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भाभी की चुदाई पठन समय: 9 मिनट पढ़ा गया: 667 बार

मादक भाभी की चुदाई की मेरी सेक्स कहानी

रामू भदौरिया

31 Jul 2024 को प्रकाशित

मादक भाभी की चुदाई की मेरी सेक्स कहानी
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दोस्तो, मेरा नाम रामू है और मेरी उम्र 22 साल की है, रंग गोरा और हाइट 6 फीट है. मैं इंदौर में रहता हूँ.. और यहाँ जॉब करता हूँ.आइए मेरी सेक्स कहानी का मजा लेते हैं.मेरे पड़ोस में हमारे रूम के पड़ोस वाले रूम में एक भाभी थीं जो देखने में बहुत ही मस्त एकदम सेक्सी माल दिखती थीं.

एक बार जब मैं अपने रूम से ड्यूटी के लिए निकला तो मेरी नज़र भाभी के ऊपर पड़ी, मैं तो कुछ मिनट यूं बुत बना उन्हें देखता ही रह गया मानो किसी परी के दर्शन हो गए हों. भाभी का साइज़ ग़ज़ब का 30-26-32 फिगर था. ये देख कर एकदम से मेरे शरीर में आग जैसी लग गई. मैंने किसी तरह अपने आप पर कंट्रोल किया और ऑफिस को निकल गया.

उस दिन से मेरे मन में भाभी को चोदने का ख्याल आने लगा. अब मुझे दिन रात भाभी ही दिखती थीं. ऐसा लग रहा था कि कब मेरा 8.32″ ( पक्का नपा हुआ है) का लंड भाभी की चुत में घुस जाए.अब मेरे दिमाग़ में भाभी को पटाने के अनेक तरीके आने लगे.

एक दिन मैं मार्केट से रूम की तरफ आ रहा था तभी देखा कि एक महिला मेरे आगे-आगे जा रही थी, उसके मटकते चूतड़ देख कर मेरा मूड और ज़्यादा खराब हो रहा था. मैंने अपने दिमाग़ में सोच लिया कि अगर भाभी मिल जाएं तो उनके चूतड़ों को फाड़ कर दम से चोद दूंगा.

जब मैं चलते-चलते उस औरत के बराबरी में आ गया तो देखा कि ये तो भाभी ही हैं.. मैं तो मन ही मन बहुत खुश हुआ. अब मैं अपने आपको कंट्रोल ना कर पाया और भाभी से बात कर ही ली.मेरी उनसे हाय हैलो हुई और मैं बोला- आप मेरे बगल में ही रहती हैं, मैंने आपको देखा है.

बातचीत शुरू हुई तो भाभी ने अपने बारे में बताया कि उनके हज़्बेंड एयरटेल के ऑफिस में काम करते हैं; और सास ससुर गाँव में रहते हैं. भाभी की शादी को एक साल हो चुका था. मतलब अभी भाभी बिल्कुल नया माल थीं. मेरे मन में भाभी को चोदना ही दिख रहा था.

इसके बाद घर के नजदीक पहुँचे तो भाभी अपने कमरे में चली गईं और मैं भी अपने कमरे में आ गया.

उस दिन से भाभी भी कभी-कभी मेरे रूम की तरफ देखती थीं. मैंने सोचा कि अगर भाभी को छोड़ना है, तो पहले भैया को पटाना बहुत ज़रूरी है.

एक दिन भैया ड्यूटी से वापस आ रहे थे, वे अपने हाथ में कुछ सामान लिए हुए थे. अचानक पोलीथीन फट गई और सामान सड़क पर गिर गया. तभी मैं भी अपने ड्यूटी से आ रहा था, तो मैंने उनकी मदद की.

इसके बाद मैं अपने कमरे की तरफ बढ़ गया. मैंने देखा कि वो भी इसी तरफ आ रहे हैं.मैंने बनते हुए पूछा- आप कहाँ रहते हैं?उन्होंने बताया कि ये सामने वाली बिल्डिंग में रहता हूँ.मैंने भी बताया- अरे, मैं भी तो यहीं रहता हूँ.

बस उस दिन से भैया से मेरी पटने लगी और मैं उनके घर जाने लगा. चाय-पानी भी भैया के साथ में होने लगा. जब भाभी कुछ बनाती थीं, तो भैया आवाज़ देकर बुला लिया करते थे.

अचानक एक दिन भैया को भोपाल में काम आ गया और उस काम के लिए उनका भोपाल जाना बहुत ज़रूरी था. उन्होंने मुझसे बोला- मैं भोपाल जा रहा हूँ. तुम थोड़ा भाभी की देखभाल रखना.मेरे मन में लड्डू फूट गए और बोला- हाँ हाँ भैया बिल्कुल..

शाम को भाभी पकौड़े बना रही थीं. तभी मैं अपने ऑफिस से आया था तो भाभी मुझे देखा कर बोलीं- रामू, आ जाओ, पकौड़े बना रही हूँ, आओ खा लो.मैं बोला- हाँ भाभी क्यों नहीं.. अभी आता हूँ.

मैं जल्दी से हाथ-मुँह धोकर पहुँच गया और उनके बिस्तर पर बैठ गया. भाभी प्लेट में पकौड़े ले आईं, मैं भाभी को देखते ही गनगना गया. भाभी काली साड़ी में कयामत ढा रही थीं.वो बोलीं- कहाँ खो गए रामू?मैं बोला- कहीं नहीं भाभी.मैंने सिर दर्द का नाटक किया और बोला- आज सिर दर्द हो रहा है.

भाभी ने कुछ नहीं कहा. हम दोनों लोग अब पकौड़े खाने लगा, मैंने भाभी की तारीफ करना शुरू की- वाह भाभी, क्या आप स्वादिष्ट पकौड़े बनाए हैं.. सच में बहुत टेस्टी हैं भाभी!

भाभी मेरी बात सुन कर मुस्कुरा उठी और फिर पकौड़े खाने लगीं.मैं पकौड़े खाकर अपने रूम की तरफ चल प्रिया, तभी भाभी बोलीं- रामू, आज रात में यहीं खाना खा लेना, ओके!मैं बोला- हाँ ठीक है भाभी.

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मैं अपने रूम में आ गया.

कुछ देर बाद टहलते हुए भाभी मेरे कमरे में आ गईं. मैं उस समय अंडरवियर पहने हुए लेटा था. भाभी की याद में लंड सहलाते हुए मजा ले रहा था. भाभी को अचानक देखा तो मेरे होश उड़ गए. भाभी ने भी लंड सहलाना आदि ये सब कुछ देख लिया था. मैंने जल्दी से अपना तौलिया लिया और लपेटते हुए बोला- आइए भाभी बैठिए न!

भाभी आकर बैठ गईं और टीवी चालू करते हुए बोलीं- अकेले तुम बोर नहीं होते..मैं बोला- होता तो हूँ भाभी पर क्या करूँ.

भाभी के मम्मों की तरफ मेरी नज़र थी. उनके चूचे बिल्कुल तने हुए थे. उनको देखकर कंट्रोल नहीं हो रहा था और मेरा लंड खड़ा हो गया. लंड को मैंने अपने तौलिया से ढक रखा था. तभी उनकी नज़र मेरे लंड पे पड़ गई.मैंने ये सब इग्नोर कर प्रिया. इतने में टीवी में एक मूवी आ रही थी, हम दोनों उसी को देख रहे थे. उसमें एक किस सीन आया तो मैं दूसरी तरफ देखने लगा. भाभी भी गरम सीन देखकर गरम सी होने लगीं.

भाभी ने पूछा- रामू, तुम शादी कब कर हो?मैं बोला- भाभी, शादी के लिए एक लड़की की जरूरत होती है, अभी लड़की ही नहीं मिल रही है.‘कैसी लड़की चाहिए?’‘भाभी आप जैसी मिल जाए तो मैं कल ही शादी कर लूँ.’भाभी मुस्कुराने लगीं और बोलीं- मेरे जैसी क्यों?मैं बोला- भाभी आप बहुत सेक्सी लगती हैं.. सच में.

भाभी हंसने लगी और मेरी तरफ चुचे कर दिए. मैंने उनके बालों को हाथ से छुआ और बोला कि आपके बाल बहुत अच्छे लग रहे हैं..‘और क्या अच्छा लग रहा है?’ भाभी नशीले अंदाज में बोलीं.‘और ये आपके गुलाब जैसे मुलायम होंठ..’

इतना कहते-कहते मैं भाभी के पास हो गया और आश्चर्य.. भाभी ने मुझे पकड़ लिया. मैं भी इसी समय का वेट कर रहा था. हम दोनों एक-दूसरे को किस करने लगे. मैं तो जोर जोर से किस और मम्मों को दबाए जा रहा था. उनके मुँह से ‘उहह उः हमम्म हम्म उह..’ की आवाजें निकल रही थीं.

फिर मैंने भाभी के पूरे कपड़े उतार दिए और उन्हें किस करने लगा. भाभी की चुत एकदम मस्त फूली हुई गोरी थी और शेव्ड थी. मैंने अपने हाथ सेपूरी नंगी भाभीको लिटाते हुए उनकी चुत को फैलाया और चाटने लगा. उन्होंने जोर-जोर से आवाज़ निकालना शुरू कर प्रिया. मैं अपना पूरी जीभ भाभी की चुत के अन्दर डाल कर उन्हें टंग फक कर रहा था.

तभी भाभी ने उठते हुए मेरे लंड को बाहर निकाल कर अपने मुँह में भर लिया. हम दोनों 69 की पोज़िशन में हो गए. भाभी के मुँह में मेरा पूरा लंड नहीं जा रहा था. मैं सिर पकड़ कर उनके मुँह को चोदने लगा. कुछ ही पलों में मेरा लंड झड़ गया और भाभी भी मेरा पूरा रस पी लिया. जब तक मैं भी भाभी का रस पी चुका था.

अब उनको सीधा लिटा कर मैंने अपना लंड भाभी की चुत में रख कर जोर से धक्का मारा, तो लंड बाहर फिसल गया. मैंने दुबारा सैट किया और एक हाथ से लंड पकड़ कर धक्का प्रिया, तो मेरा पूरा लंड अन्दर घुस गया.

भाभी जोर-जोर से चिल्लाने लगीं- अह मर गई.. निकालो बाहर निकालो.. तुमने तो फाड़ डाली मेरी चुत.. ओह मम्मी मर गई..ये कहते हुए उनकी आँखों से आँसू आ गए थे.मैंने उनकी चिल्लपों को न सुनते हुए चुदाई जारी रखी. मैं लगातार झटके लगता रहा और थोड़ी देर बाद भाभी को मज़ा आने लगा.इस धमाकेदार 15 मिनट की चुदाई में भाभी 3 बार झड़ चुकी थीं. अब मैं भी झड़ने वाला ही था.

भाभी बोलीं- और तेज चोद दे.. आह..मैंने तेज तेज चोदा और अपना माल भाभी की चुत में ही डाल प्रिया.

अब तक शाम गहरा चुकी थी. हम दोनों साथ में नहाए और भाभी अपने घर चली गई. खाना बनाने के बाद भाभी ने मुझे खाना खाने बुलाया और मैं वहीं पर रुक गया; रात को उन्हीं के रूम पर चार बारभाभी को चोदा.

मुझे मेल कीजिएगा, बताइयेगा कि आपको मेरी सेक्स कहानी कैसी लगी?support@mohakkisse.com

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Hello friends, meri pichali dever bhabhi ki chudai xxx story ko itna pyar dene ke liye aap sab ka bahot bahot shukariya. Wo meri pehli story thi, jiska aap logo ne bahot acha response diya hai.

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