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भाई बहन पठन समय: 8 मिनट पढ़ा गया: 781 बार

भाई को सिड्यूस करके अपनी हवस पूरी की

आरती जायसवाल

21 Jun 2015 को प्रकाशित

भाई को सिड्यूस करके अपनी हवस पूरी की
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मैं दिखने में बहुत ही सुंदर हूँ, मेरा बदन का आकार 34-28-34 का है यानि मेरे चूतड़ और चूचे 34″ के हैं. मेरा ब्वॉयफ्रेंड भी है और मैं उससे चुद भी चुकी हूँ. मुझे लंड चूसना और उसका पानी पीना बहुत ही अच्छा लगता है.

यह एक रियल सेक्स स्टोरी है. हमारे घर में केवल 4 सदस्य हैं, मेरे मम्मी पापा, मैं और मेरा बड़ा भाई. मेरे मम्मी-पापा दोनों सरकारी जॉब करते हैं तो वे सबेरे 9 से शाम 6 बजे तक घर पर नहीं होते हैं. भाई मेरे से 4 साल बड़ा है और बी.टेक. के फाइनल ईयर का स्टूडेंट है.

एक दिन मैं दोपहर में खाली अपने कमरे मैं बैठी रियल सेक्स स्टोरी पढ़ रही थी, वो स्टोरी भी भाई-बहन वाली थी. उसमें बड़े ही कामुक अंदाज में बताया गया था कि कैसे एक भाई ने अपनी बहन को सिड्यूस किया और मज़े लिए. सेक्स स्टोरी को पढ़ते-पढ़ते मेरी पूरी चुत गीली हो गई और मुझे लंड की कमी महसूस होने लगी.

मैंने भी सोचा क्यों ना अपने भैया को ही सिड्यूस किया जाए. भाई स्मार्ट भी हैं जवान भी हैं और उन्हें भी तो चुदाई के लिए मन करता होगा. अगर भैया मुझसे पट गए तो मेरा काम भी हो जाएगा, वो भी घर पर ही.

मेरे भैया दिखने में काफ़ी स्मार्ट हैं और मेरी बहुत सारी फ्रेंड्स उन्हें लाइन भी मारती हैं.

हम लोग शुरू से ही बहुत खुली बातचीत को तरजीह देते रहे हैं, लेकिन सेक्स रिलेटेड टॉपिक पर हम दोनों पर हमारी कभी बात नहीं हुई.

फिर मैंने सोचा भैया भी घर पे ही हैं.. ट्राइ किया जाए. मैं अपने रूम से बाहर आई.. तो देखा कि भैया ड्राइंगरूम में ही सोफे पर सो रहे थे.. और टीवी ऑन था. ऐसा लग रहा था कि भैया टीवी देखते-देखते ही सो गए हैं. टीवी पर एक रोमांटिक इंग्लिश मूवी चल रही थी जिसमें काफ़ी बोल्ड सीन थे.

मैंने भैया को आवाज़ दी लेकिन वो उठे ही नहीं तो मैंने उन्हें थोड़ा हिलाया. वो फिर भी नहीं उठे तो मुझे लगा वो बहुत ही गहरी नींद में सो रहे हैं. सोते हुए भी उनके पैंट पर लंड का उभार बना हुआ था. इसका मतलब ये था कि भैया भी कोई सेक्सी सपना देख रहे थे मैं तो उनके लंड के उभार को देख कर मचल सी गई और मेरी चुत और पानी छोड़ने लगी. मैंने धीरे से अपना हाथ भैया के उभार पर रखा और तुरंत हटा लिया. मैंने फिर से भैया को देखा.. भैया आराम से सो रहे थे.

इस बार मेरी हिम्मत थोड़ी बढ़ गई और मैंने फिर से उभार को उंगली से टच किया. इस बार मैंने पहली बार भाई के लंड को अच्छे से फील किया. उनके लंड का साइज़ काफ़ी बड़ा था और काफ़ी मोटा लंड था. मेरी तो चुत पूरी गीली हो गई और चुत का पानी जाँघों पर आकर बहने लगा.

हिम्मत करके मैंने धीरे से भैया का बेल्ट खोला और उनकी तरफ डरते हुए देख कर उनकी पैंट और अंडरवियर को थोड़ा नीचे करके उनके लंड का दीदार किया.भैया ने अपनी झांटें साफ़ की हुई थीं. उनका लंड बड़ा ही सुंदर दिख रहा था. एकदम गोरा और गुलाबी लंड था.उनके गोरे लंड को देख कर मेरी साँसें ही रुक गईं. भैया अभी भी सो रहे थे. उनका लंड मेरी दोनों हाथ में भी नहीं आ रहा था. मैंने सोचा आज तो भाई के लंड से चुद कर ही रहूंगी.. भैया कुछ भी बोलें.

कुछ देर यूं ही लंड को देखने के बाद मुझसे बर्दाश्त नहीं हुआ, मैंने उनके लंड पर किस किया और धीरे-धीरे लंड चूसने लगी. उनका थोड़ा सा ही लंड मेरे मुँह में जा पा रहा था. लंड चूसना तो मुझे पहले से भी पसंद था तो मैं लंड चूसने के मजे में खो सी गई. मैंने इतना भी नहीं सोचा कि अगर भाई उठ गए तो क्या होगा.

लेकिन उनका लंड इतना मजा दे रहा था कि मैं भाई को बिल्कुल ही भूल गई. थोड़ी देर बाद मुझे भैया का ख्याल आया तो देखा, वो उठ चुके थे और मुझे लंड चूसते हुए देख रहे थे.

भैया ने कुछ भी नहीं बोला, ना मैंने कुछ कहा. बस मैंने फिर से उनका लंड चूसना शुरू कर दिया. शायद उन्हें लंड चुसवाना अच्छा लग रहा था इसलिए उन्होंने मुझे ठीक से लंड चुसवाना शुरू कर दिया.

उनकी रजा को देख कर अब तो मैं पूरे मज़े लेकर भाई का लंड चूसती रही. भाई का लंड मेरे मुँह में जितना अन्दर जा सकता था, मैं लेती रही. भैया भी मेरे बालों को सहलाते हुए अपने लंड को पूरा मेरे मुँह में डालने की कोशिश कर रहे थे.

कुछ ही देर में लंड एकदम तन गया और भैया से अब बर्दाश्त नहीं हो रहा था, उन्होंने मुझे अपने ऊपर खींचा और मुझे किस करने लगे. मैं भी उनके किस का जवाब बड़े अच्छे से दे रही थी. उन्होंने मेरी पूरी जीभ को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया. मुझे चुत में चींटियाँ सी रेंगने लगी थीं.

काफ़ी देर तक चूमाचाटी करने के बाद भैया ने मेरे टॉप को उतार दिया. मैं घर में ब्रा नहीं पहनती थी तो मेरी चूचियां एकदम से आज़ाद होकर भैया के चेहरे के सामने झूलने लगीं. भैया मेरे खुले मस्त मम्मों को देख कर पागल से हो गए. भैया ने किसी वहशी के जैसे मेरी एक चुची को हाथों में भर लिया और मसलने लगे.. इसी के साथ वे मेरे दूसरे मम्मे को मुँह में लेकर चूसने लगे.भैया इतनी जोर से मेरी चुचियों को दबा रहे थे कि मुझे दर्द होने लगा था, लेकिन मैंने उन्हें मना नहीं किया और चूची चुसवाने के मज़े लेती रही.

अब लगा जैसे भैया को भी नहीं रहा जा रहा था, उन्होंने मुझे अपने लंड के उपर बैठा लिया और कमर पकड़ कर एक बार में ही पूरा लंड मेरी चुत में पेल दिया. मैं तो उनके लम्बे लंड की तगड़ी चोट के दर्द से कराह पड़ी. मेरी चुत गीली होने के बावजूद इतने बड़े लंड के अन्दर जाते ही एकदम से रो पड़ी. मुझे ऐसा फील हुआ जैसे कोई लोहे का गर्म रॉड मेरे अन्दर जा रहा है.

भैया अब नीचे से धक्के देने लगे. दस मिनट तक धकापेल चोदने के बाद भाई ने पोजीशन चेंज की और मुझे सोफे पे लिटा कर मेरे दोनों पैरों को अपने कंधों पर रख कर मुझे ज़बरदस्त चोदने लगे.भैया का मूसल लंड मेरी चुत में पूरे अन्दर तक जा रहा था. मुझे ऐसा लग रहा था कि जैसे वो मेरी बच्चेदानी तक टच हो रहा है.

फिर कुछ देर मेरी चुत चोदने के बाद उन्होंने लंड मेरी चुत से निकाला और मेरे मुँह में दे दिया. इतनी देर चोदने के बाद भी भाई का वीर्य अभी तक नहीं निकला था. फिर कुछ देर तक लंड चुसवाने के बाद भाई ने मुझे टेबल पर लिटा दिया और चोदने लगे.इस बार उनकी स्पीड कुछ ज़्यादा ही तेज हो थी. कुछ देर चोदने के बाद भाई ने अपना पूरा माल मेरी चुत में ही निकाल दिया. मैं तो आज पूरी तरह से तृप्त हो चुकी थी.

कुछ देर तक भाई मेरे ऊपर ऐसे ही पड़े रहे.. फिर कुछ देर बाद वे मुझे फिर से किस करने लगे. कुछ मिनट बाद मेरी चुत का फिर से बाजा बजने लगा था.

अब तो ये हमारी डेली रुटीन हो गया है. मैं आपको अगली सेक्स स्टोरी में बताऊंगी कि कैसे मेरे भाई के दोस्तों ने मेरी चुत चोदी और भाई ने मेरी गांड भी मारी.

मेरा ब्वॉयफ्रेंड भी अब मुझे घर पर आ कर ही चोद लेता था. भैया भी कुछ नहीं कहते हैं.

भाई से चूत चुदाई की मेरी रियल सेक्स स्टोरी आपको कैसी लगी?support@mohakkisse.com

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