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भाभी की चुदाई पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 1,021 बार

पड़ोस वाली भाभी को खींचा घर के अंदर-2(Pados wali bhabhi ko kheencha ghar ke andar-2)

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02 Mar 2026 को प्रकाशित

पड़ोस वाली भाभी को खींचा घर के अंदर-2(Pados wali bhabhi ko kheencha ghar ke andar-2)
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पिछला भाग पढ़े:-पड़ोस वाली भाभी को खींचा घर के अंदर-1

नमस्कार दोस्तों मैं प्रत्युष द्विवेदी सीमा भाभी की कहानी का अगला पाठ आपके सामने लेकर आ गया हूं। अगर किसी ने पहला भाग नहीं पढ़ा है तो मैं निवेदन करूंगा कि पहले पहला भाग पढ़ ले। फिर आगे की कहानी पढ़े। नहीं तो आपको इतना मजा नहीं आएगा। चलो अब सीधा कहानी पर आते हैं।

अब मेरी सीमा भाभी से खुल कर बातें होने लगी थी। अब मैं सीमा को खुल कर अपनी पर्सनल रंडी की तरह रखने लगा था। सीमा को भी इस बात में कोई एतराज नहीं था। वह इस रिश्ते से बहुत खुश थी। सीमा ने पूरी तरह से अपने आप को मुझे समर्पित कर दिया था। सीमा अब मेरे घर पर बहुत ज्यादा आया-जाया करती थी। लेकिन वह तभी आती थी जब उसके सास, ससुर, बच्चे और पति घर पर ना हो। वह मेरे लिए चाय बना कर लाया करती थी। वह मेरे लिए खाना भी बना कर लाया करती थी।

लेकिन वह जब भी आती उसके पास ज्यादा समय नहीं होता, इसलिए हम ज्यादा कुछ नहीं कर पाते। बहुत सी बार तो बस वह मुझे ब्लोजॉब देकर ही चली जाती थी। और अब मैं सीमा के साथ खेलने लगा था। मैं उसे कभी भी बालों से पकड़ कर जमीन पर बिठा देता और अपना लंड उसके मुंह में डाल देता।

कभी-कभी मैं वीडियो गेम खेलता रहता और वह मेरा लंड चुस्ती रहती। कभी-कभी मैं खाना खाता रहता और उसको लंड चूसने को बोल देता, और वह प्यार से मेरा लंड चूसती रहती और मैं खाना खाता रहता। कभी-कभी मैं ऑफिस का काम करते रहता और उसको टेबल के नीचे से अपना लंड चूसने के लिए बोल देता। और कभी-कभी मैं सिगरेट पीते रहता और उसे अपना लंड चूसने को बोलता, और वह लंड चूसते रहती है। ऐसे ही मैं कोई भी काम करता रहता और उसके मुंह में अपना लंड डाल कर उसको चूसने को बोलता रहता।

ऐसे ही 6 हफ्ते गुज़र गए थे, जब हमने पहली चुदाई की थी। फिर एक दिन सीमा ने मुझे बताया कि उसके सास-ससुर और पति दो दिन के लिए अपने गांव जा रहे थे। और यह मेरे लिए अगला सुनहरा मौका था सीमा के साथ चुदाई करने का। और इस बार मेरा प्लान साफ था कि सीमा की कुंवारी गांड मेरा अगला शिकार थी। और सीमा इस पूरे प्लान से बिल्कुल अनजान थी।

सीमा को लग रहा था पिछली बार की तरह सिर्फ उसकी चूत चुदाई होगी और उसको बहुत मजा आएगा। लेकिन यह सब मैं सीमा की मर्जी के बगैर नहीं करने वाला था। फिर मैंने पूछा सीमा को कि उसके बच्चों का क्या करेंगे? तो उसने कहा तुम उसकी टेंशन मत लो मैं संभाल लूंगी। अब वह दिन आ गया था जिस दिन सीमा के सास-ससुर और पति अपने गांव जाने वाले थे। उन लोगों ने शाम के टाइम अपनी ट्रेन पकड़ी और वह अपने गांव के लिए निकल गए।

रात के 10:00 गए थे। मैंने सीमा को व्हाट्सएप पर मैसेज किया कि तुम कब तक आने वाली हो तो उसने मुझे कहा बस मैं अपने बच्चों को सुला के 15 मिनट में तुम्हारे पास आ जाऊंगी। इस बार मेरा प्लान था कि सीमा को रात भर चोदूंगा उसको बिल्कुल भी सोने नहीं दूंगा। क्योंकि रात भर की एनर्जी तो ऐसे तो नहीं आएगी। तो मैंने सोचा क्यों ना मैं एक दवाई ले लूं, जिससे मैं रात भर सीमा की गांड चूत और मुंह का बाजा बजा सकूं।

सीमा ने मुझे 15 मिनट बोला था। लेकिन अब एक घंटा हो गया था और वह नहीं आई थी। मुझ पर दवाई का असर होना चालू हो गया था और मेरा दिमाग का पारा थोड़ा-थोड़ा ऊपर जा रहा था। मैंने फोन उठाया और सीमा को लगाया। जैसे सीमा ने फोन उठाया मैंने उसको सीधा गाली देना चालू कर दी।

मैंने कहा: साली रंडी, तूने मुझे 15 मिनट बोला था। और अब एक घंटा हो गया। तो जल्दी आ नहीं तो इसकी सजा तुझे बहुत महंगी पड़ेगी।

उसने मुझे सामने से कहा: सॉरी, मेरे बच्चे सो नहीं रहे थे। इसलिए मैं नहीं आई। मैं 5 मिनट में आती हूं।

5 मिनट बाद वह जैसे ही आई, मैंने दरवाजा खोला और वह अंदर आ गई। उसके हाथ में खाने की थाली थी और उसने कहा: मैं तुम्हारे लिए खाना लेकर आई हूं।

मैंने उससे कहा: खाना टेबल पर रख दो और खाना रख कर मेरे पास आओ। तूने मुझे बोला था 15 मिनट लगेंगे, अब पूरा सवा घंटा हो गया है। तूने मुझे सवा घंटा वेट कराया। इसकी सजा तो तुझे मिलेगी।

मैंने उससे कहा: जा सोफे पर घोड़ी बन जा।

और मैंने मेरी पेट में से अपनी बेल्ट निकाली। फिर 5 मिनट मैंने बेल्ट उसकी गांड पर मारी। वह आह आह करके एंजॉय कर रही थी और सिसकारियां निकाल रही थी। मुझे लगा इससे तो मजा आ रहा था, तो थोड़ा और दर्द क्यों ना दिया जाए। मैंने उसका साड़ी और पेटीकोट ऊपर सरका दिया। अब मुझे उसकी नंगी गांड दिखने लगी थी और मैं उसकी नंगी गांड पर पांच बेल्ट बरसाए।

अब उसकी दर्द भरी सिसकियां मुझे सुनाई देने लगी थी। तो ऐसे ही मैंने और 10 बेल्ट उसकी नंगी गांड पर बरसा दिए। और फिर मैंने उसके बाल जोर से खींचे और उसकी आंखों में आंखें डाल कर उससे कहा-

मैं: अब से मैं जो चीज तुझे बोलूंगा, जिस टाइम पर बोलूंगा, उसी टाइम पर होना चाहिए। अगर थोड़ा भी लेट हुआ तो तुझे ऐसे ही सजा मिलेगी।

और फिर मैंने उसे थोड़ी ऊंची आवाज में कहा: चल खाना लगा।

फिर सीमा मेरे लिए खाना लगाने चली लगई। और जैसे ही वह खाना लगाने गई, मैं अपनी अंडरवियर उतार के अपनी बनियान में आ गया। मेरा लंड अभी खड़ा था। और मैंने खाना खाना शुरू किया। सीमा सामने ही खड़ी थी और मुझे देख रही थी। मैंने खाना खाते-खाते उसको देखा और इशारा किया। वह समझ गई उसे क्या करना था।

फिर वह सीधा आई और घुटनों पर बैठ कर मेरा लंड मुंह में लेकर चूसने लग गई। मैं खाना खा रहा था और वह मेरा लंड चूस रही थी। एक-दो मिनट चूसना हुआ ही था, कि उसका दांत मेरे लंड पर लग गया। मुझे अचानक दर्द हुआ। मैं हाथों से दाल चावल खा रहा था तो मेरे हाथों में दाल चावल लगे थे। मैंने वहीं हाथ से उसकी गाल पर एक झापड़ मारा।

मैंने कहा: साली रंडी कहीं की, सही से लंड चूसते नहीं आता क्या? 7 हफ्तों से लंड चूस रही है, फिर भी अभी तक लंड चूसना सीखी नहीं।

वो वापस उठी और बोली: मुझे माफ कर दीजिए। आगे से ऐसा नहीं होगा।

मैंने उससे कहा: तेरा गाल दिखा।

और फिर से एक चांटा उसकी गाल पर मारा।

फिर मैं बोला उससे: जाओ अपना मुंह धो कर आओ (क्योंकि उसके मुंह पर दाल चावल लग गया था)।

मैं वापस खाना खाने लगा और वह मुंह धो कर वापस आई।

फिर मैंने सीमा से कहा: आज तू दो गलतियां कर चुकी है, और अगर तूने तीसरी गलती की, तो तुझे बहुत बड़ी सजा मिलेगी।

और आप सब तो जानते हो मैं उसे क्या सजा देने वाला था। क्योंकि मुझे पता था वह तीसरी गलती भी करेगी, और उसकी तीसरी गलती की सजा थी उसकी कुंवारी गांड आज कुंवारी नहीं रहेगी।

मेरा खाना हो गया था। मैंने सीमा से पानी मांगा हाथ धोने के लिए और उसने मेरे हाथ धुलवाए। फिर मेरी प्लेट उठा कर किचन में रख दी। फिर मैं बेड पर लेट गया और सीमा को कहा-

मैं: आज मैं बहुत थक गया हूं, चल मेरे पैर दबा।

और वह चुप-चाप आकर मेरे पैर दबाने लगी। मैं इस वक्त पूरा नंगा था और सीमा ने अपने सारे कपड़े पहने थे। जब मेरा पैर दबाना हो गया था तब मेरे दिमाग में एक खुराफाती ख्याल आया। क्यों ना सीमा को आज आइटम गर्ल की तरह नचवाया जाए? मैंने स्पीकर पर एक आइटम सॉन्ग लगाया।

फिर सीमा को कहां: चल नाच मेरे लिए और धीरे-धीरे अपने सारे कपड़े उतार।

सीमा जब नाच रही थी वह किसी कोठे की रंडी से काम नहीं लग रही थी। मैंने उसको पास में बुलाया और उसकी साड़ी पकड़ ली। फिर उसको धक्का दे दिया तो घूमते-घूमते उसकी पूरी साड़ी उतर गई और मैंने उसको हवा में फेंक दिया। अब वह सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में डांस कर रही थी। फिर मैंने उसको उसका पेटिकोट उतारते का इशारा किया तो उसने नाचते-नाचते उसका पेटीकोट भी निकाल दिया।

तो इस पार्ट को यही रोकते हैं। आगे की कहानी अगले पार्ट में मैं कंटिन्यू करूंगा। मेरे साथ बने रहिए। खत्म नहीं होगी, आगे कहानी और भी ज्यादा मजेदार होती जाएगी। मेरे साथ बने रहिए। यह कहानी आगे और भी रोमांचक होती जाएगी। आप मुझे कहानी का फीडबैक मेरी जीमेल आईडी support@mohakkisse.com पर दे सकते हैं। आप सब की फीडबैक का इंतजार रहेगा। शुक्रिया, मिलते हैं अगले पार्ट में।

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