अभिलाष कुमारदोस्तो, मेरा नाम अभिलाष है, मैं 25 साल का नौजवान युवक हूँ। मैं छत्तीसगढ़ रायपुर का रहने वाला हूँ।मेरा शरीर गठीला और बदन कसरती है और मैं दिखने में इतना हैंडसम तो हूँ कि कोई भी लड़की मुझे किसी भी चीज के लिये मना ना करे, मेरी हाइट 5 फुट 10 इंच है और लण्ड का आकार 8 इंच मोटा और 3 इंच मोटा है।वैसे तो मैंने बहुत सी लड़कियों और भाभियों को चोदा है और यह कहानी भी उनमें से एक की है। ये बात 2008 की है और मैं उस समय बी.ए.प्रथम वर्ष में था और गर्मियों की छुट्टी में अपने बस में वसूली के लिये जाता था।उसी दौरान मुझे बस में एक भाभी मिली जिसका नाम बीना था, वो अपने रिश्तेदार के घर शादी में जा रही थी। तब विनोद ने, जो मेरी बस में हेल्पर का काम करता था, बताया कि वो मुझे बहुत देर से घूर घूर कर देख रही है।तब मैंने बीना को पहली बार देखा और देखता ही रह गया।वो दिखने में ज्यादा गोरी तो नहीं थी पर उसका फिगर ऐसा था कि जो भी उसे देखे बस देखता ही रह जाये और मेरा लण्ड तो उसे देखते ही साथ खड़ा होने लगा था।मैंने उससे बात करने की सोची और जाकर उसके बगल में हिम्मत करके बैठ गया और थोड़ी हिम्मत करके उससे बात की।फ़िर वो भी मुझसे अच्छी तरह से खुल कर बात करने लगी और अपने बारे में सब कुछ बताया।तो मैंने भी उसे अपने बारे में सब कुछ बताया और फ़िर उसका स्टॉप आने से पहले उसका हाथ पकड़ कर कहा- तुम मुझे बहुत अच्छी लगी और मैं तुम्हारे साथ समय बिताना चहता हूँ।तो उसने मेरे हाथों को अपने हाथों में दबाकर धीरे से कहा- मैं भी !और तब मैं तो खुशी से पागल ही हो गया और उसे अपने साथ रायपुर वापस ले आया और उसे विनोद के साथ एक होटल में रुकने के लिये भेज दिया और मैं जल्दी से अपना काम खत्म करने के लिये रुक गया।पर शायद मेरी किस्मत को उस दिन कुछ और ही मंजूर था क्योंकि मेरे पापा ने मुझे तुरंत ही घर बुलाया था और मुझे जाना जरूरी थातो मैं तुरंत ही बीना के पास गया, उसे सब कुछ बताया।पहले तो वो मुझसे नाराज़ हुई पर मेरे समझाने पर वो समझ गई पर उसने मुझे विनोद को उसके साथ छोड़ने को कहा।मैंने वैसा ही किया और उसे अगले दिन मिलने को बोल कर घर आ गया।रात भर मैं बीना के बारे में सोचता रहा और अगले दिन बस अड्डे पर उससे मिला और उसके चेहरे पर नाराज़गी के साथ एक खुशी भी थी तो मैंने विनोद से रात के बारे में पूछा तो उसने कहा कि बीना बहुत ही ज्यादा सेक्सी है और उन दोनों ने रात भर चुदाई की है। पहले तो मुझे सुनकर गुस्सा आया पर साथ ही मेरी वासना भी भड़क उठी तो मैंने विनोद से कमरे का जुगाड़ करने को कहा।वो हमें अपने घर ले गया जो रास्ते पर ही एक गाँव में था।हम उसके घर पहुँचे जहाँ सिर्फ विनोद की माँ थी और उसकी बीवी मायके गई हुई थी तो कोई टेंशन की बात नहीं थी।विनोद हमें अपने कमरे में छोड़कर नहाने चला गया।विनोद के जाते ही बीना मुझसे लिपट गई और मुझे पागलों की तरह चूमने लगी तो मैंने भी उसका पूरा साथ दिया और उसे हर जगह चूमने लगा।तभी बीना ने मेरे से सिगरेट लेकर पी और धुआं मेरे मुँह पर छोड़ते हुए चुम्बन करने लगी।उसकी इस हरकत से मैं पागल हो गया और उसके कपड़े फाड़ डाले, उसने मेरे कपड़े उतार दिए।और फ़िर तो हम दोनो ही एक दूसरे के हर अंग को चाटने और चूसने लगे।मैं उसकी चूचियों को दबा दबा कर चूसने लगा और वो मेरे सिर को दबाते हुए मेरे लौड़े को सहलाने लगी, फ़िर मुझे खड़ा करके मेरे लौड़े को मुँह में लेते हुए अपनी चूत को सहलाते हुए मुझसे कहने लगी- अभिलाष तुम्हारा लौड़ा बहुत ही बड़ा और मोटा है, आज तक मैंने इतना बड़ा लौड़ा कभी नहीं लिया है।