमसे मिलना चाहती हूँ..तो उसने तुरंत कहा- ठीक है..

अगले दिन हम एक पार्क में मिले और एक दूसरे को गले लगाया। उसके गले लगते ही जैसे मेरे बदन में सनसनी फ़ैल गई और मैंने उसके होंठों को चूम लिया। उसने भी मेरा साथ देते हुए जवाब में मेरे होंठ चूसने लगा।अब पता नहीं क्यों.. मुझसे रहा नहीं जा रहा था.. तो मैंने उससे कहा- रोहित किसी ऐसी जगह पर चलो.. जहाँ हमारे सिवा और कोई न हो।

तो वो मुझे अपने एक फ्रेंड के घर ले गया। वहाँ पहुँचने पर रोहित के दोस्त ने हमें बाहर का एक कमरा प्रिया और खुद अन्दर चला गया।रोहित को अपने सामने अकेले कमरे में पाकर मैं खुद को रोक नहीं पाई और उसे बेतहाशा चूमने लगी, रोहित भी मुझे चूमने लगा।

फिर मैंने रोहित से कहा- रोहित मैंने तुम्हें बहुत तड़पाया है.. पर अब और नहीं.. तुम्हारी हर्षिता तुम्हारे सामने है.. आज मैं सिर्फ तुम्हारी हो जाना चाहती हूँ।

इतना सुनते ही रोहित ने मुझे पास के बिस्तर पर लिटा प्रिया और मेरे ऊपर आकर मेरे होंठों को चूसने लगा, उसके दोनों हाथ मेरी चूचियों को टी-शर्ट के ऊपर से ही दबा रहे थे।

अब मुझ पर मदहोशी छाने लगी और मैंने रोहित से कहा- मुझे कुछ हो रहा है.. अब कुछ करो ना।

तो रोहित ने झट से मेरी टी-शर्ट को उतार प्रिया और मेरी ब्रा से मेरी चूचियों को आजाद करके उनके साथ खेलने लगा।

उस दिन मैं अपने पूरे बदन की वैक्सिंग करके गई थी और चूत के बाल भी एकदम साफ़ कर लिए थे, मेरी चिकनी चूत चमक रही थी!

मैं मदहोशी के आलम में अपना होश खो बैठी और मुझे पता भी नहीं चला कि कब उसने मेरी जीन्स उतारी और मेरी बुर के ऊपर उसकी उँगलियों को महसूस करते हुए ही मुझे होश आया।

अब मैं और बर्दाश्त नहीं कर सकती थी.. मैंने रोहित से कहा- जितना मैंने तुमको दो साल में तड़पाया है.. वो सब तो तुमने अभी सूद के साथ वसूल कर लिया है। अब और मत तड़पाओ मुझे..

रोहित भी मुझे अब चोदना ही चाहता था और उसने मेरी दोनों टांगें फैला कर अपना लंड मेरी बुर पर रखते हुए उसे अन्दर घुसाने लगा। मगर उसका लंड मेरी बुर में नहीं जा सका।काफी मशक्कत के बाद एक जोर के झटके ने मेरी जान ही निकाल दी, उसका लंड दो इंच तक मेरी बुर में घुस चुका था, मेरी आँखों से आंसू निकल रहे थे, मेरी बुर से रक्तधार निकल पड़ी थी।

मैं भारी दर्द से तड़फते हुए उसको बाहर निकलने का आग्रह करती रही.. मगर वो मुझे पेलता गया। कुछ देर बाद मुझे भी मज़ा आने लगा और लगभग 10 मिनट की चुदाई के बाद हम दोनों झड़ गए।रोहित मेरी बुर में ही अपना सारा वीर्य डाल चुका था।

इस चुदाई के बाद हम वहाँ से निकले और रोहित ने मुझे एक आइपिल खिलाई। इसके बाद हम अपने-अपने घर चले गए और इसके बाद तो अब भी हम दोनों जब भी मौका मिलता है.. चुदाई कर ही लेते हैं।

रोहित के साथ अपनी अगली चुदाई के बारे में मैं अगली कहानी में बताऊँगी.. तब तक के लिए गुड बाय।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी मुझे मेल करें।support@mohakkisse.com

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