जवान लड़की

रैगिंग ने रंडी बना प्रिया-58

लेखक: पिंकी सेन दिनांक: 30-01-2026 पठन समय: 11 मिनट

अब तक की इस चोदन कहानी में आपने पढ़ा था कि साधना अपनी माँ से अपने इकलौते होने के कारण पर सवाल-जबाव कर रही थी.अब आगे..

हेमा ने साधना की तरफ गुस्से से देखा- तेरे दिमाग़ में ये बात आई कैसे?साधना- माँ बस ऐसे ही ख्याल आ गया अगर आप नहीं बताना चाहती तो कोई बात नहीं.. मगर प्लीज़ मुझसे झूठ मत बोलना.हेमा- साधना क्या हो गया तुझे.. मैं क्यों झूठ बोलूँगी तुझसे हाँ?साधना- आप बुरा मत मानना माँ, रात को मेरे सर में बहुत दर्द हो रहा था तो मैं आपसे दवा लेने आपके रूम में आ रही थी, मगर उस वक़्त आप और पापा बातें कर रहे थे. मैंने नॉक करना चाहा तो कुछ ऐसी बातें मुझे सुनाई दीं, जो शायद मुझे नहीं सुननी चाहिए थीं. सॉरी मॉम.. मैंने आपकी बातें सुनी, फिर मैं वापस चली गई.

हेमा- हे राम.. तुझे खटखटा देना चाहिए था.. ऐसे अपने माँ-बाप की बातें सुनना अच्छी बात नहीं है. ये बात तेरे पापा को पता लग गई तो वो बहुत नाराज़ होंगे.साधना- सॉरी मॉम.. मगर मुझे बिल्कुल अच्छा नहीं लगा. आपको पापा से ऐसे पेश नहीं आना चाहिए.हेमा- साधना बस कर.. अभी तेरी इतनी उम्र नहीं हुई जो तू मुझे ये बात कहे. तू बस अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे और आगे से कभी ऐसे बातें मत सुनना. इससे बुरा असर पड़ता है समझी मेरी बच्ची..!साधना- ठीक है माँ आगे से ध्यान रखूँगी मैं.. मगर प्लीज़ आप भी पापा को समझो, उनकी बात मान लिया करो.हेमा- बस बहुत हो गया.. तुझे मैं प्यार से समझा रही हूँ, तू समझ ही नहीं रही. ये सब बातें अपने दिमाग़ से निकाल दे समझी..!

इस बार हेमा की आवाज़ में कड़कपन था, जिससे साधना थोड़ी डर गई और वहाँ से चुपचाप अपने कमरे में चली गई. साधना कमरे में आ गई और बिस्तर पर बैठ कर बड़बड़ाने लगी- मुझे पता था माँ, आपका जबाव ऐसा ही होगा, इसी लिए मैंने रात को ही फैसला कर लिया था कि मैं पापा को उनके हिस्से की ख़ुशी ज़रूर दूँगी, चाहे उसके लिए मुझे कुछ भी करना पड़े.

साधना ने अपना बैग लिया और जाते हुए हेमा से बोल गई कि आज एक्सट्रा क्लास है, उसे आने में देर हो जाएगी. फिर वो टीना के घर चली गई. वहाँ टीना भी आज पहले से रेडी थी. साधना को देख कर वो मुस्कुरा दी, मगर साधना का मूड ऑफ था. वो बस सीधे जाकर कमरे में बेड पर बैठ गई.

टीना- आओ साधना रानी क्या बात है आज मूड सही नहीं लग रहा, सुबह-सुबह किससे झगड़ा करके आई है.

साधना कुछ नहीं बोली बस वैसे ही मुँह फुलाए बैठी रही.

टीना- अरे मेरी प्यारी साधना अब बोल ना यार.. ऐसे कैसे पता लगेगा?साधना- अब आपको क्या बताऊं दीदी मेरा मूड तो रात से खराब है.टीना- अरे बताएगी नहीं.. तो मुझे पता कैसे लगेगा और बिना पता लगे मैं तेरी मदद कैसे कर पाऊंगी?साधना ने रात से लेकर सुबह अपनी माँ से हुई बहस तक की सारी कहानी टीना को बताई.

टीना- अच्छा ये परेशानी है तुझे.. वैसे मेरा अंदाज़ा सही निकला ना.. तेरे पापा बेचारे तरस रहे हैं और तेरी माँ है कि अपनी ज़िद पर अड़ी हैं.साधना- हाँ दीदी अब इसका कोई उपाय बताओ.. मैं पापा को ऐसे नहीं देख सकती. आज सुबह मैंने फिर उनसे टाइट्ली चिपक कर उनके अरमान जगा दिए.टीना- तू चाहती क्या है यार.. कल तो तूने कहा था कि तू पापा से दूर रहेगी. फिर सुबह-सुबहपापा का लंडखड़ा करने की क्या वजह थी?साधना- दीदी में बस चैक करना चाहती थी कि मेरे ऐसा करने से पापा का रिएक्शन क्या होता है?टीना- अच्छा तो तूने अपनी करनी का नतीजा देख लिया ना.. सुबह-सुबह बेचारे अंकल का लंड खड़ा कर प्रिया ना!साधना- दीदी चाहे कुछ भी हो जाए मुझे पापा को ख़ुशी देनी ही होगी.

टीना- तेरे इरादे मुझे ठीक नहीं लगा रहे हैं.. कहीं तू अपने पापा से चुदवाने के चक्कर में तो नहीं है ना?साधना- छी: छी: दीदी आप कैसी बातें कर रही हो.. मेरा मतलब है उन्हें ख़ुशी देनी होगी, उसका आप ही कोई आइडिया बताओ ना!टीना- सॉरी यार मेरे समझने में ग़लती हो गई.. मगर तू करेगी क्या? कुछ तो तेरे दिमाग़ में होगा ना!साधना- नहीं दीदी मेरे दिमाग़ में कुछ नहीं है. अब आप ही मेरी कोई मदद करो.

टीना- यार तेरी बातें सुनकर ये तो पता लग गया कि तेरे पापा सीधे इंसान हैं, वो बाहर किसी रंडी के पास तो जाएँगे नहीं.. यदि जाना होता तो कब के जा चुके होते और यार कांड वाली क्या बात है ये तो बता..!साधना- ये तो मुझे नहीं पता दीदी.. और मैंने इस बारे में सोचा ही नहीं.. वरना मैं माँ से ही पूछ लेती.टीना- नहीं.. जाने दे मत पूछना, पहले अंकल के लिए कोई जुगाड़ लगा लेते हैं.साधना- दीदी क्या होगा, अब पापा किसी और के साथ बिल्कुल नहीं करेंगे वरना इतने साल वो ऐसे तड़पते नहीं.टीना- देख, अभी ये बात यहीं बंद कर दे. मैं आराम से सोच कर तुझे बता दूँगी. अभी कॉलेज चल, देर हो रही है.

दोनों वहाँ से कॉलेज चली गईं. आज सिर्फ़ दीपक अकेला ही खड़ा था, बाकी सब शायद आए नहीं थे. इन दोनों ने उसे हैलो किया, फिर उसके पास खड़ी हो गईं दीपक बस साधना को निहारता रहा.. पर कुछ बोला नहीं.

टीना ने जब गौर किया और दीपक को टोका तो दीपक झेंप गया और उसने जल्दी से बात घुमा दी.

दीपक- आज क्या बात है.. साले वो कहाँ मर गए सब, कोई भी नहीं आया और फ्लॉरा का भी कोई ठिकाना नहीं है.टीना- आ जाएँगे.. तुम्हें उनसे कोई काम है क्या, जो ऐसे उतावले हो रहे हो?दीपक- मुझे क्या काम होगा, मैं तो ऐसे ही पूछ रहा हूँ.

साधना- आपसे एक बात बोलनी थी आप नाराज़ तो नहीं होंगे ना.दीपक- अरे बोल क्या बात है.. मैं क्यों नाराज़ होने लगा.साधना- इतने दिनों में आपको मेरे अन्दर कुछ फ़र्क लगा या नहीं?दीपक- सच बोलूँ.. अभी तक तो कुछ फ़र्क नहीं लगा, हाँ टीना ने बताया तू अब फास्ट हो गई है.. तो अब तेरा टेस्ट लेना होगा.. तभी पता लगेगा तू फास्ट हुई या नहीं.साधना- ठीक है आप जब कहोगे में टेस्ट देने को तैयार हूँ.दीपक- तो ठीक है.. अभी तो नहीं, मैं बाद में तुम्हें बता दूँगा ओके.

साधना कुछ बोल पाती, तभी वहाँ कोई सर आ गए और उन्होंने कहा कि क्लास में जाओ.. यहाँ क्यों खड़े हो, तो बस उनकी ये सभा यहीं समाप्त हो गई. फिर फ्लॉरा और बाकी सब भी आ गए. मगर हमारे काम का कुछ वहाँ नहीं हुआ तो चलो हम लोग भी सीधे पॉइंट पे चलते हैं.

कॉलेज के बाद टीना और दीपक का आज चुदाई का प्रोग्राम है.. याद है ना और टीना ने साधना को लाइव चुदाई दिखाने का वादा किया है.. तो चलो वहीं चल कर मज़ा लेते हैं.

कॉलेज के बाद दीपक सीधा अपने उसी घर में चला गया और पीछे से टीना ने साधना को अपने साथ ले लिया.

साधना- दीदी मुझे बहुत डर लग रहा है कहीं कोई गड़बड़ ना हो जाए.टीना- अरे कुछ नहीं होगा मेरा प्लान याद है ना तुझे.. बस तू चुपचाप सब चुदाई का खेल देख लेना.साधना- वो तो ठीक है मगर आपके साथ मैं जाऊंगी तो दीपक मुझे देख लेंगे.टीना- पागल है तू एकदम.. अरे तू मेरे साथ नहीं जाएगी.. मेरे पीछे से आना. समझी.. वो भी जब मैं इशारा करूँ तुझे, तब आना.

दीपक के घर के बाहर जाकर साधना एक तरफ़ चुप गई और टीना ने नॉक किया तो दीपक ने दरवाजा खोला- हाय स्वीटहार्ट आ गईं तुम.. चलो अन्दर आ जाओ.दीपक ने ये बात टीना से कही मगर ये सिर्फ़ दिखावा था.. असल में उसने इशारे से टीना को पूछ लिया कि साधना आई है या नहीं.

आप इतने टेंशन में क्यों आ गए कल शाम दीपक ने टीना को प्लान बताया तो था मौके पे चौका मारना याद आया ना.. बस ये सब इन दोनों का किया धरा है.. अब आगे का खेल देखो.

टीना ने भी इशारा दे प्रिया और फिर वो दीपक के साथ अन्दर चली गई.

दीपक- वाह टीना कमाल कर प्रिया तूने अब जैसा हमने प्लान किया था, बस वैसे ही करना ताकि साधना खिंची चली आए.टीना- फिकर मत करो संजू.. आज उसको तुम्हारे लंड का स्वाद चखना ही होगा. तुम कहो तो उसकी चुत का मुहूर्त भी आज करवा दूँ?दीपक- नहीं तू ज़्यादा एक्सट्रा मत सोच.. जितना कहा है, बस उतना करना. अब जा उसे अन्दर लेकर आ जा.. तब तक मैं वॉशरूम में जाता हूँ.

साधना बाहर खड़ी बहुत घबरा रही थी, उसे लगा कि कोई उसे ऐसे देखेगा तो क्या सोचेगा, तभी टीना बाहर आ गई.

टीना- जल्दी से अन्दर आ जाओ, दीपक वॉशरूम में है.

साधना बिना कुछ बोले अन्दर आ गई और जिस कमरे में चुदाई होनी थी, टीना ने साधना को वहीं एक अलमारी के पीछे छुपने को कह प्रिया.

साधना- दीदी मुझे बहुत डर लग रहा है कोई गड़बड़ ना हो जाए.. कहीं दीपक ने मुझे देख लिया तो!टीना- अरे ऐसे कैसे देख लिया.. ये टीना का प्लान है.. तू मेरे बिल्कुल पास बैठ कर चुदाई देखना और दीपक को पता भी नहीं चलेगा.साधना- ये आप क्या बोल रही हो ऐसा कैसे मुमकिन है दीदी?टीना- अरे मैं बातों के दौरान दीपक को ब्लाइंड सेक्स के लिए राज़ी कर लूँगी. फिर उसकी आँख पर होगी पट्टी.. वो कैसे कुछ देख पाएगा?साधना- ओह दीदी आप सच में ग्रेट हो… ऐसे तो मैं भी ठीक से देख लूँगी.

टीना- हाँ मगर भूल कर भी अपने मुँह से आवाज़ मत निकालना.. नहीं तो सब गड़बड़ हो जाएगी.. समझी तू?साधना- ठीक है दीदी, मैं इस बात का ध्यान रखूँगी कि कोई आवाज़ ना हो.

साधना वहीं छुपी रही और टीना ने दीपक को आवाज़ देकर बुलाया.‘कितना टाइम लगाते हो.. अब तुम आ भी जाओ ना!’दीपक- अरे आ गया जानेमन ऐसी भी क्या जल्दी है.. आज बहुत दिनों बाद तेरी चुत मारने का मौका मिला है, इसे तो आराम से मारूँगा और तू है कि जल्दी कर रही है.टीना- क्या करूँ यार पीरियड्स ख़त्म होने के बादचुत में खुजलीबहुत हो रही है.

साथियो, आप मेरी इस चोदन कहानी पर मर्यादित भाषा में ही कमेंट्स करेंsupport@mohakkisse.comकहानी जारी है.