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मैं भी उसकी बाहों में सिमट गई

रीना गुप्ता

01 Oct 2024 को प्रकाशित

मैं भी उसकी बाहों में सिमट गई
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मेरा नाम रीना (बदला हुआ) है। मैं एक खुशहाल शादीशुदा छत्तीस साल की घरेलू महिला हूँ। मैं दिखने में कोई ज्यादा ख़ास नहीं हूँ, मेरा रंग भी सांवला है, हालाँकि मेरे फीचर्स और फिगर ठीक है, थोड़ी मोटी हूँ लेकिन औरतों में थोड़ा मोटापा अच्छा ही दिखता है।

मेरे दो बच्चे हैं, एक बेटा जो आठ साल का है और एक बेटी है चार साल की। मेरे पति मुझसे चार साल बड़े है उनकी उम्र चालीस साल है। मेरे पति प्राइवेट नौकरी में है वो मेडिकल लाइन में एम.आर. हैं और उनका वेतन भी अच्छा है मतलब हम पैसे से भी अच्छे हैं।

यह मेरी पहली कहानी है और मेरे साथ कुछ ऐसा हुआ कि मुझे लगा कि आप सबसे मुझे यह कहानी शेयर करनी चाहिए खासकर मेरे जैसी उन शादीशुदा औरतों से जो ये कहानियाँ पढ़ने में रुचि रखती हैं क्योकि इस समय मैं बहुत बड़ी परेशानी में से गुजर रही हूँ और मुझे आपकी सलाह की जरूरत है, शायद आपकी सलाह मेरी परेशानी ख़त्म कर दे, इसलिए मैं अपनी जिंदगी की यह गुप्त कहानी लिख रही हूँ!

यह मेरी सच्ची कहानी है, इसमें कुछ भी झूठ नहीं है, सिर्फ मेरा नाम बदला है, बाकी जगह से लेकर हर चीज मेरी जिंदगी की सच्ची घटना है, कृपया जो भी महिलायें, लड़कियाँ यह कहानी पढ़ रही हैं, मुझे अच्छी सलाह दें। कृपया सिर्फ महिलायें और लड़कियाँ ही मुझे अपनी सलाह मेल करें, कोई पुरुष मुझे अपने विचार मेल न करे क्योंकि एक औरत को सिर्फ एक औरत ही समझ सकती है!

यह बात आज से एक साल पहले की है।

क्योंकि मेरे पति की प्राइवेट नौकरी है तो उनका ट्रांसफर चंडीगढ़ से कोटा (राजस्थान) में हुआ और मैं भी उनके साथ रहने के लिए कोटा आ गई!

कोटा एक अच्छा शहर है। हमने एक घर स्टेशन साइड की तरफ किराये से ले लिया।

मेरे पति सुबह दस बजे अपनी नौकरी पर चले जाते थे और रात में देर से ही आते क्योंकि पूरे जिले का काम उनके ऊपर था और हफ्ते में दो दिन उनका कोटा के बाहर टूर रहता था तो दो दिन में अकेली ही रहती थी क्योंकि कोटा में हमारा कोई रिश्तेदार भी नहीं था!

मेरी जिन्दगी सामान्य एकरस सी चल रही थी, सुबह बच्चों को तैयार करना, स्कूल भेजना और खुद को दिन भर घर के कामों में व्यस्त रखना।

हालांकि शादी के पहले मेरा एक बॉयफ्रेंड था लेकिन मैंने कभी उसके साथ सेक्स नहीं किया था। हम सिर्फ किसिंग तक ही सीमित थे और शादी के बाद मेरा कभी कोई अफेयर नहीं रहा !

मेरे पति मोटे है और हमारी सेक्स लाइफ बस ठीक-ठाक सी है, हम हफ्ते में मुश्किल से एक बार ही सेक्स करते हैं लेकिन वो जल्दी थक जाते हैं इसलिए मैंने भी सेक्स में अपनी रुचि कम कर दी।

तो कोटा आने के एक महीने बाद में स्टेशन के मार्केट में साड़ी लेने एक शोरूम में गई, वहाँ मैं साड़ी पसंद कर रही थी लेकिन एक और युगल भी वहाँ साड़ी ले रहा था, ऐसा लगा जैसे उनकी शादी को ज्यादा टाइम नहीं हुआ है, उस युगल में पति उसकी उम्र अट्ठाइस या उनतीस साल की होगी, वो दिखने में स्मार्ट था हालांकि उसकी बीवी मेरी तरह साधारण ही थी।

मैं अपनी बेटी के साथ थी, मैंने नोटिस किया वो 29 साल का युवक बार बार मुझे देख रहा था, हालांकि मुझे भी उसे देखने की इच्छा बार बार हो रही थी लेकिन मैं अपनी इच्छा को दबा रही थी।

उस युवक को उसकी पत्नी अमित (बदला हुआ ) कहकर बुला रही थी तो मुझे पता लग गया उस लड़के का नाम अमित है।

थोड़ी देर बाद मुझे साड़ी पसंद आ गई और मैंने साड़ी ले ली लेकिन दुकानदार ने मुझे कहा आप कल आकर यह साड़ी ले जाना क्योंकि फॉल और ब्लाउज सिलने वाला वही था।

तो मैं घर आ गई और आते आते भी वो अमित मुझे देख रहा था!

अगले दिन में शाम को सात बजे बजे अपनी साड़ी लेने वह पहुँची और वो लड़का अमित भी खड़ा था वो भी कल वाली साड़ी लेने आया था लेकिन आज उसकी बीवी उसके साथ नहीं थी, वह मेरी तरफ देख कर हल्का सा मुस्कुरा प्रिया, मैंने अनदेखा किया लेकिन मुझे भी बार बार उसे देखने का दिल तो कर रहा था।

तभी अचानक मुझे मेरा मोबाइल मेरे पास नहीं दिखा और मैं अपना मोबाइल ढूंढने लगी, शायद वो कहीं आस पास गिर गया था।

इतने में अमित आया और बोला- आपका कुछ खो गया जो आप इधर उधर देख रही हो?मैंने कहा- मेरा मोबाइल खो गया।तो वो बोला- नंबर दीजिये, मैं डायल करता हूँ, अभी यहीं होगा तो मिल जायेगा।

मैंने अपना नंबर प्रिया और अमित ने अपने मोबाइल से नंबर डायल किया तो रिंग बजी मोबाइल थोड़ा दूर साइड में गिरा पड़ा था।मैंने मोबाइल उठाया और इतने में मेरी साड़ी मिल गई तो मैं चली आई!

लेकिन रात को नो बजे एक अनजान नंबर से फोन आया मैंने उठाया तो उधर से आवाज आई- हेलो, मैं अमित बोल रहा हूँ।मैंने कहा- कौन अमित?उसने कहा- हम शाम को साड़ी की दुकान में मिले थे, मैंने आपका मोबाइल ढूढ़ने में हेल्प की थी।मैंने कहा- ठीक है..

उसने मेरा नंबर अपने फोन से डायल किया था इसलिए उसके पास मेरा नंबर पहुंच गया था।अमित ने कहा- आपने मुझे थैंक्स भी नहीं कहा और चली गई?मैंने कहा- सॉरी… और थैंक्स आपको… आपने मेरी हेल्प की…पता नहीं लेकिन मुझे भी उससे बात करने में अच्छा लग रहा था, फिर मैंने पूछा- आप क्या करते हैं।तो उसने बताया कि उसका बिज़नेस है और विवाहित है।उसने कहा- एक बात कहूँ… आप मुझे बहुत अच्छी लगी। क्या हम फ्रेंड्स बन सकते हैं?मैंने कहा- लेकिन मैं शादीशुदा हूँ।तो उसने कहा- तो क्या हुआ, मैं भी तो शादीशुदा हूँ..

ऐसे हमारी बातें दिन ब दिन ज्यादा होने लगी, मैं कभी सोचती थी कि मुझे अमित से बात नहीं करनी चाहिए लेकिन मैं अपने आप को रोक नहीं पाती थी और मुझे भी वो बहुत अच्छा लगने लगा !

धीरे धीरे हमारी बातें सेक्स के विषय पर भी होने लगी और जब भी अमित सेक्स की बातें करता मुझे बहुत अच्छा महसूस होता, मेरे दिल की धड़कन बढ़ जाती और साँसें तेज हो जाती.. अब मेरी दिलचस्पी सेक्स में बढ़ने लगी और अमित मुझे मोबाइल पर पोर्न वीडियो और पोर्न फोटो भेजता जिनसे मैं और रोमांचित होने लगी !

एक दिन मेरे पति टूर पे कोटा से बाहर थे तो अमित का रात को दस बजे कॉल आया, उसने कहा कि उसकी वाइफ अपनी मम्मी के घर गई हुई है।

और मैंने भी कहा कि आज मेरे पति भी बाहर हैं।तो वो बोला- मैं आ जाऊँ?मैं चुप हो गई, हालांकि दिल तो मेरा भी कर रहा था, लेकिन मैं मना करने लगी।उसने कहा- प्लीज रीना, सिर्फ थोड़ी देर बातें करके चला जाऊँगा।तो मैंने कहा- ठीक है आ जाओ, लेकिन एक घंटे बाद, तब तक मैं बच्चों को सुला देती हूँ। और बिल्कुल चुपचाप आना, ज्यादा शोर मत करना।हालाँकि मेरा घर एकदम अलग है, तो किसी को पता नहीं चलता।

अमित के आने की बात सुनकर मेरे दिल की धड़कन तेज हो गई और एक अजीब सा डर और रोमांच मासूस होने लगा, मैंने बच्चों को दूसरे कमरे में सुला प्रिया और अमित चुपचाप एक घंटे बाद मेरे घर आ गया, उसने जीन्स और टीशर्ट पहन रखी थी।

रात के साढ़े ग्यारह बज चुके थे और हम ड्राइंगरूम में ही बैठे थे, अचानक अमित बोला- रीना, तुम्हारा बेडरूम तो दिखाओ।मैंने कहा- चलो !

और मैं आगे आगे चलने लगी, मैंने गाउन पहन रखा था, अमित मेरे पीछे चल रहा था।जैसे ही मैं बेडरूम में पहुँची, अमित ने मुझे पीछे से पकड़ लिया और मेरी गर्दन पर चुम्बन किया।मैंने कहा- क्या कर रहे हो अमित?तो वो बोला- अपनी फ्रेंड को प्यार…मैंने कहा- यह गलत है।तो वो बोला- तुम मुझे पसंद नहीं करती?

मैं चुप हो गई और अमित मुझे जोर जोर से अपनी तरफ खींच रहा था, मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था।

फिर अमित ने मुझे छोड़ प्रिया और गेट लगा प्रिया में अभी भी खड़ी थी अब अमित सामने से आकर मुझसे चिपक गया और मैं भी अमित की बाहों में सिमट गई… मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था !

अमित मुझे जोर से चुम्बन कर रहा था और कस के बाहों में पकड़े हुए था !

मैंने भी अमित को कस कर पकड़ रखा था और उसके होंठ चूस रही थी… उफ्फ… कितने मुलायम होंठ थे अमित के !

मैं अपनी जीभ भी अमित की जीभ से लड़ा रही थी !

अब अमित ने मुझे बिस्तर पर लिटा प्रिया और मुझे चूमते हुए मेरे उभार दबाने लगा, मुझे भी इतना अच्छा महसूस हो रहा था.. उफ़्फ़ कि अमित ऐसे ही मेरे उरोज दबाता रहे !

उसके हाथों में जादू था..

फिर अमित ने अपनी टी शर्ट उतार दी, उसका बदन गोरा था और छाती पर बाल भी नहीं थे, मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था, मैं अमित के सीने पर हाथ फिरा रही थी और काफ़ी देर तक मैं उसके सीने को चूमती भी रही !

अब अमित ने मेरे गाऊन के बटन खोलना चालू कर दिए तो मैंने कहा- अमित, ऐसे मत करो प्लीज !वो बोला- दोस्ती की है, निभानी पड़ेगी !और मेरे होंठ भी चूसने लगा।

मुझे खुद को भी इतना मजा आ रहा था कि मैं चाह रही थी कि अमित ऐसे ही मुझे प्यार करता रहे..

फिर मेरे गाऊन के बटन खोल के उसने ब्रा हटा दी और मेरे चुचूकों को बहुत प्यार से चूसने लगा। मैं तो पागल हो रही थी, मेरे पति ने कभी इतने प्यार से मेरे अंग नहीं चूसे थे, पता नहीं लेकिन अमित में क्या बात थी कि उसके चूसने से मैं पागल हुई जा रही थी, मेरे चुचूक कामोत्तेजनावश कड़क हो चुके थे..आह्ह्ह्ह…

इतने में उसने मेरा पूरा गाऊन उतार प्रिया, मैं सिर्फ पेंटी में थी, वो मेरे पेट को, मेरी कमर को, मेरे कूल्हों को इतने प्यार से अपने दाँतों से काट रहा था कि मुझे ऐसा लगा- मैं मर जाऊँगी… ऐसा सुख मुझे पहले कभी नहीं मिला।

फिर अमित मेरी पेंटी बिना हटाये बाहर से ही मेरी चूत को दबाने लगा मेरी तो ‘आह्ह्ह्ह्ह…’ निकल गई।

फिर उसने मेरी पेंटी निकाल दी और मेरी चूत को बहुत प्यार से चाटने लगा, मुझे तो ऐसा मजा पहले कभी नहीं आया, अमित की जीभ में, होठों में एक जादू था, मेरी चूत पूरी गीली हो रही थी, वो अपनी उंगली भी बार बार मेरी चूत में डाल रहा था, मैं सिर्फ आँखें बंद कर के मजा ले रही थी।

फिर में उठी और मैंने अमित की जीन्स की जिप को दबाया ..मेरा भी दिल कर रहा था कि अब अमित ने मुझे पूरी नंगी कर प्रिया है तो में भी अमित को अपने हाथो से नंगा करूँ.. मैंने अमित की जीन्स का बटन खोल प्रिया और उसने अपनी जीन्स उतार दी।

उसने जॉकी का सफ़ेद रंग का वी शेप अंडरवियर पहन रखा था और वो उसमे बहुत हॉट लग रहा था, मैंने देखा अंडरवियर ऊँचा हो रहा है, अमित का लण्ड पूरा खड़ा हो गया था और वो बाहर आने के लिए तड़प रहा था।

मैंने अंडरवियर के ऊपर से ही अमित का लण्ड छुआ.. ऊऊह्ह्ह… इतना कड़क ओह्ह… मैंने झट से अमित का अंडरवियर नीचे सरका प्रिया और अमित का सेक्सी लण्ड मेरे सामने खड़ा था, वो लण्ड इतना प्यारा लग रहा था, उसके लण्ड पर बिल्कुल बाल नहीं थे, बिल्कुल साफ़ और कड़क, मैंने उसे हाथों में ले लिया और प्यार से सहलाने लगी…

मुझे इतना अच्छा लग रहा था, मैं अपने हाथो में अमित का लण्ड आगे पीछे कर रही थी और अमित भी उफ़्फ़… की आवाजें निकाल रहा था।

मैंने देखा अमित को भी बहुत मजे आ रहे थे, फिर अमित बोला- रीना प्लीज इसे मुँह में लो…

मेरी खुद की भी यही इच्छा थी, मैंने झट से अमित का लण्ड अपने मुँह में ले लिया और बड़े प्यार से उसे चूसने लगी।

हालांकि मैंने पहले अपने पति का लण्ड चूस रखा है लेकिन अमित का लण्ड चूसने में तो… ‘आह्ह्ह…’ मैं बता नहीं सकती लेकिन मुझे इतना मजा कभी नहीं आया, दिल कर रहा था अमित का लण्ड खा जाऊँ… अमित का पूरी नंगा बदन अच्छा लग रहा थी।

अब मुझसे रहा नहीं जा रहा था, मेरा दिल कर रहा था कि अब अमित जल्दी से अपना सेक्सी लण्ड मेरी चूत में डाल दे।

शायद अमित बिना कुछ कहे ही सब समझ जाता था, उसने मेरी टाँगें उठाई और मेरे चूतड़ों के नीचे एक तकिया रख प्रिया और मेरी चूत में अपना लण्ड डाल प्रिया…

‘ओह्ह्ह्ह…ह्ह…’

जैसे ही उसका लण्ड मेरी चूत में गया, मुझे इतना सुकून महसूस हुआ.. मुझे मेरी चूत में इतना मजा आ रहा था जैसे मीठी खुजली होने पे कोई उसे प्यार से कुरेद रहा हो.. शायद मेरी फीलिंग्स वही औरत समझ सकती है जो खुद इस अच्छे एहसास से गुजरी हो।

अमित जोर जोर से धक्के देने लगा, मैंने अमित को कस के पकड़ रखा था और अमित किसी मशीन की तरह तेजी से धक्के मार रहा था, मुझे ऐसा लग रहा था जैसे मैं कोई पोर्न फिल्म देख रही हूँ… बाप रे बाप, कितनी एनर्जी थी अमित में…

मैं थक रही थी और उससे चिपकी हुई थी और वो मेरे ऊपर नंगा होकर जोर जोर से धक्के मार रहा था… आह्ह… ह्ह्ह्ह्ह…

थोड़ी देर बाद मैं पूर्णानन्द प्राप्त करके स्खलित हो गई, मैंने कहा- अमित मैं तो हो गई… अब प्लीज रुक जाओ !

लेकिन वो अभी स्खलित नहीं हुआ था, फिर थोड़ी देर बाद वो भी होने वाला था तो अमित ने मेरी चूत के अंदर अपना गाढ़ा गर्म पानी छोड़ प्रिया, मुझे बहुत मजा आया ऐसा लगा जैसे किसी ने हल्का गर्म पानी अंदर डाल प्रिया।

अमित मेरे ऊपर गिर गया बहुत देर तक वो मेरे ऊपर नंगा ही लेटा रहा और बहुत अच्छी बातें करता रहा, हम आपस में चुम्बन करते रहे, मेरा दिल कर रहा था कि अमित मेरे ऊपर ऐसे ही बिना कपड़ों के पूरी जिंदगी रहे…

मुझे आज से पहले कभी इतना मजा सेक्स में नहीं आया जितना अमित ने मजा प्रिया, वास्तव में मुझे अमित से ही पता चला कि असली मर्द क्या होता है…

फिर अमित और मैं बाथरूम गए और पानी से अपने आपको साफ़ किया और मैंने अमित का लण्ड अपने हाथ से साफ़ किया। मुझे बहुत मजा आया !

फिर अमित चला गया इसके बाद हम अक्सर, जब भी मौके मिलते, सेक्स करते रहते, बहुत बार तो दिन में ही में अमित को बुला लेती। एक बार तो अमित मेरे घर पर था और मेरे पति आ गए लेकिन मैंने अमित को दूसरे कमरे में छुपा प्रिया और हम कभी पकड़े नहीं आये।

बहुत बार अमित मुझे अपने मित्र के फ्लैट में भी लेकर गया!

मुझे अमित से प्यार हो गया लेकिन अमित ने पहले ही कह प्रिया था कि हम एक दूसरे की जरूरतें पूरी करेंगे और कोई कमिटमेंट नहीं… मुझे भी यह चीज अच्छी लगी !

एक दिन मैंने अमित से पूछा- तुमने मुझमें ऐसा क्या देखा, तुम्हें तो और ख़ूबसूरत लड़कियाँ भी मिल सकती हैं।

तो वो बोला कि उसे अपने से बड़ी उम्र की औरतें ज्यादा अच्छी लगती हैं, उसके पहले भी बड़ी उम्र की औरतों से अफेयर रहे हैं।

हालाँकि मुझे कोई फर्क नहीं पड़ा क्योंकि मैं भी अपनी शादीशुदा जिंदगी में खुश हूँ !

लेकिन एक महीने पहले मेरे पति का तबादला कोटा से कहीं और हो गया और मुझे भी कोटा छोड़ना पड़ा।

लेकिन मैंने कोटा छोड़ने से पहले अमित को नहीं बताया और चुपचाप कोटा छोड़ प्रिया और उसके बाद अमित से सम्पर्क भी नहीं किया क्योंकि मुझे ऐसा महसूस होता है कि अगर मैं उससे फोन पर बात करूँगी तो मैं उसे कभी भूल नहीं पाऊँगी और उसे दुबारा अपने पास बुलाने के लिए जिद करूँगी, लेकिन दूसरी तरफ मुझे ऐसा भी लगता है कि मैंने अमित के साथ गलत किया, कोटा से आने से पहले उसे एक बार फोन जरूर करना चाहिए था क्योंकि अमित ने मुझे बहुत प्यार प्रिया, उसके साथ बिताया हुआ वक़्त मेरी जिंदगी का सबसे अच्छा वक़्त था और उसने मुझे सच्चा सुख प्रिया। इसलिए पिछले कुछ दिनों से मैं बहुत परेशानी में हूँ और चैन से सो भी नहीं पा रही हूँ।

प्लीज जो भी औरत, लड़की यह कहानी पढ़ रही है, मुझे सलाह दे कि क्या मुझे अमित को एक बार फोन करना चाहिए या उसे भूलने की कोशिश करनी चाहिए।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

राज पटेल राइटर

1 month ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

उदित सिंह भदौरिया

2 months ago

बहुत ही गजब का लिखा है लेखक भाई। आपका लिखने का स्टाइल बहुत बढ़िया है।

राहुलदेव सिन्हा

2 months ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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