बिग डिक Xxx कहानी में मेरे कॉलेज का एक लड़का मुझे चोदना चाहता था. मैं भी उसका लंड लेने को आतुर थी पर नखरे दिखा रही थी. मैं आखिर उससे चुद ही गयी. कैसे?
यह कहानी सुनें.
फ्रेंड्स, मैं श्रुति आपको अपने साथ पढ़ने वाले एक हैंडसम लड़के विजय से चुदने की चुल्ल को लेकर अपनी सेक्स कहानी सुना रही थी.कहानी के पहले भागकॉलेज गर्ल की अंतहीन वासनामें अब तक आपने पढ़ लिया था कि विजय मुझे चोदने को राजी नहीं था, वह मुझे तड़फा रहा था.उसने मेरे सामने मेरी बहन की चुत चुदाई के बाद मुझे चोदने की बात रखी तो मैं अपनी बहन चुदवाने के लिए राजी हो गई और उसे पब में लेकर आ गई.
उस दिन शाम को हम सब पब में आ गए और ड्रिंक करने लगे. जल्दी ही हम सब न.शे में धुत हो गए.
मैंने अनामिका दीदी से कहा- दीदी, मैं शाहिद के साथ जा रही हूँ. कल कॉलेज में उसके साथ मेरी प्रेजेंटेशन है, तो मैं जल्दी जा रही हूँ. विजय पारुल को उसके हॉस्टल छोड़ कर आपको घर छोड़ देगा!
यह कह कर मैंने आंख दबा दी तो दीदी समझ गईं कि मैं शाहिद से चुदने उसके कमरे पर जा रही हूँ और दीदी विजय को लेकर कमरे पर चली जाएं और उसके लौड़े से चुदने का मजा ले लें.
मेरी आंख का इशारा समझ कर दीदी ने तुरंत हां कर दी.
पारुल को कोई अंदाज़ा नहीं था कि उसे छोड़कर विजय मेरी बहन को चोदने वाला है.
आगे की बिग डिक Xxx कहानी मेरी बहन ने मुझे बताई.अनामिका दीदी ने बताया कि:
विजय ने पारुल को हॉस्टल छोड़ा और फिर मुझे लेकर फ्लैट की तरफ निकल गया.
पार्किंग से लेकर फ्लैट तक मुझे सहारा देकर ले गया और रास्ते में उसने मेरे बदन को सहलाने के खूब मजे लिए. मेरी चूचियां दबाईं, गांड मसली, कमर को सहलाया यानि उसने मेरी हर चीज़ सहलाई और मैंने भी प्यार से उसे मजे दिए.
विजय ने मुझको फ्लैट में लाकर बेड पर लिटा प्रिया और खुद मेरे बगल में लेट गया.थोड़ी देर बाद वह करवट बदल कर मेरी गांड की तरफ लंड करके लेट गया.
विजय सरक कर मेरे बहुत करीब आ गया था.मैं उसकी सांसें अपनी गर्दन पर महसूस कर रही थी और उसका लंड थोड़ी-थोड़ी देर में मेरी गांड से टकरा जाता था.
थोड़ी देर बाद उसने अपना लंड मेरी गांड पर पूरा चिपका प्रिया.जब एक मिनट तक मैंने कोई रिएक्शन नहीं प्रिया तो उसने अपना हाथ मेरी कमर पर रख प्रिया.वह हल्के-हल्के से मेरी कमर को दबाने लगा और लंड को गांड पर घिसने लगा.
अब वह समझ चुका था कि मेरी सहमति है.उसने एक झटके से मुझे सीधा किया और मेरा शॉर्ट्स उतार प्रिया.मैं नीचे सिर्फ पैंटी में थी.
वह मेरी गोरी जांघों को चूमने लगा, चूत के आसपास जीभ फिराने लगा.
कुछ देर बाद वह बोला- कमाल की खुशबू है आपकी चूत में, अनामिका जी आज तो मैं आपकी चूत चाट-चाट कर पूरा रस पी जाऊंगा!
ये बोलकर उसने पैंटी को साइड करके चूत चाटना शुरू कर प्रिया.क्या कमाल का चूत चाटता था यार … मुझे सनसनी होने लगी थी.उसने मेरी चूत चाट-चाट कर सिर्फ 15 मिनट में ही मुझे झाड़ प्रिया.
उसके बाद उसने अपना लंड पैंट से बाहर निकाला, तो उसका हैवी लंड देखकर मेरी आंखें फटी की फटी रह गईं.क्या बिग डिक Xxx था … मोटा, लंबा और बेहद शानदार.मैं बिना बोले उसका लौड़ा चूसने लगी.
कोई 20 मिनट तक मैंने उसका लौड़ा अच्छे से चूसा.उसके बाद उसने मुझे पूरी नंगी कर प्रिया.
वह मेरे मम्मों को दबा-दबाकर चूसने लगा, चूत में उंगली करने लगा.मैं मस्त होकर पागल हो चुकी थी.
मैंने विजय को जकड़ लिया और बोली- प्लीज चोद दो मुझे … फाड़ दो मेरी चूत … चाहे तो मेरी गांड भी मार लो!‘हम्म … पहले गांड में ही दूंगा.’
यह कह कर विजय ने मुझे घुमाकर घोड़ी बनाया और उसने पहले मेरी गांड में अपना लंड रगड़ा … मेरी गांड में धुकपुक होने लगी थी.मैंने गांड को ढीली कर प्रिया.
उसने सुपारे को छेद में फँसाते हुए जोर लगाया और मेरे थूक से गीला हुआ अपना पूरा लंड मेरी गांड में पेल प्रिया.
उस वक्त तो ऐसा लगा जैसे जान निकल जाएगी.
मेरी ‘ऊँह मर गई’ की आवाज निकली.उसने मेरे दूध दबाए और जोर लगाते हुए लौड़े को आगे पीछे करके गांड मारनी शुरू कर दी.
हालांकि मैंने कई बार गांड मरवाई है, कई लंड पहले भी गांड में ले चुकी हूँ, लेकिन उसके लंड की ताकत अलग थी.साले ने 15 मिनट में मुझे थका प्रिया, गांड मारकर मुझे बेड पर बिछा प्रिया.
फिर वह अपनी बांहों में मुझे उठाकर खड़ा हो गया और मुझे अपने लंड पर रख प्रिया.मेरी चूत के छेद पर उसने अपना लंड फिट किया और मुझे दबा प्रिया.
उसका पूरा लौड़ा एक बार में मेरी चुत की जड़ तक घुसता चला गया.मेरी मदमस्त आह निकल गई.
अब वह हवा में उछाल-उछाल कर मेरी चुत चोदने लगा.फिर उसने मेरी कमर पकड़ कर मुझे बेड पर पटक प्रिया और पूरे 40 मिनट तक चोदता रहा.
कमाल की चुदाई थी वह … उस रात उसने मुझे सोने नहीं प्रिया, सिर्फ चोदता रहा.मैं कई बार झड़ी और कब चुदकर सो गई, पता ही नहीं चला.
जब सुबह उठी तो विजय जा चुका था.मैंने खुद को ठीक किया और श्रुति को कॉल किया.
उसने हंस कर हाल पूछा, तो मैं बस कसमसा कर रह गई.मेरे मुँह से सिर्फ यही निकला- साला मदमस्त हाथी है.
मैं 3 दिन श्रुति के पास रही और उन 3 दिनों में उसने मुझे मेरी बहन के सामने भी चोदा.एक बार तो मैं मूत रही थी, बहनचोद ने लौड़ा चूत में उतार प्रिया.
हरामी था साला, लेकिन कमाल का चुदक्कड़ था.
दोस्तो, मेरी बहन को मैंने चुदते हुए देखा था कि विजय ने उसकी चूत को सिर्फ चोदा नहीं, रौंदा था … और मेरी बहन मस्त होकर चुदी भी थी उससे!
विजय ने मेरी बहन को समीक्षा के साथ भी चोदा.उन दोनों की चूत का एक साथ भोसड़ा बनाया था.
समीक्षा और मेरी बहन अनामिका को अपने सामने नंगी करके दोनों को एक-दूसरे की चूत चटवाई और दोनों से लौड़ा चुसवाया.साले ने मेरी शर्त के बहाने अपनी सारी ख्वाहिशें पूरी कीं. मेरी बहन अनामिका को गाड़ी में भी चोदा.
इतना करने के बाद भी उसने मुझे अब तक नहीं चोदा था. मैं भी वक्त का इंतजार कर रही थी.हमारे कॉलेज के सारे सेमेस्टर खत्म हो गए थे और अब हमें इंटर्नशिप करनी थी.
मेरी और विजय की इंटर्नशिप एक ही कंपनी में लगी, जबकि पारुल और शाहिद की अलग-अलग शहरों में.अब मैं और विजय एक ही कंपनी में, एक ही शहर में थे.
हम दोनों ने एक महीने के लिए एक फ्लैट ले लिया.पारुल और शाहिद को कोई आपत्ति नहीं थी … शाहिद को लगता था कि श्रुति लॉयल है और पारुल को विजय पर पूरा भरोसा था.
अब मैं और विजय इंटर्नशिप करने के लिए एक ही फ्लैट में शिफ्ट हो चुके थे.शुरुआती 2 दिन हम इंटर्नशिप में बहुत बिजी रहे और विजय ने मुझे चोदने की कोई कोशिश नहीं की.
मैंने उसे रिझाने में कोई कसर नहीं छोड़ी.मैं फ्लैट में ब्रा-पैंटी में घूमती, उसके सामने चूत में उंगली करती, लेकिन वह भी ढीठ था … टस से मस नहीं हो रहा था.
वैसे तो मैंने पिछले भाग में अपने बारे में बताया था, लेकिन मैं आपको पुनः बता दूँ कि दूध सा गोरा बदन है मेरा. मैं गोल चश्मा लगाती हूँ, मेरे उरोज कसे हुए हैं और गांड एकदम टाइट.कद लंबा है और कमर 28 इंच … मतलब एकदम पतली.
हर कोई मुझे चोदने की ख्वाहिश पालता था और यहां विजय मेरी अग्निपरीक्षा ले रहा था.
अब मेरे सब्र का बांध टूट चुका था.एक दिन इंटर्नशिप से आकर मैं पूरी नंगी फ्लैट में घूमने लगी. मैंने चूत साफ करके रखी थी.विजय चिकनी चुत को निहारने लगा, मुझे देखा और अपनी शर्ट निकाल कर खड़ा हो गया.
उसका शरीर गठीला था, एकदम फिट … कॉलेज फुटबॉल टीम का कप्तान था ना!
वह मेरे पास आया, एक हाथ से मेरी कमर पकड़ी, खींचकर खुद से चिपका लिया.मेरे बूब्स को देखने लगा, एक हाथ से सहलाने लगा, निप्पल्स को उंगलियों से दबाने लगा, फिर अपना मुँह लगा प्रिया.
कमाल का अंदाज था उसका … खरबूजों को चूसने का … मैं कामुकता से सिसियाने लगी.
थोड़ी देर मेरे चूचों को चूसा, फिर दोनों गालों को दबाकर कसके एक जोरदार किस किया.मैं गनगना गई … इतना जबरदस्त किस था.
मैं बोली- पूरे एक महीने तक चोद-चोद कर विजय … अपना लंड चांप दो मेरी चूत में … जान तुम्हारे लंड के लिए कब से तड़प रही हूँ बाबू!ये बोलते-बोलते मैं अपनी चूत उसके लौड़े पर रगड़ने लगी.
विजय ने बिना कुछ बोले मेरा सिर पकड़ा, मुझे नीचे बिठा प्रिया.वह बोला- चल, लौड़ा चूस … आज तुझे बताऊंगा कि चुदाई क्या होती है मादरचोद!मैं बोली- तू बता न … यही तो चाहती हूँ.
मैं पागलों की तरह उसकी पैंट खोलने लगी, जैसे खजाना मिल गया हो.जैसे ही पैंट खोली, उसका 8 इंच लंबा नाग मेरे मुँह से टकराने लगा.
मैं हल्के-हल्के उसका लंबा-मोटा-धांसू लंड चूमने लगी.उसे सॉफ्टी आइसक्रीम समझ कर चाटने लगी.
दोनों हाथों से उसका लंड मथने लगी और उसका लंड लोहे की रॉड जैसा कड़क हो गया.
कमाल का स्वाद था उसके लौड़े का … मन ही नहीं भर रहा था.मैं उसे पागलों की तरह चूसकर पूरा निगल जाना चाह रही थी.
लेकिन उसका लंड इतना बड़ा था कि पूरा मुँह में जा नहीं रहा था.
विजय खड़ा था और मैं घुटनों पर बैठकर उसका लौड़ा मुँह में ले रही थी.
देर तक लंड चुसवाने के बाद उसने मेरे सिर को एक हाथ से पकड़ा और मुँह में लौड़ा घुसाने लगा.मैं उसका पूरा लौड़ा मुँह में नहीं ले पा रही थी, फिर भी वह ज़बरदस्ती घुसाए जा रहा था.
इसी बीच मेरा दांत उसके लौड़े पर लग गया.वह चिल्लाया- मादरचोद रंडी, पूरा मुँह खोल साली … चुदने का शौक था ना, तो चूस … पूरा मुँह में लेकर … कुतिया अगली बार दांत लगाया तो माँ चोद दूंगा तेरी!
मैं सहम गई और पूरा मुँह खोलकर उसका पूरा लंड अन्दर लेने लगी.अब उसने दोनों हाथों से मेरा सिर पकड़ा और मेरे मुँह को हल्के-हल्के चोदने लगा.जब उसका लंड पूरा अन्दर जाता था, मेरी सांस अटक जाती थी.
फिर उसने पूरा लौड़ा मुँह में पेलकर सिर को दोनों हाथों से दबा प्रिया.मैं उसका पूरा लौड़ा निगल गई और मेरी सांस जैसे रुक गई.
कुछ सेकंड बाद उसने लौड़ा निकाला, तो मैं हांफ रही थी.उसने मेरा सिर पकड़ कर अपने अंडकोषों पर ले जाकर कहा- चल चूस!
पांच मिनट तक मैं थकी-हारी उसके लंड के गोलों को चूसती रही.लंड को खूँटी समझ कर लटक-लटक कर चूसती रही.
अब उसने मुझे खड़ा किया, दोनों हाथों से उठाकर झुलाता हुआ रूम में ले आया.प्यार से बेड पर लिटाया और मेरे होंठों को प्यार से चूस-चूसकर चूमने लगा.
फिर वह बोला- आह श्रुति, बढ़िया लंड चूसती हो डार्लिंग … तुमको इतना तड़पाया है … पूरे एक महीने सिर्फ चोदूँगा, सारी कमी पूरी कर दूँगा!
मैं बोली- हां … मुझे पारुल समझ कर, अपनी बीवी समझ कर एक महीने सुहागरात मनाओ और मेरी चूत को खोद-खोद कर गहरी कर दो मेरे राजा!विजय बोला- पारुल को जितना ठोका है, उतना ठोक दूँगा तुझे … तो छोड़ देगी शाहिद को?
उसकी बात पर हम दोनों हंसने लगे.
अब विजय खिसक कर मेरी टांगों के बीच आ गया.मेरी टांगें खोलकर चूत की फांकों को फैला प्रिया और जीभ डालकर चूसने लगा, मेरी चुत के होंठों को काट-काटकर चूसने लगा.
क्या कमाल से चूस रहा था मेरी चूत … मैं सातवें आसमान पर थी.मैंने दोनों पैरों से उसके गले पर कैंची लगाई और उसके सिर को चूत पर दबा प्रिया.
मादरचोद ने पूरी जीभ चूत में उतार दी और लप-लप करके चूसने लगा.
वह काफी देर तक मेरी चुत चूसता रहा.उसने मेरी चूत को चाट-चाटकर मुझे पागल कर प्रिया था.
मेरी चूत लंड के लिए तड़पने लगी.मैं मस्ती में चिल्लाने लगी, उसके आगे गिड़गिड़ाने लगी- विजय चोद दो अब … सहन नहीं हो रहा!
यह सुनकर विजय आधा बैठ गया.उसने मेरी एक टांग उठाकर अपने कंधे पर रखी और लंड को चूत पर रखकर एक जोरदार झटका दे प्रिया.उसका पूरा लंड ‘फच’ की आवाज के साथ चूत में घुसता चला गया.
चूत इतनी गीली थी कि पूरा लंड झेल गई और मेरी आह निकल गई.एक गर्म-कड़क रॉड मेरी चूत फाड़कर अन्दर घुस चुकी थी.
मेरी चूत लंड से पूरी चिपक कर चूमने लगी.
अब वह मुझे हिला-हिलाकर चोदने लगा और मैं भी मस्त होकर उसका साथ देने लगी.चूत उसका लंड पाकर आनंदित थी और अब उसके लंड का नाप रटकर मैं मस्ती से चुद रही थी.
करीब तीस मिनट बाद उसने मुझे उल्टा लिटा प्रिया और मेरे ऊपर सीधा लेटकर मुझे चोदने लगा.मेरे गालों को काट-काटकर चूसने लगा, मेरी गर्दन चूसने लगा.
ये अलग तरीके का आनन्द था मेरी चूत इस पोजीशन में टाइट हो गई थी और पीछे से लंड बोरिंग करके मेरी चूत से पानी निकाल रहा था.खड़ी करके, घोड़ी बनाकर, ना जाने किस-किस पोजीशन में उसने मेरी चूत पर लंड का कहर बरपाया.
पूरा लंड उसने मेरी चूत में गाड़ सा प्रिया था और मेरी चूत पनिया गई थी.
मैं उसका लंड खाकर पागल हो गई थी और बड़बड़ा रही थी ‘साले, तेरे लंड के बारे में सोच-सोचकर शाहिद से चुदी हूँ मादरचोद … लेकिन आज पता लगा तेरा लंड अलग है. तेरे आगे शाहिद कुछ नहीं है … हरामी साले भड़वे चोद मुझे … और चोद चोद कर चूत फाड़ दे मेरी … पूरा पानी निकाल दे!’
उसकी तीन घंटे की लगातार चुदाई में मैं अनेकों बार झड़ चुकी थी.
विजय बोला- रंडी, तुझे सोच-सोच कर पारुल की चुत खूब चोदी है … और जब तुझे समझ कर उसे चोदता हूँ तो पारुल की माँ चुद जाती है. पारुल को पता है कि इस एक महीने में मैं तेरी चूत का भोसड़ा बना दूँगा!मैं बोली- क्या सच में उसको पता है?विजय बोला- हां, उसको पता है कि मैं तेरी चूत का भूखा हूँ. जब तुझे याद करके उसे चोदता हूँ तो कई कई घंटे लगातार ठोकता रहता हूँ.
मैं बोली- उसको मत बताना … उसे भ्रम में रहने देना!विजय बोला- ओके!
अब मैं थक चुकी थी.विजय सीधा लेटा था और मैं उसके लंड पर कूद रही थी.
फिर विजय ने आखिरी दांव चला.उसने मुझे उठाकर पटक प्रिया, मेरे ऊपर आ गया और धकम-पेल चुदाई करने लगा.उसके धक्के बिजली की गति से मेरी चूत पर पड़ रहे थे.
मैं कुछ ही मिनट में झड़ गई और वह मुझे अगले बीस मिनट तक और चोदता रहा.झड़ने के बाद विजय हट गया और उसने मुझे अपने लौड़े के वीर्य से पूरा भिगो प्रिया.
अब हम दोनों अगल-बगल लेटकर अपनी सांसें कंट्रोल करने लगे.मैं बोली- साले, कोई बिना चुदी लड़की मिल जाएगी, तो तेरा हरामी लंड तो उसे मार ही देगा!
वह बोला- तुझे गलतफहमी है मेरी रंडो … सारी चूतें लौड़ा ले लेती हैं डार्लिंग, बस जरा दर्द होता है … लेकिन यह तय है कि मेरा लंड उसको रांड बना ही देगा!
यह कह कर उसने आंख मार दी.
इस एक महीने विजय ने मेरी चूत को चौड़ा कर प्रिया, मुझे चोद-चोदकर पूरा खोल प्रिया और इस बीच उसने मुझे एक सरप्राइज भी प्रिया, जो मैं अगली कहानी में बताऊंगी.
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