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लड़कियों की गांड चुदाई पठन समय: 2 मिनट पढ़ा गया: 833 बार

चूत की सहेली गाण्ड का दीवाना हूँ

पाठकों के पत्र

19 Jan 2011 को प्रकाशित

चूत की सहेली गाण्ड का दीवाना हूँ
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मेरा नाम रिशव है, मैं चूत की सहेली गाण्ड का दीवाना हूँ, लेकिन आज तक मैं किसी भी लड़की की गाण्ड नहीं मार पाया हूँ।

पर मुझे यह कहते हुए बड़ी खुशी हो रही है कि मेरी बीवी रचना की गाण्ड बहुत ही प्यारी है।मेरी बीवी रचना बहुत गोरी चिट्टी है पर उसके चुचूक, चूत और गाण्ड काफ़ी गहरे रंग के है।

मैं रचना की गाण्ड मारना चाहता हूँ लेकिन सफ़ल नहीं हुआ।मैंने बहुतेरी बार रचना की पसीने से लथपथ गाण्ड को सूंघने की कोशिश की पर वो हमेशा मना कर देती थी।अन्य सभी लड़कियों की भान्ति उसे भी यह बहुत गन्दा और असुरक्षित महसूस होता था।

अपनी बीवी की गाण्ड मैं चोदना तो दूर नहीं सूंघ भी सकता यह सोच कर ही मुझे बहुत निराशा होती थी।लेकिन इसका एक जादूयी हल मैंने खोज ही लिया।

रचना को घोड़ी बन कर चुदवाना बहुत पसन्द है, उसे ‘कुतियासन’ में खूब आनन्द आता है, वो बिस्तर के किनारे कुतिया की तरह खड़ी होती और मैं बेड के नीचे खड़ा होकर उसे पीछे से ठोकता हूँ।

जब भी मैं उसे इस तरह से पीछे से ठोकता हूँ तो वो अपनी आंखें बन्द करके सिसकारियाँ भरते हुए इसका मज़ा लेती है।रचना को अपनी चूत चुसवाना भी बहुत पसन्द है।

तो उसकी इन दोनों पसन्दीदा बातों से मुझे एक विचार आया और मैंने एक दिन उसे पीछे से चोदते हुए अपना लौड़ा उसकी फ़ुद्दी से निकाला और अपनी जीभ रचना की चूत पर लगा दी और लगा चाटने पीछे से।इस अवस्था में मेरा नाक उसकी गाण्ड के छेद के बिल्कुल ऊपर आ गया और उसकी गाण्ड भी बहुत चौड़ी हुई हुई थी तो मुझे रचना की गाण्ड की तीखी मसालेदार गन्ध मिल ही गई…

अब मैं इस तरीके को ही अपनाता हूँ जब भी मुझे रचना की गाण्ड सूंघने की तलब लगती है तो…लेकिन एक बार जब मैं इसी तरह से उसकी गाण्ड सूंघ रहा था तो रचना का पाद निकल गया और मएरा सिर भन्ना कर रह गया।अभी तक रचना मेरे इस खेल को समझ नहीं पाई है।

लेकिन मैं अभी भी रचना की गाण्ड मारने के लिये तड़प रहा हूँ।

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