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भाभी की चुदाई • पठन समय: 17 मिनट • पढ़ा गया: 1,163 बार

भाभी ने चोदने पर मजबूर किया

इमरान

03 May 2026 को प्रकाशित

भाभी ने चोदने पर मजबूर किया
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भाभी चुदाई स्टोरी में भाभी मुझसे खुलकर बात करती थी. उनको बच्चा नहीं हुआ तो उन्होंने मुझे भाई में कमी के बारे में बताया और मुझसे मदद मांगी.

नमस्ते दोस्तो! मैं एक बार फिर से आप सभी को अपनी एक और सेक्सी कहानी सुनाने जा रहा हूँ और मैं उम्मीद करता हूँ कि यह भी आपको बहुत पसंद आएगी।

यह भाभी चुदाई स्टोरी शुरू तब हुई जब मेरे बड़े भाई की शादी हुई।मेरे बड़े भाई मुझसे 12 साल बड़े हैं और मुझे वो बिल्कुल अपने बेटे की तरह ही मानते थे।

भाभी घर पर आयीं तो उन्होंने मुझसे कहा, “मुझे अपना दोस्त ही समझना और अपनी हर बात शेयर करना!”

तो मैं भी उनसे हर बात शेयर करता था।तब मेरी उम्र 19 साल थी।मेरी एक गर्लफ्रेंड भी थी और भाभी को यह बात भी पता थी।

शादी के एक साल तक तो सब कुछ ठीक था लेकिन कुछ दिनों से भाभी थोड़ी परेशान सी रहती थीं।मैंने कई बार पूछा लेकिन उन्होंने मुझे कुछ भी नहीं बताया।

अब मैं भी 19 साल से ऊपर का हो गया था और कॉलेज जाने लगा था।मेरे शरीर में भी बहुत बदलाव आया था क्योंकि मैंने जिम जाना शुरू किया हुआ था।

एक दिन दोपहर को मैं भाभी के रूम में गया तो मैंने देखा कि भाभी रो रही थीं।मैंने उनके पास जाकर पूछा तो उन्होंने कहा कि अगर मैं वादा करूँ तो वो मुझे सब बता सकती हैं।

मैंने उनसे वादा किया और उन्होंने बताया कि वो और भैया डॉक्टर के पास चेकअप के लिए गए थे क्योंकि वो प्रेग्नेंट नहीं हो पा रही थीं।उन्होंने कहा, “कमी तुम्हारे भैया में है और वो कभी बाप नहीं बन सकते!”

तो मैंने कहा, “भाभी, आजकल तो मेडिकल बहुत आगे बढ़ गया है! भैया दवाइयों से ठीक हो जाएंगे या फिर और कोई इलाज से आप माँ बन सकती हैं।”तभी भाभी ने रिपोर्ट निकाली और मुझे दिखाकर बोलीं, “यह देखो, तुम्हारे भैया के वीर्य में शुक्राणु बहुत ज्यादा कम हैं और मैं कभी भी उनके जरिए माँ नहीं बन सकती!”

वह जोर-जोर से रोने लगीं और रोते-रोते वो मुझसे लिपट गयीं।मैं उनको दिलासा देने लगा, लेकिन भाभी कुछ आगे बढ़ने लगीं।

मुझे बहुत ही अजीब लगा और मैं भाभी को वहीं छोड़कर रूम से बाहर आ गया।

अब दिन-रात मैं यही सोच रहा था कि कैसे भैया और भाभी की यह समस्या दूर की जाए।मेरी गर्लफ्रेंड के अंकल डॉक्टर थे और मैंने वो रिपोर्ट्स उन्हें दिखाई।

वो बोले, “हालत बहुत खराब है! शायद तुम्हारे भैया तुम्हारी भाभी को सेक्स से संतुष्ट भी नहीं कर पाते होंगे, माँ बनाना तो दूर की बात है!”उनसे मिलकर मुझे भाभी की हालत पर बहुत ही दुःख हुआ और मैं सही में उनकी कुछ मदद करना चाहता था।

दूसरे दिन मैं भाभी के रूम में गया और उन्हें बताया कि मैं आप दोनों की रिपोर्ट्स लेकर सपना के अंकल के पास गया था और उन्होंने भी यही बताया।यह कहकर मैं एकदम चुप हो गया।

भाभी ने कहा, “बताओ ना, क्या कहा उन्होंने?”मैंने झिझकते हुए कहा, “क्या भैया आपको संतुष्ट भी नहीं कर पाते हैं?”

इतना सुनकर वो रो पड़ीं और फिर मेरा ही कंधा था उनको दिलासा देने के लिए।वह कहने लगीं, “अब तो तुम ही मेरी शादी बचाने के लिए मेरी मदद कर सकते हो!”

मैंने कहा, “भाभी आप बताओ, आप जिस डॉक्टर के लिए कहोगी मैं आपके साथ चलूँगा!”तो उन्होंने कहा, “डॉक्टर के पास जाने की जरूरत नहीं है, तुम यहीं पर मेरी मदद कर सकते हो!”

मैं कुछ महसूस नहीं कर पा रहा था और वो मेरे बहुत करीब आकर बोलीं, “प्लीज तुम मुझे संतुष्ट कर दो और मुझे एक बच्चा दे दो!”

वो मेरे इतनी करीब थीं कि मैं उनकी सांसें साफ महसूस कर सकता था।मेरा तो दिमाग जाम हो गया और शरीर ठंडा पड़ गया।मैं मूर्ति की तरह खड़ा था।

भाभी ने मेरे हाथ पर किस कर लिया तो मैंने उन्हें बेड पर धक्का देकर कहा, “भाभी यह सब बहुत गलत है और मैं कभी भी ऐसा नहीं कर सकता!”

तभी उन्होंने कहा, “तुम ऐसा नहीं कर सकते लेकिन अपने भैया का घर टूटते हुए देख सकते हो? मैंने सपना से तुम्हारे सेक्स के बारे में कई बार सुना है!”

मैं अब कुछ भी सोच नहीं पा रहा था और भाभी इमोशनल अत्याचार कर रही थीं।वो रोए जा रही थीं और फिर मैं भी इमोशनल हो गया।

तो मैंने कहा, “ठीक है भाभी, लेकिन सिर्फ एक बार ही सेक्स करेंगे और वो भी आप दोनों की खुशी के लिए!”

फिर मैं भाभी के पास बेड पर जाकर बैठ गया।भाभी ने मेरा हाथ अपने हाथ में लेते हुए कहा, “तुम चिंता मत करो, मैं इस बात को किसी को नहीं बताऊँगी!”भाभी ने मुझे जोर से किस किया लेकिन मैं ठीक से जवाब नहीं दे पा रहा था।

कुछ देर के बाद भाभी ने अपनी साड़ी उतार दी और अब वो मेरे सामने पेटीकोट और ब्लाउज में थीं।

भाभी का शरीर बहुत सेक्सी था और मैं भी अब उनका कुछ साथ देने लगा।मैं खड़ा हुआ और भाभी को जोर से पकड़ लिया, फिर उन्हें हर जगह किस करने लगा।

वो पूरी तरह से गरम हो चुकी थीं।

फिर मैंने धीरे से भाभी के पेटीकोट का नाड़ा खोल प्रिया और पेटीकोट उतर गया।भाभी के नीचे के अंग देखकर तो मैं हैरान रह गया! वाह, क्या सेक्सी जिस्म था!

भाभी हंसने लगीं और कहा, “क्या देख रहे हो?”तो मैंने कहा, “क्या करूँ? ऐसे कभी आपको देखा ही नहीं, आप तो बहुत सेक्सी हो!”

मैंने उनके ब्लाउज और ब्रा को भी उतार प्रिया।उनके बूब्स तो और भी जबरदस्त थे, उनके निप्पल गुलाबी कलर के थे।मैं अपने आप को रोक नहीं सका और उनके निप्पल्स चूसने लगा।कभी चूसता तो कभी दबाता और कभी काटता! भाभी को बड़ा मजा आ रहा था।

मैं उनके बूब्स को चूस रहा था और उधर वो मेरे लंड को रगड़ रही थीं।फिर मैं भी अपना एक हाथ उनकी पेंटी की तरफ ले गया तो उनकी पेंटी पूरी गीली थी।

मैंने हंसते हुए कहा, “आपने तो अभी से ही पानी छोड़ प्रिया है! सेक्स में आपको कैसे मजा आएगा?”तो उन्होंने कहा, “कोई बात नहीं!”

फिर मैंने कहा, “भाभी, कोई चिंता की बात नहीं! आज मैं आपको ऐसी सेक्स संतुष्टि दूँगा कि आप पूरी लाइफ याद रखोगी!”

मैंने फिर उनकी पेंटी उतारी और उससे उनकी चूत को साफ किया।मैंने उन्हें बेड पर लेटाया और दोनों पैर फैलाने को कहा।

फिर मैंने अपनी जीभ उनकी चूत में डाली तो वो एकदम से सिसक उठीं!मैं उनकी चूत चाटता रहा और वो सिसकियाँ लेती रहीं।कुछ देर बाद उनकी चूत साफ हो चुकी थी और वो एकदम सूखी थी।

मैंने कहा, “भाभी, अब सही टाइम है आपको चोदने का!”

भाभी एकदम मदमस्त थीं और जैसे मैं कह रहा था वैसे ही कर रही थीं।मैंने अपना लंड बाहर निकाला और भाभी से कहा, “इसे दो-तीन बार अपने मुँह में लो!”

उन्होंने ऐसा ही किया।

मैंने फिर उन्हें सीधा लेटाया और अपना लंड उनकी चूत पर रखा तो चूत एकदम गरम थी।मैंने एक जोर से धक्का देकर अपना लंड उनकी चूत में डाला तो वो दर्द से कराह उठीं और सिसकियाँ लेने लगीं।उनकी चूत बिल्कुल एक वर्जिन की तरह बहुत टाइट थी।

मैंने पूछा, “दर्द हो रहा है?”उन्होंने ‘हाँ’ में सिर हिलाया लेकिन कहा, “कोई बात नहीं, तुम चालू रखो!”

मैं हंसा और धक्के मारता रहा।10-15 धक्कों तक तो भाभी को दर्द हुआ लेकिन फिर उनकी चूत ठंडी हो गयी और उन्हें कुछ आराम मिला।

मुझे लगा कि अब धक्कों की स्पीड बढ़ा देनी चाहिए।मैं और जोर-जोर से धक्के मारता रहा और भाभी ने फिर से पानी छोड़ प्रिया।कुछ देर के बाद मैं भी चूत के अंदर ही झड़ गया।

अब शाम हो चुकी थी और मुझे लगा कि भैया आने वाले होंगे।

मैं कमरे से बाहर जाने लगा तो भाभी ने कहा, “कहाँ जा रहे हो?”मैंने कहा, “भैया आने वाले होंगे!”

तो भाभी ने मेरा हाथ पकड़कर अपनी ओर खींचा और कहा, “भैया टूर पर गए हैं और 4 दिन बाद आएंगे!”

अब हम दोनों अभी भी पूरी तरह से नंगे थे और हमें ऐसे रहने में बहुत ही मजा आ रहा था।फिर मैं उठकर टॉयलेट में गया और फ्रेश होकर बाहर आया।

मैंने अपना अंडरवियर उठाया तो भाभी ने कहा, “आज कोई कपड़े नहीं पहनेगा! हम पूरी रात नंगे रहेंगे, दोनों जहाँ चाहेंगे जैसा चाहेंगे वैसा सेक्स करेंगे!”

मैं मुस्कुरा रहा था।मुझे ऐसा लग रहा था कि मानो भाभी को स्वर्ग मिल गया है।उनको इतना खुश मैंने पहले कभी नहीं देखा था।

फिर मैंने भाभी से कहा, “मुझे भूख लग रही है, कुछ खाने को दो!”तो वो नंगी ही किचन की ओर चल दीं।

मैं भी ऐसे ही उनके पीछे-पीछे किचन में चल प्रिया।मैं सोच ही नहीं पा रहा था कि यह सब सच है कि हम दोनों किचन में नंगे हैं।मुझको तभी एक फिल्म का सीन याद आया जिसमें कपल किचन में सेक्स करते हैं।

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मैंने भाभी से कहा, “बटर, जैम, जेली, सॉस और ऐसी जितनी भी चीज़ें हैं सबको बाहर निकालो!”तो वो हैरान होकर पूछने लगीं, “क्या करना है?”मैंने कहा, “आप निकालो तो सही!”

वो सब कुछ निकालकर ले गयीं।

फिर मैंने कहा, “अब पहले मुझे कुछ खाने को दो और फिर मैं आपको दिखाता हूँ असली मजा!”फिर भाभी ने चाऊमीन बनाई और हम दोनों ने साथ बैठकर चाऊमीन खाई।

फिर भाभी ने कहा, “लो अब तो खाना भी खा लिया! अब बताओ उन सब चीजों का क्या करना है?”

तो मैं हंसा और जैम लेकर लंड पर लगाने लगा।

तभी भाभी ने कहा, “यह क्या कर रहे हो? जैम क्यों खराब कर रहे हो?”तो मैंने हंसते हुए कहा, “क्या कभी ऐसे जैम खाया है?”

लेकिन फिर भी उनकी समझ में कुछ नहीं आया।वो मेरे जैम लगे लंड को लेकर चाटने लगीं।

फिर उन्होंने थोड़ा बटर लिया और लंड पर लगाया और मुझसे कहा, “मैंने ऐसे कभी बटर भी नहीं खाया लेकिन बहुत मजा आ रहा है!”

वो बहुत देर तक मेरे लंड को चाटती रहीं।फिर मैंने उन्हें गोद में उठाकर किचन की पट्टी पर बैठाया और उनकी चूत में जेली भरी।

वो कहने लगीं, “यह बहुत ठंडी है!”तो मैंने कहा, “थोड़ा सब्र करो!”

मैं वो जेली खाने लगा।मैं खा रहा था और भाभी पूरे जोश में थीं।धीरे-धीरे मैंने हर एक चीज़ को चूत में डालकर चाटा, चूसा और खाया।

मुझे बहुत मजा आया और यह कार्यक्रम करीब आधे घंटे तक चला।

मैंने फिर थोड़ी जेली लेकर अपने लंड पर लगाई और भाभी चाटने के लिए उठीं तो मैंने कहा, “आप बैठी रहो!”

मैंने उनसे पूछा, “क्या कभी भैया ने पीछे वाले छेद में लंड डाला है?”

तो वो हंसते हुए बोलीं, “आगे वाले छेद में तो डाल नहीं पाते थे, पीछे वाले छेद में क्या खाक डालते!”

तो मैंने कहा, “अब छोड़ो उस बात को … और अब आज मैं डालकर दिखाता हूँ!”

फिर मैं लंड को उनकी गांड में डालने लगा तो उनको बहुत ही दर्द हुआ और उन्होंने मुझे रुकने के लिए कहा।लेकिन मैंने कहा, “थोड़ा बर्दाश्त कर लो, फिर बहुत मजा आएगा!”

मैंने भी पहले कभी पीछे के छेद में लंड नहीं डाला था।फिर मैंने जैसे-तैसे लंड अंदर डाल प्रिया, लेकिन तकलीफ मुझे भी हुई और भाभी की तो हालत बहुत खराब थी।उनकी आँखों से दर्द के आंसू टपकने लगे थे। मैंने फिर बहुत ही धीरे-धीरे धक्के मारने शुरू किए, लेकिन वो बहुत तकलीफ में थीं।

मैंने उनसे पूछा, “क्या बंद कर दूँ?”तो उन्होंने कहा, “कोई बात नहीं, चालू रखो!”

मैं धीरे-धीरे धक्के मारता रहा और थोड़े टाइम बाद शायद उनका दर्द भी कम हो गया।मैंने कुछ देर के बाद लंड को बाहर निकाल लिया और भाभी से पूछा, “आप किस-किस पोजीशन में चुद चुकी हो?”

तो भाभी ने कहा, “तेरे भैया मुझे लिटाते थे, लंड डालते थे और 10-12 धक्कों में उनका लंड झड़ जाया करता था। वो कभी मेरे बूब्स भी नहीं चूसते थे क्योंकि ज्यादा गरम होने पर कई बार तो वो बिना किए भी झड़ चुके थे।”

मैंने कहा, “क्या आप धक्के मारोगी?”उन्होंने बड़ी हैरानी से पूछा, “कैसे?”

तो मैं नीचे लेट गया और कहा, “आप अब मेरे ऊपर से धक्के मारो!”

फिर वो मेरे ऊपर आकर बैठ गयीं और मैंने अपने लंड को हाथ से उनकी चूत में डाल प्रिया और उनसे कहा, “अब मेरे लंड पर उछल-कूद करो!”

फिर वो जोश में बहुत जोर-जोर से उछलने लगीं।कई बार लंड चूत से बाहर निकल गया तो मैंने कहा, “भाभी, थोड़े आराम से करो नहीं तो आपको मजा नहीं आएगा!”

अब वो आराम से करने लगीं और इस बार मैं पहले झड़ गया था लेकिन वो रुकने का नाम नहीं ले रही थीं।वो धक्के पे धक्के मारे जा रही थीं और मेरा लंड फिर से तन चुका था।

अब वो थोड़ी थकने लगीं तो मैंने कहा, “अब आप बैठ जाओ!”

मैंने कहा कि अब हम डॉगी स्टाइल में करते हैं और मैंने पीछे से चूत में लंड को धक्के मारने शुरू किए।मैं धक्के मारे जा रहा था लेकिन लंड झड़ने का नाम ही नहीं ले रहा था और हम दोनों बुरी तरह से थक चुके थे।

फिर मैंने लंड को बाहर निकालते हुए भाभी से कहा, “अब तो आप ही कुछ करो! इसे चूसो और इसका पानी बाहर निकालो, मुझे बहुत तकलीफ हो रही है!”

तभी उन्होंने मेरे लंड को चूसना शुरू किया।चूसते-चूसते 10 मिनट हो चुके थे, तब जाकर लंड साहेब झड़े और मुझे कुछ चैन आया।

मैंने भाभी से पूछा कि मजा आया या नहीं.वो मेरी गोद में आकर बैठ गयीं और मुझे किस करके बोलीं, “आज मुझे औरत होने का एहसास हो रहा है!”

तब तक लगभग 12 बज चुके थे और हम दोनों थक भी चुके थे।हम दोनों बेड पर जाकर नंगे ही लेट गए।

फिर भाभी ने मुझसे कहा, “तुम कल कॉलेज मत जाओ, हम दोनों घर पर ही रहेंगे!”तो मैंने मुस्कुराते हुए ‘हाँ’ में सिर हिलाया।

सुबह कामवाली बाई आयी और वो बोली, “तुम्हारे घर कल कौन आया था? किचन का सभी सामान कितना फैला हुआ है और हर तरफ गंदगी है!”

तो मैं एक कोने में खड़ा होकर मुस्कुरा रहा था और भाभी को देख रहा था।भाभी भी मुस्कुरा रही थीं।

उन्होंने नौकरानी से कहा, “कुछ बच्चे आए थे!”इतना कहकर वो बाहर आने लगीं और अपने पीछे के छेद को चुदवाने के कारण वो ढंग से चल भी नहीं पा रही थीं।

तो नौकरानी ने कहा, “क्या हुआ, कुछ तकलीफ है?”

हम दोनों एक-दूसरे को देखकर जोर से हंस पड़े और मैंने कहा, “भाभी बच्चों के साथ खेल रही थीं तो पीछे चोट लग गयी!”

तो बाई ने कहा, “तो अपना बच्चा क्यों नहीं ले आतीं?”

भाभी मेरी तरफ मुस्कुराते हुए बोलीं, “कल उसी का तो इंतजाम कर रहे थे!”

यह कहकर वो बेडरूम में चली गयीं।मैं भी उनके पीछे-पीछे बेडरूम में चला आया और उन्हें खींचकर बाथरूम में ले गया।

मैं उनके कपड़े उतारने लगा तो वो कहने लगीं, “अभी नहीं, बाई है! थोड़ा इंतजार करो।”मैंने कहा, “वो अभी किचन में है और सब कुछ जल्दी हो जाएगा, चिंता मत करो!”

वो झट से मान गयीं।मैंने उनके सारे कपड़े उतारे और अपने भी।

मैं बेड पर लेट गया और वो मेरे ऊपर।मैं नीचे से धक्के मार रहा था और भाभी को बड़ा मजा आ रहा था।

वो बहुत जोर-जोर की आवाज़ करने लगीं तो बाई की आवाज़ बाहर से आयी, “क्या हुआ?”तो भाभी ने कहा, “कुछ नहीं! कमर की सिकाई कर रही हूँ, बस थोड़ा दर्द है।”

लगभग 10 मिनट में हम फ्री हो गए और बाहर आ गए।

हमने पूरे तीन दिन ऐश की।उन 3 दिनों में मैंने भाभी को सेक्स के इतने मजे दिए कि उनकी जो तकलीफें थीं वो सब दूर हो गयीं।उसके बाद वो प्रेग्नेंट भी हुईं और एक बच्चे को जन्म भी प्रिया।

अब उनकी लाइफ बहुत सुखी है लेकिन आज भी कभी-कभीसेक्स का सुखलेने के लिए वो मेरे पास आ जाती हैं।

आप सभी ने मेरी आपबीती को पढ़ा उसके लिए थैंक्यू!आप सभी को मेरी भाभी चुदाई स्टोरी कैसी लगी जरूर कमेंट्स लिखें।थैंक्यू!

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Hi, readers and bhabhi’s and beautyfull auntys. Mera naam Jay hai, aur bneautifull bhabhi mujhe Nikuu keh skati hai. Is naam ke piche bhi ek kahani hai, wo main aapko baad me fursat me batunga.

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Hi friends, I am vicky from rajkot m submitting my real experience story wid my neighbour bhabhi Vaise to I can write all story in english bt for my indian friends m writting it in hindi over here. now come to the story.I m studying in bba last ye...

8 मिनट 755

पाठकों की राय

2 टिप्पणियां
प

प्ले बॉय राहुल दवे

4 months ago

देवर भाभी की ये कहानी सच में कमाल की थी। लेखक ने बहुत बारीकी से लिखा है।

प

पंकज दूबे

4 months ago

भाभी के साथ रोमांस हमेशा से ही बेस्ट होता है। बहुत ही हॉट स्टोरी!

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