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चाची की चुदाई पठन समय: 6 मिनट पढ़ा गया: 1,034 बार

बुआ की चूत मेरे लंड की किस्मत में थी

कृष्णा कुमार

07 Sep 2016 को प्रकाशित

बुआ की चूत मेरे लंड की किस्मत में थी
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हैलो दोस्तो.. मेरा नाम कृष्णा है, 21 साल का हूँ, मैं बिहार का रहने वाला हूँ।

यह मेरी पहली कहानी है, आशा करता हूँ कि ये आप सबको पसंद आएगी।

यह घटना दो साल पहले की है.. जब मेरे मम्मी और पापा को किसी काम से बाहर जाना था। जिस कारण से मैं घर पर अकेला हो जाने वाला था।इस वजह से पापा ने अपनी सिस्टर.. यानि मेरी बुआ को मेरे पास रहने के लिए बुला लिया।बुआ के आते ही शाम को मेरे पेरेंट्स चले गए।

यहाँ मैं आपको बतला दूँ कि मेरी बुआ का नाम रानी है.. जो करीब इकत्तीस या बत्तीस साल की होंगी।वो इतनी सेक्सी हैं कि उनको देख किसी का भी खड़ा हो जाए।

मैं उनके बारे में सोच कर लगभग रोज ही मुठ मारता हूँ। इसी से आप समझ गए होंगे कि मेरी बुआ कैसी दिखती हैं।

अब मेरे घर पर मैं और मेरी बुआ थीं।मैं टीवी देखने लगा.. कुछ देर बाद बुआ आईं- कृष्णा, मैं चाय बनाने जा रही हूँ.. क्या तुम चाय पीयोगे?‘हाँ.. बुआ।’‘ठीक है..’

वो रसोई में चली गईं.. कुछ देर बाद वो चाय लेकर आईं और मेरे पास बैठ गई।

उनकी जवानी से मेरा तो पारा चढ़ने लगा।वह चाय पीते हुए टीवी देखने लगीं, मेरा तो बुरा हाल हो रहा था, मेरा मन तो कर रहा था कि इनको पकड़ कर अभी के अभी चोद डालूँ। पर मैंने अपने आपको कंट्रोल किया।

उन्होंने लाल रंग की साड़ी पहनी हुई थी.. जिससे उनकी खूबसूरती में चार चाँद लग गए थे।उनके बड़े-बड़े चूचे देख कर मेरे मुँह में पानी आने लगा था।

मैं उनकी चूचियों को घूरे जा रहा था।बुआ ने यह देख लिया- कृष्णा क्या देख रहे हो?

मैं तो डर गया.. मुझे लगा कि अब मेरी खैर नहीं।

‘कुछ नहीं बुआ जी.. मैं तो देख रहा था कि आप कितनी सेक्सी लग रही हैं।

मेरे मुँह से हड़बड़ी में ‘सुन्दर’ के स्थान पर ‘सेक्सी’ निकल गया था।

उन्होंने बात को टालते हुए कहा- चल बदमाश, मुझसे मजाक कर रहा है।

‘नहीं बुआ जी.. आप तो बहुत ही खूबसूरत हैं।’‘अच्छा ठीक है.. चल जा कर मार्केट से सब्जी लेकर आ.. घर में सब्जी नहीं है।’‘ठीक है..’

मैं मार्केट चला गया और रात आठ बजे के करीब घर पहुँचा।मुझे बहुत जोर से एक नंबर लगा था.. तो मैं सब्जियां किचन में रख बाथरूम में चला गया।

मैंने देखा तो वहाँ पर गीली पैंटी पड़ी है।

मैं तो समझ गया कि यह बुआ का काम है। ऐसा लग रहा था कि आज चूत चोदने का मौका मिलेगा।

मैं उसी समय बुआ के पास गया और बोला- बुआ आज सोएंगे कैसे?

उनका जवाब सुन मेरे मन में लड्डू फूटने लगे, उन्होंने कहा- मैं और तुम तुम्हारे कमरे में सो जाएंगे।

मैंने ‘हाँ’ कहा.. और टीवी देखने चला गया।रात को मैं और मेरी बुआ खाना खाकर सोने चले आए।

मैं तो बहुत खुश था कि आज किसी भी तरह बुआ को चोदना है।बुआ को देख कर मेरा तो बुरा हाल हो रहा था।

वो मेरे बगल में सो गईं.. मैंने उनके सोने तक इन्तजार किया।कुछ देर बाद वह सो गईं।

मैं अपना हाथ उनकी चूचियों पर रख धीरे धीरे दबाने लगा और एक हाथ से मुठ मारने लगा।मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

मेरे मुठ मारने की वजह से वो जाग गईं- यह क्या कर रहा है कृष्णा..?‘सॉरी बुआ.. मुझे माफ़ कर दीजिए.. आगे से ऐसी गलती नहीं करूँगा।’‘अरे कृष्णा.. सॉरी क्यों बोल रहे हो.. ऐसे तुम करोगे.. तो तुम्हारा ही नुकसान होगा। अगर तुम चाहो तो तुम ये मेरे साथ कर सकते हो।’

यह कहते ही बुआ ने मुझे खींच कर अपनी बांहों में ले लिया और अपने होंठ मेरे होंठों पर रख किस करने लगीं।उनके होंठ से तो लग रहा था जैसे अमृत बरस रहा हो।

कुछ देर तक किस करने के बाद मैंने उनके सारे कपड़े निकाल फेंके।वह बिल्कुल नंगी हो गई थीं।मैं उनकी बड़ी-बड़ी चूचियों में अपना मुँह रख कर चूसने लगा।

बुआ ‘आहें..’ भरने लगीं- आह्हह.. ऊऊफ़्फ़.. कृष्णा मार डालेगा क्या.. जरा आराम से कर..’

मैं उनके पूरे जिस्म को चूमते हुए उनकी चूत पर पहुँचा।उनकी चूत पर एक भी बाल नहीं था।मैं उनकी चूत पर हाथ रख कर चूत को दबाने लगा और अपने होंठों को उनके होंठों पर रख कर उन्हें किस करने लगा।उनकी चूत बिलकुल गीली हो गई थी।

‘अबे कमीने.. मुझसे बर्दाश्त नहीं होता.. अपनी बुआ की चूत की प्यास बुझा दे। जल्दी से अपने लंड को मेरी चूत में डाल दे।’

मैंने टाइम वेस्ट ना करते हुए उनकी चूत पर अपना लंड रख कर जोर से धक्का मारा और एक ही बार में मेरा पूरा का पूरा लौड़ा उनकी चूत में अन्दर तक घुस गया। इस प्रहार से जोर से उनकी चीख निकल गई- आआह्हह आह्हह.. आआह.. भोसड़ी के धीरे कर!

मैं धीरे-धीरे अन्दर-बाहर करने लगा।वह मज़े लेते हुए सेक्सी आवाजें निकालने लगीं।

कुछ देर उनको चोदने के बाद उनको कुतिया बना कर उनकी गांड भी मारी।

ऐसे कुछ देर तक मैंने उनकी जबरदस्त चुदाई की और वह झड़ गईं।उनके झड़ने के कुछ मिनटों में मैं भी झड़ गया।

उसके बाद कुछ देर आराम करने के बाद मैंने उनकी चूत चाटना शुरू किया और फिर से उनको चोदा।

मैंने उस रात तीन बार चुदाई की और जब तक माँ और पापा नहीं आए.. तब तक हम रात-दिन चुदाई करते रहे।

आपको मेरी कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करें।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

2 टिप्पणियां

अनुभव कुमार

2 weeks ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

नितिन अवस्थी

3 weeks ago

अगला भाग जल्दी से अपलोड कर दो भाई, अब और इंतज़ार नहीं होता।

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