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भाभी की चुदाई पठन समय: 5 मिनट पढ़ा गया: 1,128 बार

चचेरे भाई की दुल्हन का प्यार

तन्मय गोहिल

03 Sep 2025 को प्रकाशित

चचेरे भाई की दुल्हन का प्यार
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मैं तन्मय गोहिल.. राजस्थान का रहने वाला हूँ। मैं दिखने में एक फ़ौजी जैसे कसरती जिस्म का हूँ। मैं जहाँ भी जाता हूँ.. लड़कियाँ लाइन मारती हुए नज़र आती हैं। मेरी 5’10” फुट की लम्बाई.. 92 सेंटीमीटर का चौड़ा सीना और 75 किलो का संतुलित वजन है। मेरा लण्ड सिर्फ 6 इंच का है पर बहुत दमदार व शानदार है।

बात एक साल पहले की है.. जब मेरी इंजीनियरिंग के सातवें सेमेस्टर के एग्जाम चल रहे थे.. तब मैं रात में देर तक पढ़ता था.. क्यूँकि सर्दियों का टाइम था.. सुबह लाइट देर से आती थी.. तो मैं रात में ही पढ़ाई करता था और सुबह देर से उठता था।

दो ही पेपर होने थे.. उन दिनों दिसम्बर चल रहा था। मेरी माँ घर के बाहर काम कर रही थीं और पापा भैया के साथ दीदी के यहाँ चले गए थे तो घर में मैं अकेला ही था।

उस दिन जो हुआ अब आगे बताता हूँ मेरी ताऊजी के बड़े लड़के की बहू यानि मेरी श्वेता भाभी.. जो उम्र में मेरे से तीन-चार साल बड़ी हैं.. वो आईं और मुझे जगाने के लिए मेरी रजाई उठा दी।

उनके बारे में थोड़ा बता दूँ। उनकी उम्र यही कोई 25 -26 साल की है.. लम्बाई थोड़ी कम है.. यानि 5’2″ की नाटे से कद की हैं। उनका 34-30-35 का फिगर एकदम मस्त है और वो गोरी बहुत हैं। मतलब ऐसा माल दिखती हैं कि किसी के भी लण्ड का पानी निकल जाए।

अब जैसे ही उसने मेरी रजाई उतारी.. झट से वापस डाल दी व वहाँ से चली गईं।मैं नींद में था.. जब मैं दोपहर को उठा व बाहर गया तो वो बार-बार मुस्करा रही थीं।

मैंने सोचा आज इन्हें क्या हो गया है, फिर मैंने जैसे ही उनसे पूछा- क्या बात है?तो बोलीं- देवर जी.. आजकल आपको आपका जानू आपको कुछ जायदा ही तंग करता है।मुझे समझ नहीं आया.. तो पूछा- भाभी मुझे समझ नहीं आया?तो बोलीं- देवर जी इतने नासमझ न बनो.. आपको पता है मैं आपके कमरे में गई थी.. सुबह आपको जगाने.. तो आपके जीन्स में तम्बू बना हुआ था.. बस उसे देखकर हँसी आ गई।

मुझे भी भाभी की बात सुन कर हँसी आ गई।हम दोनों वैसे बहुत अच्छे दोस्त हैं तो मजाक चलता रहता है।

मैंने उन्हें मना किया कि भाभी यह गलत है.. लेकिन वो नहीं मानी और बोलीं- सिर्फ पहली और आखिरी बार.. मैं आपसे बहुत प्यार करती हूँ।तो मैंने उन्हें मना नहीं किया।

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उन्होंने मुझे किस करते-करते मेरी टी-शर्ट निकाल दी और मेरे सीने पर चुम्बन करने लगीं.. फिर मेरे होंठों पर.. और मुझे उन्होंने चुम्बन करना सिखा दिया।

उसके बाद मेरे साथ मेरी रजाई में लेट गईं और मेरे हाथ अपने स्तन पर रखवा लिए और धीरे-धीरे दबाने के लिए कहने लगीं।मैंने वैसा ही किया.. फिर मैंने उनका ब्लाउज निकाल दिया और उसके बाद क्रीम कलर की ब्रा को उतारा।

उन्होंने भी मेरी जीन्स निकाली और अंडरवियर के ऊपर से ही मेरे लण्ड को सहलाने लगीं। फिर धीरे से अपना पेटीकोट ऊपर करके आइटम सैट किए और बोलीं- तनुजी अब अन्दर करके आगे-पीछे करो।

मैंने उनके बताए अनुसार सब कुछ किया.. सच में मजा आ गया।उस दिन मुझे इतना अच्छा लग रहा था कि कभी भाभी से दूर न जाऊँ, उस दिन मैंने उन्हें जी भर के प्यार किया। हमारा पहला राउंड 20 मिनट तक चला..

वो मेरा अब तक का पहला और आखिरी सेक्स था, उसके बाद मैंने कभी नहीं सोचा और न ही उन्होंने किया।लेकिन उन्होंने मुझको बताया- आज मैं पहली बार 3 बार झड़ी.. नहीं तो मुश्किल से एक बार ही झड़ती हूँ।उन्होंने मुझे चुम्बन किया.. उसके बाद न उन्होंने ज़िद की.. न मैंने उनकी बात मानी क्यूँकि मैं पढ़ने के लिए दिल्ली चला गया।

उनकी आखों में आज भी प्यार देखता हूँ लेकिन मैं ऐसी कोई गलती नहीं करना चाहता.. जिससे वो और मैं बदनाम हो जाऊँ।

हाँ.. फिर से करने को मेरा मन भी बहुत करता है.. लेकिन आज तक कोई ऐसी लड़की नहीं मिली.. जिस पर भरोसा कर सकूँ क्यूँकि मैं अपनी पहचान खुद बना चुका हूँ और उस पर कोई आंच नहीं आने देना चाहता।

आप अपनी राय मेल से मुझे दे सकते हैं।support@mohakkisse.com

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