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भाभी की चुदाई पठन समय: 15 मिनट पढ़ा गया: 960 बार

दोस्त की बीवी को चोद कर मजे लिए

रवि ग्वेन

14 Mar 2026 को प्रकाशित

दोस्त की बीवी को चोद कर मजे लिए
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भाभी Xxx सेक्स कहानी में मेरे दोस्त की पत्नी बहुत सुंदर है. मैं उसे चोदना चाहता था. वह भी अपने पति की नशे की गंदी आदत से परेशां थी. मैंने भाभी का साथ प्रिया तो भाभी ने अपनी चूत दी.

ये मेरी पहली सेक्स कहानी है जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ.

यह भाभी Xxx सेक्स कहानी मेरी और मेरे दोस्त अमित की बीवी खुशबू के बारे में है.कैसे मैंने अपने दोस्त की वाइफ को अपना दीवाना बनाया और कैसे उसकी चुदाई की.

जैसा कि मैंने ऊपर बताया कि मेरा एक दोस्त है उसका नाम अमित है.उसके मकान के नीचे एक शॉप है और ऊपर दो मंजिला मकान है.

उस घर में उसके मां-बाप, दो बच्चे, मेरा दोस्त और उसकी वाइफ रहते हैं.मेरे दोस्त की वाइफ बहुत ही सुंदर है.

जब से मैंने उन्हें पहली बार देखा था, तभी से उनका दीवाना हो गया था.मैं उन्हें भाभी कहकर बुलाता हूँ.

जैसा कि मैंने बताया, मेरे दोस्त की एक शॉप है, तो मेरा उसकी शॉप पर रोज़ जाना होता था. इस वजह से उसके घर के सारे लोग मुझे अच्छे से जानते थे.यहां तक कि उसके घरवाले मुझे अपने बेटे जैसा ही मानते थे.भाभी भी मुझे अपना देवर समझती थीं.

मेरा दोस्त ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं था और उसे नशे की गंदी आदतें भी थीं, जिससे उसकी वाइफ बहुत परेशान रहती थी.

इस वजह से भाभी मुझसे उसकी सारी बातें करती थीं और कहती थीं कि रोहित आपके दोस्त हैं, तो कुछ समझाओ!

यहां मैं बता दूँ कि मेरी भाभी खुशबू बहुत सुंदर हैं.उनकी उम्र 35 साल है और फिगर करीब 34-30-36 का रहा होगा.

वे ज्यादातर साड़ी ही पहनती थीं, जिसमें उनका जिस्म देखकर मैं पागल हो जाता था.उनके ब्लाउज़ में उनके बूब्स इतने कसे रहते थे कि देखकर मन करता था कि बस अभी खोल कर उनकी चूचियों को चूस लूँ.

मैंने कई बार भाभी को इमेजिन करके अपने लंड को हिलाकर शांत किया है.कुछ समय बाद ही मेरी भाभी को चोदने की इच्छा पूरी हुई.

जैसा कि भाभी ने मेरे दोस्त को समझाने के लिए कहा था.मैंने उनसे कहा- भाभी, जैसा कि आप जानती हैं, वह अभी बच्चा नहीं है. वह समझेगा तो अपने आप … वरना किसी के बाप से नहीं!

अपने पति के इस नशे की वजह से भाभी बहुत परेशान रहती थीं.

हुआ यूँ कि एक दिन मेरा दोस्त अपने ब/च्चों को स्कूल छोड़ने गया और लौटते वक्त उसका एक्सीडेंट हो गया.उसके पैर की हड्डी टूट गई.उसका इलाज कराया गया तो डॉक्टर ने उसे एक साल तक बेड रेस्ट करने को बोल प्रिया.

इसी दौरान जब उसे अस्पताल में एडमिट कराया गया जो हमारे शहर से एक घंटे की दूरी पर था.उसके सारे घरवाले वहां मौजूद थे.

क्योंकि मैंने उसे अपनी गाड़ी में अस्पताल पहुंचाया था, तो मैं भी वहां था.शाम को मुझे घर लौटना था.

मैंने दोस्त के घरवालों से कहा- मैं अब वापस घर जा रहा हूँ. आप में से किसी को चलना हो, तो मेरे साथ चलो!इस पर मेरे दोस्त की मम्मी बोलीं- मैं और तेरे अंकल यहीं रुक रहे हैं. तू अपनी भाभी को ले जा. वह यहां अस्पताल में क्या रुकेगी?तो भाभी मेरे साथ घर आने के लिए निकल गईं.

अब हम दोनों एक साथ गाड़ी में थे.

भाभी बोलीं- मैं तो इस आदमी से परेशान हो गई हूँ देखो ना देवर जी, नशे की वजह से क्या हो गया!मैंने कहा- भाभी, आप चिंता मत करो वह जल्दी ठीक हो जाएगा.

चूंकि मेरे दोस्त का ऑपरेशन सही से हो गया था तो भाभी की टेंशन थोड़ी कम हो गई थी.

भाभी ने मुझसे कहा- देवर जी, क्या आप आज हमारे घर ही रुक जाओगे? मुझे थोड़ी कंपनी मिल जाएगी.

मैंने सोचा कि ये तो गोल्डन चांस है.मैंने झट से हां कर दी.

हम दोनों घर पहुंचे.घर पहुंचते ही भाभी बोलीं- मैं कपड़े चेंज कर लेती हूँ.

वे दूसरे रूम में जाकर साड़ी चेंज करके आ गईं.

उन्हें देखते ही मैंने कहा- आपने तो कपड़े चेंज कर लिए … मैं क्या करूँ?उन्होंने हंस कर कहा- मैं देखती हूँ.

वे मेरे दोस्त की बनियान और चड्डी ले आईं और मुझे देती हुई बोलीं- तुम ये पहन लो!मैं उनके आप से तुम वाले संबोधन पर जरा चौंका, फिर कुछ नहीं कहते हुए कहा- ठीक है.

मुझे बनियान में देखकर भाभी बोलीं- देवर जी, तुम्हारी बॉडी तो बहुत मस्त है.मैंने कहा- थैंक्यू भाभी!

फिर हम दोनों एक-दूसरे से बात करने लगे.मैं भाभी के पूरे जिस्म को देख रहा था.मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं भाभी के होंठों को चूम लूँ.

मैंने कहा- भाभी, एक बात कहूँ? अगर आप बुरा न मानें तो!भाभी बोलीं- हां बोलो ना देवर जी, मैं तुम्हारी बात का बुरा क्यों मानूँगी?

मैंने कहा- भाभी, आप बहुत सुंदर लगती हो.मेरे इतना कहने पर भाभी शर्मा गईं.

मुझे लग रहा था कि भाभी को ये सुनकर बहुत अच्छा लगा है.

मैंने कहा- क्या एक बात और पूछूँ?भाभी बोलीं- हां पूछो ना!

मैंने कहा- क्या आप अपनी मैरिड लाइफ से खुश हो?भाभी ने कहा- तुम तो सब जानते हो मुझे कहां खुशी मिली है? तुम्हारे भैया इतना नशा करते हैं कि मैं तंग आ गई हूँ. मुझे तो कोई तुम्हारे जैसा पति मिला होता, तो अच्छा होता!

मैंने कहा- मुझे भी आपके जैसी पत्नी की इच्छा है!भाभी बोलीं- और कुछ पूछना हो, तो पूछ लो.

मैंने कहा- हां एक बात और पूछनी है, अगर आपको बुरा न लगे तो!भाभी बोलीं- कैसी बात कर रहे हो देवर जी? पूछो जो पूछना है!

मैंने कहा- अभी आपकी सेक्स लाइफ कैसी चल रही है?भाभी ने कहा- कहां कुछ अच्छा चल रहा है. तुम तो देख ही रहे हो, अब तो तुम्हारे भैया को एक साल का बेड रेस्ट और बोल प्रिया है.

मैंने कहा- भाभी, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ.भाभी बोलीं- पागल हो क्या, मैं तुम्हारे दोस्त की पत्नी हूँ. अगर तुम्हारे दोस्त को पता चला कि तुम उसकी बीवी के साथ चालू हो, तो वह हम दोनों को मार देगा!

मैंने कहा- उस नशेड़ी को क्या पता चलेगा. वैसे भी वह एक साल तक बेड रेस्ट करेगा!भाभी बोलीं- हां, वह तो है.

मैंने कहा- अगर आपको कोई परेशानी न हो, तो मैं आपको वह सारी खुशियां दे सकता हूँ, जो मेरा दोस्त नहीं देता!भाभी बोलीं- सच बताऊं देवर जी, मैं भी यही चाहती थी!

इतना बोलते ही मैंने भाभी को अपने पास खींचा और उनके होंठों से अपने होंठों को लगा प्रिया.मैं खुशबू भाभी को जमकर चूमने लगा.

उसी वक्त भाभी के मोबाइल पर उनकी सास का फोन आ गया.

उन्होंने कहा कि यदि रवि अभी वहीं हो तो मुझे जरूरी में घर आना है, प्लीज उसे भेज दो.अब मुझे उन्हें लेने जाना पड़ा.हम दोनों का चुदाई प्रोग्राम उस वक्त स्थगित हो गया.

अब हम दोनों आपस में एक दूसरे को चूमने लगे थे और चुदाई की जुगाड़ में लगे रहते थे.

एक बार मौका मिला भी था तो मैंने जल्दी जल्दी में भाभी को चोद कर उन्हें अपने लौड़े की ताकत का अहसास करवा प्रिया था.मगर मुझे भाभी की सही से लेने का मन था, जिसके लिए मैं अवसर खोज रहा था.

पहली बार चुदाई करवाने के बाद भाभी मेरे लंड की दीवानी हो गई थीं.

जैसा कि मेरा दोस्त रोहित, जिसे एक्सीडेंट के बाद डॉक्टर ने एक साल का बेड रेस्ट बोला था, अब घर पर आ गया था.

वह नीचे वाले रूम में बेड पर आराम कर रहा था.उसे चलने की मनाही थी.

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डॉक्टर ने साफ़-साफ़ कहा था- आपको चलना नहीं है!इसका फायदा मैंने और मेरी भाभी ने खूब उठाया.

भाभी ने मुझे बताया कि मेरे पति घर आ गए हैं!मैंने कहा- अब तो मैं आपके पास नहीं आ पाऊंगा!

इस पर भाभी बोलीं- मैंने उन्हें नीचे वाले रूम में शिफ्ट कर प्रिया है. जब मैं तुझे फोन करूँ, तब आ जाना!

मेरे दोस्त के घर आते ही उसके मम्मी-पापा और बच्चे आगरा में एक शादी में चले गए.इस पर भाभी ने सोचा, यही सही मौका है.

भाभी ने मुझे फोन किया और बोलीं- मेरे घर वाले आगरा शादी में जा रहे हैं, एक हफ्ते के लिए … जब मैं तुझे फोन करूँ, तब आ जाना.मैंने कहा- ठीक है भाभी, पर कोई प्रॉब्लम तो नहीं होगी ना?भाभी बोलीं- नहीं, कोई प्रॉब्लम नहीं होगी मैंने सब सैटिंग कर दी है.मैंने कहा- फिर ठीक है.

दोपहर में भाभी के घर वाले आगरा चले गए.रात को भाभी ने मेरे दोस्त को खाना आदि खिलाकर सुला प्रिया.

फिर मुझे देर रात को लगभग 11:30 बजे फोन किया.वे बोलीं- अब तू आ जा चुपचाप … मैंने नीचे का गेट खुला रखा है. तू चुपचाप ऊपर आ जाना … बिना आवाज़ किए!

मैंने अपने जूते नीचे उतार दिए और नंगे पैर सीढ़ियों से चढ़कर सबसे ऊपर वाले माले पर भाभी के रूम में चला गया.

मैंने भाभी से कहा- भाभी, ये क्या पागलपन है? मेरा दोस्त नीचे ही सो रहा है और आपने मुझे इस तरह ऊपर बुला लिया … हम पकड़े जाएंगे!भाभी बोलीं- कुछ नहीं होगा, उसको डॉक्टर ने चलने-फिरने और उठने के लिए मना किया है.

मैंने कहा- फिर भी, अगर हमारी आवाज़ नीचे चली गई तो?भाभी बोलीं- नीचे बिल्कुल आवाज़ नहीं जाएगी. हमारा रूम इतना ऊपर है. मुझे अंदाजा है, मैं कभी ब/च्चों को आवाज़ भी लगाती हूँ, तो नीचे सुनाई नहीं देती!

मैंने कहा- भाभी, आज तो आप बड़ी सेक्सी लग रही हो!भाभी ने हंसकर कहा- हूँ सेक्सी, तो लगूँगी ना!

मैंने कहा- भाभी, एक बात बोलूँ? भैया के होते हुए आपके साथ सेक्स करने में बहुत मज़ा आता है!भाभी बोलीं- अच्छा, दोस्त से भैया पर आ गया!मैंने कहा- आप भाभी हो तो, वह मेरा भैया ही हुआ ना!

भाभी ने कहा- अच्छा, चल बता … आज क्या-क्या करेगा मेरे साथ?मैंने कहा- बहुत कुछ करना है.

मैं अपने साथ सिलिकॉन का एक लंड लेकर गया था.उसे मैंने भाभी को दिखाया.

भाभी डर गईं और बोलीं- ये क्या?मैं- भाभी, एक तरफ मेरा लंड लो और दूसरी तरफ ये वाला!

भाभी ने कहा- अच्छा, पोर्न मूवी की तरह तू चाहता है कि मैं दो-दो लंड से चुदूँ?मैंने कहा- हां भाभी.

भाभी बोलीं- कितना गंदा है तू … पर मुझे तेरा ये गंदापन अच्छा लगता है. तेरा बस चले तो तू मुझे खुली सड़क पर भी रगड़ दे!मैं हंस प्रिया.

फिर भाभी ने कहा- तुझे एक बात बोलूँ? मैं तो चाहती हूँ कि तू और तेरा दोस्त दोनों मिलकर मुझे चोदो, मैं पूरा ट्राई करूँगी कि एक दिन तू और तेरा दोस्त दोनों मिलकर मुझे एक ही बिस्तर पर चोदें.मैंने कहा- भाभी ये तो बाद की बात है मैं आपके लिए एक और चीज़ लाया हूँ!

खुशबू भाभी ने पूछा- क्या लाया है?मैंने उनसे कहा- देखो … ये स्क्वीज बॉटल है … खाली!

भाभी ने पूछा- इससे क्या करेगा? ये क्या काम आती है?मैंने बोला- देख लेना … जब करूँगा तब!

फिर मैंने कहा- पक्का है ना … नीचे आवाज़ तो नहीं जाएगी?भाभी बोलीं- मैं अगर जोर-जोर से चिल्लाऊंगी ना, तब भी नहीं जाएगी.मैंने कहा- बस, फिर ठीक है!

मैंने भाभी को अपनी बांहों में पकड़ लिया और बोला- सच में भाभी, क्या बदन है आपका पूरी भरी हुई हो!भाभी ने हंसकर कहा- तुझे भरी हुई औरतें पसंद हैं ना?मैंने बोला- बहुत!

फिर मैं भाभी की गर्दन पर किस करने लगा.भाभी बोलने लगीं- अच्छा हुआ जो तू मुझे मिल गया वरना मैं अपनी प्यास कहां बुझाती?

मैं भाभी की गर्दन पर किस करता रहा और मेरा एक हाथ उनके ब्लाउज़ के ऊपर उनके बूब्स पर था.मैं एक हाथ से भाभी का एक बूब दबा रहा था.

भाभी ने कहा- रवि, एक मिनट हट!मैंने पूछा- क्या हुआ भाभी?

भाभी ने अपना पल्लू हटाया और बोलीं- पहले मेरे बूब्स को अच्छे से देख.मैं भाभी के बूब्स को घूरकर देखने लगा.

फिर भाभी ने मेरे दोनों हाथ पकड़ कर अपने बूब्स पर रख दिए और बोलीं- दबा इनको!मैं भाभी के बूब्स मसलने लगा.

भाभी मदभरी सिसकारियां लेती हुई मचल रही थीं और बोल रही थीं- बहुत अच्छा लग रहा है रवि … तूने कभी ऐसी औरत देखी है, जो अपने पति के घर में होते हुए दूसरे मर्द से अपने बूब्स दबवा रही हो?

मेरा लंड खड़ा होने लगा.

मैंने भाभी से कहा- भाभी, आज हम डर्टी सेक्स करेंगे!भाभी ने इतना सुनते ही कहा- आह बेबी हां जरूर करो …

मैंने भाभी की साड़ी उतार दी.भाभी ब्लाउज़ और पेटीकोट में आ गईं.

फिर मैंने भाभी के पेटीकोट का नाड़ा खींच प्रिया जिससे उनका पेटीकोट नीचे उतर गया और भाभी अपनी पैंटी में आ गईं.

मैंने भाभी को सोफे के सहारे घोड़ी बना प्रिया और उनकी गांड पर हाथ फेरने लगा.

मैंने कहा- वाह भाभी, आपकी गांड कितनी मस्त और चिकनी है!भाभी वासना से बोलीं- चड्डी के ऊपर से हाथ फेरेगा या उसको उतारेगा भी?

मैंने भाभी की चड्डी को अपने दोनों हाथों से खींचकर नीचे उतार प्रिया.

चड्डी उतरते ही भाभी की मोटी गांड मेरे सामने आ गई.मैं उस पर हाथ फेरते हुए बोला- वाह भाभी, कितनी मस्त, चिकनी गांड है आपकी!

भाभी मेरी तरफ घूम गईं, मेरे गालों पर दोनों हाथ रखती हुई बोलीं- रवि, मेरा एक काम करेगा?मैंने कहा- हां भाभी बोलो ना!

भाभी बोलीं- तुझे मेरी चिकनी गांड बहुत अच्छी लगी ना?मैंने कहा- हां भाभी.

वे बोलीं- तो मैं चाहती हूँ कि तू मेरी गांड को खोलकर अपनी जीभ से चाटे … बोल चाटेगा ना?मैंने कहा- आपकी कोई इच्छा हो और मैं पूरी ना करूँ, ऐसा हो सकता है क्या?

इतना सुनकर भाभी Xxx सेक्स के लिए वापस सोफे पर घूम गईं, घोड़ी बनकर और बोलीं- प्ले बच्चे, अच्छे से खोल इसको!

मैंने दोनों हाथों से भाभी की गांड को चौड़ा किया.भाभी ने पूछा- छेद दिख रहा है ना?मैंने कहा- हां भाभी.

तो भाभी बोलीं- तो इंतज़ार किस चीज़ का कर रहा है? चाट ले अपनी भाभी की गांड का छेद!

फिर मैंने अपनी लंबी जीभ बाहर निकाली और पूरी गीली जीभ सेभाभी की गांड को चाटने लगा.इसी तरह के सेक्स के लिए तो मैं तड़फ रहा था.

उस रात हम दोनों ने तबीयत से एक दूसरे को तीन बार चोद कर संतुष्ट किया.

उसके बाद से जब भी मौका मिलता, मैं भाभी के ऊपर चढ़ जाता और उन्हें चोद देता.

आपको मेरी भाभी Xxx सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएंsupport@mohakkisse.com

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मैंने यह कहानी इंग्लिश में पढ़ी थी। यह कहानी मुझको तो बहुत अच्छी लगी। यह मेरे द्वारा लिखी हुई नहीं है, हाँ इसका अनुवाद जरूर मैंने किया है। इस कहानी को लिखने का सारा श्रेय इसको लेखक को जाता है।अब मैं यह कहानी शुरू करता हूँ:

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