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भाभी की चुदाई • पठन समय: 12 मिनट • पढ़ा गया: 471 बार

भाभी जी की जम कर चुत चुदाई की स्टोरी

शुभ गर्ग

17 Feb 2020 को प्रकाशित

भाभी जी की जम कर चुत चुदाई की स्टोरी
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दोस्तो, मेरी भाभी देखने में एकदम माल है. उनका क्या नशीला फाडू फिगर है हाय.. उनकी गांड के लिए तो क्या बोलूँ.. कलेजा मुँह में निकल कर आ जाता है. उनका फिगर 32-30-38 का रहा होगा, वो देखने में दूध की तरह गोरी हैं और उनके होंठ एकदम पिंक हैं.

यह कोई एक साल पुरानी बात है, जब मेरी फैमिली गांव जा रही थी. सभी लोग कार में थे, बड़े भाई आगे बैठे थे और मॉम डैड बीच में थे. मैं और भाभी पीछे बैठे थे, हमारी इनोवा कार थी. रात का टाइम था, मुझे नींद आ रही थी.. तो मैं भाभी की गोद में सो गया था. जब जागा तो देखा भाभी जी नीचे को झुक कर सो गई थीं. उनके चूचे मेरे मुँह के पास थे.

हाय.. क्या मस्त फीलिंग थी.मैंने हिम्मत करके उनके मम्मों पर अपना मुँह लड़ाया, जब उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने अपने होंठों से निप्पल को दबा कर महसूस किया.. और ऊपर से ही धीरे धीरे चूसने लगा.

अचानक भाभी जी की आँख खुल गई और मैं डर के मारे सोने की एक्टिंग करने लगा. भाभी ने कुछ नहीं कहा लेकिन उन्होंने अब अपना सीना ऊपर कर लिया था, मैं वैसे ही उनकी गोद में लेटा रहा.

हम सुबह गांव पहुँच गए थे.

अब मेरे दिमाग़ में बार बार रात के सीन आ रहे थे. मैंने भाभी जी के नुकीले मम्मों को याद करके तीन चार बार मुठ मार ली.

शाम को भाई और पापा कहीं बाहर जा रहे थे. वो 2 दिन बाद आने वाले थे, कोई जमीन थी, वो दोनों उसे देखने के लिए जा रहे थे.

कुछ देर बाद रात हो गई, मैं सोने की तैयारी कर रहा था. मॉम नीचे वाली मंजिल में सो गईं और भाभी को सेकंड फ्लोर पर भेज प्रिया. भाभी जी मेरे कमरे में सोने आ गईं. उनको अपने कमरे में सोने के लिए आता देखकर मैं तो खुश हो गया. मुझे नींद ही नहीं आ रही थी. बार बार भाभी के बार में सोच कर मेरा लंड खड़ा हो जा रहा था.

कुछ देर बाद रात गहराई तो भाभी मेरे बाजू में सो गईं. मैंने हिम्मत करके उनके मम्मों को दबाना चालू किया और फिर धीरे धीरे पूरे शरीर पर हाथ फेरने लगा. उनकी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई तो मैंने उनकी गांड को दबाना चालू किया.

आह क्या बोलूँ.. क्या मस्त मुलायम गांड थी.. एकदम मक्खन जैसी सॉफ्ट गांड थी.मैं धीरे धीरे भाभी जी की साड़ी के अन्दर हाथ डालने लगा. गांड भी फट रही थी और मजा भी आ रहा था. क्या अजीब सी फीलिंग थी.

अचानक भाभी जी जाग गईं और उन्होंने मुझे देख लिया. उस वक्त मेरे हाथ भाभी जी की गांड सहला रहा था. मैं डर गया और हाथ बाहर निकाल प्रिया. उनको सॉरी सॉरी बोलने लगा.भाभी ने बोला- ये क्या कर रहे थे? मैं तेरी भाभी हूँ, तेरी गर्लफ्रेंड नहीं.. रुक मैं अभी सबको बोलती हूँ.. तेरे बारे में सबको बता दूंगी.मैं डर गया था और उनको सॉरी सॉरी बोलता रहा.मैंने बोला- भाभी आज के बाद कभी भी नहीं करूँगा, प्लीज़ आप किसी को मत बोलो.. भाभी आई एम रियली सॉरी.

फिर थोड़ी देर में भाभी जी नॉर्मल हुईं और बोलने लगीं कि तू मेरे साथ ये सब क्यों कर रहा था?मैंने बोला- भाभी आप मुझे बहुत पसंद हो.. मैं आपसे प्यार करता हूँ, आपका फिगर सबसे अलग है.. और कल गाड़ी में जब मैं आपके बूब्स को ऊपर से चूस रहा था, जो आपने नोटिस भी कर लिया था, तब भी आपने कुछ नहीं बोला तो आज मुझमें थोड़ी हिम्मत आ गई थी.भाभी हंस कर बोलीं- अच्छा तुम मुझे इतना अधिक पसंद करते हो?मैंने बोला- हां.

फिर उन्होंने अपना हाथ मेरे लंड पर रखा और स्माइल दे दी. मैं समझ गया कि अब ग्रीन सिग्नल हो गया है. मैंने सीधा भाभी को लेटा प्रिया और किस करना चालू किया. यार क्या होंठ थे.. लंड कड़क होने लगा था.

फिर मैंने अपनी जीभ उनके मुँह में डाल दी और जीभ का लड़ना शुरू होने लगा. मैं उनके पूरे मुँह को चाटने लगा, फिर नीचे आने लगा. धीरे धीरे मैं अब उनके गले को चूमने चाटने लगा.

भाभी के मुँह से भी धीमी धीमी आवाज़ आने लगी, उनकी सांसें एकदम तेज होने लगीं. अब मैं ब्लाउज के ऊपर से ही उनके मम्मों को चूसने लगा. मैंने उनकी साड़ी निकाल दी, वो मेरे सामने पेटीकोट और ब्लाउज में रह गई थीं.

मैं उनका पेट चाटने लगा, वो हिलने लगीं और करवटें लेने लगीं.

फिर मैंने भाभी जी का ब्लाउज और पेटीकोट भी खोल प्रिया, अब वो मेरी सामने ब्रा और पेंटी में थीं.वो कहने लगीं- तुम भी अपने कपड़े निकाल दो.मैंने कहा- आप ही निकाल दीजिए.

उन्होंने मुझे धक्का प्रिया और मुझे लेटा प्रिया. उन्होंने पहले मुझे किस किया और फिर मेरे कपड़े उतारने लगीं. भाभी ने मुझे पूरा नंगा कर प्रिया था.

वो मेरा लंड देख कर एकदम खुश हो गईं और बोलीं- अक्की तेरा लंड.. इतना बड़ा और मोटा.. एक तेरे भाई का तो छोटा और पतला सा है और उनमें स्टॅमिना भी नहीं है.मैंने बोला- भाभी जी, आज आपकी पूरी प्यास बुझा दूँगा.. और आपको एकदम खुश कर दूँगा.

जैसे ही मैंने ये बोला, उन्होंने पागलों की तरह मुझे किस करना चालू कर प्रिया. साथ ही एक हाथ से भाभी मेरे लंड के साथ खेलने लगीं.

भाभी जी कहने लगीं- सच मैं बहुत प्यासी हूँ, तेरे भैया से मेरी आग नहीं बुझती है और वे मुझे ज्यादा समय भी नहीं देते हैं.

मैंने उन्हें चूमा तो उन्होंने बैठ कर मेरे लंड को ब्लोजॉब देना चालू कर प्रिया.

ये मेरी लाइफ में पहली बार हुआ था क्या मस्त फीलिंग थी.. हाय जैसे में कहीं आसमान में उड़ रहा था. दस मिनट के बाद भाभी को मैंने अपने नीचे ले लिया और उनकी ब्रा पेंटी निकाल दी.

भाभी के चूचे बहुत बड़े और एकदम सुडौल थे.. नीचे देखा तो उनकी चुत पिंक और हल्की सी ब्राउन सी कलर की थी.

मैं फिर से उनके मम्मों को चूसने लगा जोर जोर से चूमने लगा. उनके मुँह से ‘आह अम्म्म उह.. एम्म्म आह..’ की आवाज़ आने लगी. मैं और जोश में आ गया और जोर जोर से उनके मम्मों को मींजते हुए चूसने लगा.

कुछ देर मम्मे चूसने के बाद मैंने उनको एक किस किया और सीधा उनकी चुत को हाथ से मसल प्रिया. उनके मुँह से थोड़ी तेज आवाज में ‘अयाया..’ निकल गई. मैंने नीचे होकर पहले भाभी चुत को सहलाया और उनकी चुत को चाटना चालू कर प्रिया. जैसे ही मैंने अपनी जीभ को उनकी चुत के अन्दर डाला, उनके मुँह से चुदासी आवाजें आना चालू हो गईं.

वो ‘आआअह.. उम्म्ह… अहह… हय… याह… एम्म्म एम्म आमम्म अम्म..’ की आवाजें निकाल रही थीं. भाभी की सांसें एकदम बुलेट ट्रेन की तरह हो गई थीं, वो हिलने लगीं और चिल्लाने लगीं.

कुछ ही देर में भाभी की चुत का पानी निकल गया. मैंने सारा का सारा पानी पी लिया. उसका टेस्ट तोड़ा नमकीन था, पर मैं मजे से चाट गया और चुत की मलाई की अंतिम बूंद तक चुत को चाटता रहा. साथ में एक उंगली भी चुत में डालने लगा. भाभी जी फिर से गरम होना शुरू हो गई थीं. उनकी आवाज़ से मुझे जोश आने लगा.

फिर भाभी ने कहा- अब बस करो और लंड डाल दो.. मुझे इतना मत तड़पाओ.

पर फिर भी मैं उनकी चुत चाटता रहा और नतीजा ये हुआ कि थोड़ी ही देर में भाभी जी ने फिर से पानी छोड़ प्रिया. अब भाभी ने मेरे सर पर हाथ फेरा और प्यार से बोला- चाटता ही रहेगा या लंड भी डालेगा?

फिर मैंने भाभी को चुम्मा लिया और उनकी टांगें फैला दीं. अब भाभी जी चुदने की पोजीशन में आ गई थीं. मैंने लंड को उनकी चुत पर सैट किया और लंड को चुत की दरार में ऊपर से ही ऊपर नीचे करने लगा. भाभी जी पैर खोल कर लंड लीलने की तड़फ दिखाई, इससे मुझे उनकी चुत का छेद लपलप करता दिख गया. मैंने उनकी चुत के होल पर मेरा लंड सैट किया और जोर से धक्का दे मारा, मेरा 3/4 लंड घुस गया.

भाभी को उम्मीद नहीं थी कि मैं एकदम से लंड पेल दूंगा.. वे जोर से चिल्ला उठीं और उनके आँखों से आंसू भी निकल आए.

मैं समझ गया कि भाभी ने बोला था कि भाई का लंड छोटा और पतला था, तो इसका मतलब ये था कि भाभी की ठीक से चुदाई नहीं हुई थी. इसलिए जैसे ही मैंने लंड डाला, उनको दर्द होने लगा और वो चिल्लाने लगीं.

मैंने दूसरा धक्का और जोर से लगाया और मेरा पूरा लंड उनकी चुत घुस गया. भाभी चीख पर चीख निकाल रही थीं, वो किसी सील पैक लौंडिया के जैसे रोने लगीं और चिल्लाने लगीं- मार प्रिया साले मादरचोद.. मेरी चुत पर रहम कर भोसड़ी के…

मैंने उनके मुँह से गाली सुनी तो मैं भी जोश में आ गया और मैं भी उनको गाली देने लगा- आह.. साली अभी क्या है.. आज चुत का भोसड़ा बना दूंगा.. सारी आग बुझा दूंगा.. मेरा लंड चुत के लिए फायर ब्रिगेड का पाइप है.. चुत की आग बुझा देता है.. आह.. ले भाभी चुद ले.. आह..

अब मैंने उनकी चिल्लपों को नजरअंदाज किया और जोर जोर से धक्के मारने लगा. उनके मुँह से ‘आह मर गई.. उईई उउहह एम्म्म आ एयेए..’ की आवाजें आने लगीं. मैं पूरी मस्ती से जोर जोर से उनको चोद रहा था और वो मादक आवाजें कर रही थीं.. उनकी सांसें तेज हो गई थीं. वो अब मज़े लेने लगी थीं.

मेरे मुँह से निकल रहा था- आई लव यू.. भाभी आप बहुत सेक्सी हैं.. आपकी चुत जैसे आग का गोला है और चुत का पानी जैसे कोई अमृत है.. भाभी आपके चूचे तो जैसे बास्केटबॉल हैं.. आह.. ले.. मजा ले ले मेरी जान…

फिर जोर जोर से भाभी के मम्मों को दबाते हुए उनको चोदने लगा. भाभी के चूचे लाल होने लगे थे. फिर 20 मिनट की धकापेल चुदाई के भाभी ने वापस पानी छोड़ प्रिया.

अब चुत लिसलिसी हो गई थी.. लंड सटासट जाने लगा था. मैं और जोर जोर से चोदने लगा.

भाभी जी मस्त आवाज़ निकाल रही थीं और बोल रही थीं- बना ले आज अपनी भाभी को अपनी रांड.. आह.. चोद दे मुझे.. बना दे मेरी चुत का भोसड़ा और चोद मुझे कुतिया की तरह..

ये सब सुन कर मैं और जोश में आ गया और फिर उसके 10 मिनट बाद मेरा भी पानी निकल गया. मैंने अपना पानी भाभी जी की चुत में ही डाल प्रिया. अब भाभी को देखा तो वो बहुत खुश और संतुष्ट दिख रही थीं.

उस रात मैंने भाभी को 3 बार चोदा और नंगा ही उनके साथ सो गया.

सुबह को भाभी ने मुझे मेरे लबों पर चुम्बन के साथ जगाया. मैं जागा तो नंगी भाभी को देखते ही मैंने उन्हें अपनी बांहों में भर लिया और चूमने लगा. मैं एक बार फिर भाभी की चुदाई करना चाह रहा था लेकिन भाभी ‘रात को…’ बोल कर मेरी बांहों से निकाल कर भाग गई.

अब तो भाभी मेरी रखैल रंडी बन चुकी हैं, जब भी मौका मिलता है, मैं उनको चोद देता हूँ.

पहला रस गिरने के ठीक 9 महीने के बाद उनको लड़का भी हुआ, जो निश्चित ही मेरा था.

दोस्तो, कैसी लगी मेरी भाभी जी कीदेसी चुत की चुदाईकी स्टोरी?support@mohakkisse.com

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