अब तक इस हॉट गर्ल सेक्स कहानीवो बरसात की हसीन शाम-1में आपने जाना कि मेरे मोहल्ले की शादीशुदा हॉट गर्ल काजल को हम तीन दोस्तों ने चुदाई के लिए राजी कर लिया था. बस वो थोड़े नखरे दिखा रही थी.अब आगे …
मैं काजल के पेट को किस करने लगा और उसकी योनि को कपड़े के ऊपर से किस बाईट करना शुरू किया. अब तक वो भी मादक सिसकारियां भरने लगी थी. फिर भी दिखावे के लिए छटपटा रही थी और बोल रही थी- ये गलत है, सोहेल मुझे नहीं छोड़ेगा.यह सुनते ही पुलिस वाले दोस्त अनिल बोला- डर मत … सोहेल ने कुछ किया तो मैं हूँ ना. मैं देखता हूँ. तू सिर्फ हमारा साथ दे, कुछ नहीं होगा … आज तू भी मजे ले ले.अब काजल को समझ आ गया था कि शायद हम उसे नहीं छोड़ेंगे, तब बोली- जीजू जो भी करना है आहिस्ता और प्यार से करो, सोहेल जैसा दर्द मत दो … और तुम तीन लोग करोगे तो मेरा क्या होगा … सोचो ना प्लीज.
उसके मुँह से ये सुनते ही हम सबके लंड हिनहिनाने लगे. वाह और लंड को क्या चाहिए था अब … नेकी और पूछ पूछ … जिसकी चुदाई के सपने देखते थे, वो हमारे सामने चूत देने को राजी हो गई थी.ये सुनते ही रशीद बोला- अरे तू ऐसी है कम से कम दस बार चोदने के बाद भी तेरा जादू बढ़ता ही रहेगा, तू डर मत.काजल- प्लीज ऐसी बात मत करो ना, दस बार से तो मेरी हालत खराब हो जायेगी, मेरे बारे में भी सोचो ना. जीजू प्लीज आप ही समझाओ ना. प्लीज जीजू मेरी हालत बुरी मत करना, मुझे चलने फिरने के काबिल तो छोड़ो … और प्लीज पहले आप करो, जो भी करना है.
ये सुनते ही मैंने उसके चेहरे को पकड़ कर उसके टमाटर जैसे गालों को चुम्मी करना, काटना शुरू कर प्रिया और होंठों पे होंठ रख के फ्रेंच किसिंग शुरू कर दी. रशीद ने पीछे से पीठ को, गले को गांड को चूमना शुरू किया. अनिल उसकी योनि को चाटने लगा.
रशीद ने पीछे से दांतों से उस ड्रेस की नॉट को निकाला और वो ड्रेस निकल गई. उसका वो मादक बदन देख के मैं तो देखता ही रह गया. क्या संगेमरमर जैसा बदन था, बदन पे लाल ब्रा खूब जंच रही थी. वो उसकी ब्रा भी सिर्फ निप्पलों ही मुश्किल से ढक पा रही थी, उसके बड़े बड़े मम्मे उछल रहे थे.
वो देख कर मेरे पहले अनिल ने ही उसकी ब्रा खींच कर निकाली और दूर फेंक दी. अनिल ने इतनी जोर से ब्रा खींची थी कि उसकी ब्रा के दो टुकड़े हो गए और हुक्स बिखर गए. ब्रा हटते ही अनिल काजल के मम्मों पे टूट पड़ा. वो काजल का एक चूचा अपने हाथों से रगड़ने लगा और दूसरा मुँह में लेकर खाने लगा.
मैंने ऊपर का मोर्चा संभाला. उसके होंठों का रसपान फिर से शुरू किया. मैंने पहले उसके ऊपर का होंठ चूसना शुरू किया, फिर नीचे का होंठ अपने होंठों में दबा आकर हल्का सा चुभलाने लगा. उसका मुँह खुला तो मैं अपनी जुबान उसके मुँह में अन्दर तक डाल कर फिराने लगा.मेरी जुबान उसकी जुबान पर चलने लगी थी. उसको भी मजा आने लगा था.
फिर मैंने दोनों होंठ उसके मुँह में अन्दर डालकर उसके रस को पीना शुरू कर प्रिया. मैं पूरी ताकत से उसके होंठ अपने होंठों से लगा कर चूमने का मजा ले रहा था. मैंने उसकी जुबान मेरे होंठों से खींच कर अपने मुँह में ले ली और उसकी जुबान को चूसना शुरू कर प्रिया.
उसकी जुबान एकदम गुलाबी मुलायम थी, मैं उसे दांतों से हल्का रगड़ने लगा, जोर जोर से चूसने लगा. वो भी मेरी जुबान से खेलने लगी. तभी नीचे रशीद ने उसकी चड्डी खींच कर फेंक दी थी. देखा तो उसकी चूत इतनी नाजुक और मुलायम और शेव की हुई थी कि लंड की माँ चुद गई.
उसके होंठों जैसे ही सुंदर नाजुक चूत पर रशीद टूट पड़ा. वो अपनी जुबान से चूत सहलाने लगा. तो काजल सिसकारियां लेने लगी. रशीद धीरे धीरे अन्दर काजल की चूत में अपनी जुबान डालने लगा और काजल की चूत के अन्दर उसकी यौनमणि को उसने अपने होंठों में पकड़ कर कसके होंठों से मींजते हुए खींचा तो वो मीठे दर्द से चिल्ला उठी.
उधर अनिल जो उसके मम्मे चूस रहा था, काजल उसके बाल नोंचने लगी. काजल के मम्मे इतने बड़े थे कि अनिल के हाथ में और मुँह में समा ही नहीं रहे थे.
काजल मेरे बदन में नाखून घुसाने लगी, मेरे होंठों को दांतों से काटने लगी, तभी उसकी योनि चाटते हुए रशीद उल्टा फिर गया और अपना लंड उसके मुँह में डालने लगा. रशीद का लंड सात-आठ इंच का लम्बा और बहुत ही मोटा व झांटों से भरा हुआ था.ये देखते ही वो चिल्लाने लगी- छी: कितना गंदा है ये, बदबू है इसमें, ये में बिल्कुल नहीं करूँगी, मुझे नहीं करना … प्लीज जीजू रोको इनको.रशीद अपना लंड काजल के मुँह में डालने की कोशिश करने लगा.
तभी काजल कलपते हुए बोली- मैं पहले जीजू का लंड लूंगी.यह सुन कर मैं आगे आया. मेरा लंड छह इंच का गोरा और शेव किया हुआ साफ सुथरा रहता है. अपने चिकने लंड को मैं उसके मुँह में डालने लगा और 69 में आके उसकी चूत को चाटने लगा. जैसे ही मैं काजल की चूत को अन्दर तक चाटता, वैसे वो मेरे लंड को चूसने लगती, मुँह में ले कर अन्दर बाहर करने लगती. वो मेरे लंड की टोपी को पीछे करके सुपारे को चाटने लगी, लंड को होंठों में दबा कर हल्का सा बाईट करने लगी. मैं उसकी चुत में अन्दर तक चाटने लगा और कुछ ही देर में उसने अपनी चूत से पानी छोड़ प्रिया.
इसी बीच रशीद अपना एक और पैग खत्म करके आ गया और बोला- अब मैं इस गजब माल को चोदता हूँ.वो काजल के पीछे आ गया … काजल नीचे बैठ कर मेरे लंड को कैंडी की तरह चूस रही थी. मैं उसके मुँह को चोद रहा था. अनिल उधर खड़ा होकर काजल को मेरा लंड चूसते हुए देख रहा था, साथ ही पैग लेते हुए वो मुठ भी मारने लगा था.
रशीद अपना लंड काजल की पीठ पे फिराने लगा … उसके चूतड़ों को मसलने लगा. फिर रशीद काजल के चूतड़ों को किस और बाईट करने लगा. उसके चूतड़ों पर नीट शराब डाल कर चाटने लगा. उसके नाजुक गोरे चूतड़ों पर रशीद के दांतों के निशान बन गए.
तभी मैं झड़ने लगा, मैं बोला- काजल, मेरा पानी निकलने वाला है.लेकिन काजल मेरे लंड को चूसती ही रही और मैंने सब पानी उसके मुँह में ही छोड़ प्रिया. उसने बड़े मजे से मेरे लंड के रस को निगल लिया और फिर से चूसना चालू रखा. इससे मेरा लंड पांच मिनट में ही फिर से तन गया.
अब मैंने और रशीद ने उसे उठा के खड़ा किया. काजल ने मेरे बदन को, कंधे को, चेस्ट को किस करना और काटना शुरू किया. काजल ने अपनी चूत मेरे लंड के सामने खोल दी. उसने रशीद के लंड को दरकिनार कर प्रिया, वो बोली- पहले जीजू का अन्दर जाएगा.यह सुनकर रशीद की खोपड़ी भन्ना गई, लेकिन मैंने रशीद को इशारे से समझा प्रिया कि लौंडिया किधर जाएगी, साली को पूरी रात चोदेंगे.
अब मैंने अपना लंड काजल के चुत में फिट कर प्रिया और पीछे रशीद ने काजल की गांड के छेद पे अपना लंड रख प्रिया. हम दोनों ने काजल की चुदाई का काम शुरू किया. मैंने लंड फंसा कर रशीद को आँख मारी तो रशीद ने काजल की गांड में लंड का झटका लगा प्रिया. काजल जोर से चिल्लायी. उसके छटपटाहट से लंड अन्दर नहीं जा रहा था.
मैंने पास रखी मेरी केवाई जैली उसे दे दी. उसने जैली को लंड पे लगाया और मैंने भी फिर से काम शुरू किया. हल्के हल्के धक्के देना शुरू किए, लेकिन रशीद जोर जोर से धक्का देने लगा … तो काजल चिल्लाने लगी थी, वो छटपटा रही थी.
तभी रशीद ने इतना जोर का झटका प्रिया कि उसका लंड काजल की गांड को फाड़ता हुआ अन्दर चला गया. दर्द के मारे काजल जोर से चिल्ला उठी. मैंने अपने होंठों से उसका मुँह बंद किया और झटके से अपना भी लंड अन्दर डाल प्रिया. थोड़ी देर के दर्द के बाद काजल भी दोनों छेदों में लंड का मजा लेने लगी.
उसने बताया कि सोहेल ने उसकी गांड को खूब बजाया था, इसलिए उसका पिछवाड़ा खुला है. लेकिन दोनों तरफ से लंड पहली बार घुसा है तो दर्द हुआ था.
कुछ ही देर में रूम कामुक आवाजों से भर गया था. काजल मजा ले रही थी- आहह जीजू मजा आ रहा है … और अन्दर तक करो ना … आह … जोर से करो … आहह रशीद साले दर्द मत दो … आहहहह प्लीज … उई माँ …थोड़ी देर बाद रशीद झड़ गया और बाजू में जा के नशे में टुन्न हो कर गिर गया और मैं काजल की चूत को चोदता ही रहा. इतने में काजल ने दो बार पानी छोड़ा और फिर मैंने भी अपना वीर्यदान काजल को कर प्रिया और हम दोनों थक कर गिर गए.
काजल के बदन पे एक भी पॉइंट ऐसा नहीं था, जहां हमने किस या बाईट ना किया हो. उसकी जवानी का और बदन का पूरा लुत्फ़ उठाया.
तभी हाथ में ग्लास लिए अनिल आया और काजल को बांहों में लेने लगा, काजल की तो जान निकल गयी थी. अनिल ने अपना ग्लास काजल के होंठों से लगा के पिला प्रिया … काजल एकदम से उठ गयी और थूकने लगी, बोली- ये क्या पिला प्रिया, इसमें कतरा सा क्या मिलाया है?अनिल हंसने लगा, मैंने देखा था अनिल ने मुठ मार के अपना वीर्य दारू में मिक्स करके काजल को पिला प्रिया था.
कुछ ही देर में अनिल ने दूसरा पैग भी काजल को पिला प्रिया. जिससे काजल के मुँह का स्वाद ठीक हो गया और उसको नशा छा गया. तभी अनिल ने अपना लंड काजल के मुँह में डाल प्रिया, इस वक्त काजल एकदम चुदासी हो गई थी, उसको नशे में कुछ नहीं सूझ रहा था. वो अनिल के लंड को चूसने चाटने लगी.
अनिल का लंड बहुत ही बड़ा था, काजल के मुँह में पूरा जा ही नहीं रहा था, काजल साँस ही नहीं ले पा रही थी. यह देख के काजल बोली- अनिल सर, मेरी हालत बहुत खराब है … मैं चल भी नहीं पा रही हूँ और आपका ये मूसल लंड मेरी चूत फाड़ देगा … प्लीज आप मत करो ना.
यह सुनकर अनिल ने बोतल में बची हुई शराब काजल के मुँह में लगा कर उसे नीट ही पिला दी. अब जैसे काजल को जैसे ही नशा चढ़ा और उसे दिखना बंद हुआ तो अनिल ने उसे हल्के हल्के से चोदना शुरू कर प्रिया. काजल की सिर्फ ‘आह … उह्ह …’ की आवाजें आ रही थीं. वो मस्ती में बके जा रही थी- ओ प्लीज … आहाहह हहह … उम्म्ह… अहह… हय… याह… नो … अब बस भी करो … ऊयी माँ … उंउऊ … आहहहह … बहुत बड़ा है … मुझसे सहा नहीं जा रहा अनिल सर बस करो ना … मेरी चूत फाड़ ही दोगे क्या? प्लीज़ जानवर मत बनो ना … मुझ पर रहम करो … इहह … आहाहह … जीजू कहां हो? प्लीज अब बस भी कर दो.
लेकिन अनिल ने एक नहीं सुनी और वो उसे चोदता ही रहा. बाद में वो झड़ कर काजल के ऊपर ही ढेर हो गया. उसके बाद फिर एक बार रशीद ने काजल के मुँह में लंड डालने की ख्वाहिश पूरी कर ली, उसके मुँह में अपने झांट युक्त लंड डाल ही प्रिया. रशीद ने काजल को उठा के सोफे पे बिठा प्रिया और सर पकड़ के उसके मुँह में लंड अन्दर बाहर करने लगा. वो उसके बालों को जोर जोर से ऊपर खींच कर लंड को और अन्दर डालने लगा. काजल के मुँह में जोर जोर से धक्के देने लगा. रशीद का लंड काजल के मुँह में अन्दर तक चला गया. उसके लंड की टोपी पूरी पीछे करके सुपारा काजल के दांतों पे जुबान पे रगड़ने लगा. मेरे बालों को नोंचने और खींचने के बाद दोनों गाल बाहर से पकड़ कर लंड पर पकड़ जमा ली और काजल का मुँह आगे पीछे करने लगा.
काजल कुछ भी रिएक्ट नहीं हो रही थी. बाद में लंड बाहर निकाल कर लंड पे शराब डाली और फिर मुँह में ठूंस प्रिया. इस बार वो इतनी जोर से काजल का मुँह चोदने लगा कि काजल आहें भरने लगी. उसकी ‘आ …आं …’ की आवाज आने लगी.
काजल की हालत सच में बहुत बुरी हो चली थी. मगर वो कुछ भी कर नहीं सकती थी. फिर कुछ देर बाद रशीद ने अपने लंड का पूरा पानी काजल के मुँह में डाल प्रिया. काजल का मुँह वीर्य से भर गया. काजल ने वो बाहर थूक प्रिया. इस मुखचोदन में काजल के रेशमी बालों पे, गालों पे, लगभग सारे बदन पर ही रशीद ने अपना वीर्य गिराया था … इतनी भारी मात्रा में वीर्यपात हुआ था.
रशीद झड़ने के बाद भी शांत नहीं हुआ था. वो एक बार फिर से काजल के मम्मों को मसलने लगा और उसके निप्पलों को मरोड़ने लगा. वो आटे की तरह मम्मों को गूँथ रहा था. फिर उसने काजल के एक मम्मे को अपने मुँह में खींचा तो उसका पूरा चूचा तो मुँह में समा ही नहीं रहा था. रशीद काजल के मम्मे को आम समझ कर उसका रसपान करने लगा … और चूसते हुए मसलने लगा.
काजल सिर्फ ‘आह आं …’ करती रही, अपनी छाती काजल के मुँह पे रखके रशीद अपने सीने के निप्पलों को काजल के होंठों से किस करवाने लगा. साथ ही काजल की बांहों को काटने लगा.
इतना गर्म सीन देख कर हम दोनों भी पास ही आ गए. हम दोनों ने काजल के दोनों हाथ कसके ऊपर उठा लिए और उसकी बगलों के बीच में मुँह डाल कर उसको चाटने लगे. उसकी बगलें उसके गालों की तरह मुलायम और गोरी चिट्टी थीं, उनमें एक भी बाल या बाल के निशान नहीं थे.
ये देख कर एक बाजू अनिल और दूसरी में मैं उसकी बांहों को किस करने लगे और उत्तेजना बढ़ने पर उसे काटने लगे. हम दोनों बड़ी बेताबी से अपनी जीभ फेरने लगे. इससे काजल मचलने लगी.
रशीद ने अब खुद के सीने को काजल के मुँह से निकालकर फिर अपना तना हुआ मोटा काला लंड उसकी चुत पे सैट करके हैवानों जैसे जोर से अन्दर धकेलने लगा.
इधर मैं और अनिल पागलों के जैसे काजल के गले को, कंधों को, बांहों को, बगलों को, पीठ को, जांघों पर किस करते रहे. हम दोनों अपनी जीभों और दांतों से उसके बदन का मर्दन करते रहे.
इतने में रशीद ने बेरहमी से अपना पूरा लंड काजल की चुत के अन्दर डाल प्रिया. इतनी थकी हालत में भी काजल दर्द से जोर से चीख उठी. उधर रशीद भी इतनी जोर से चुदाई करने लगा कि सोफा हिलने लगा.जब रशीद अपने लंड को बाहर निकालता तो काजल एकदम से ऊपर को उठ जाती और जब अन्दर तक डालता, तब नीचे गिरके रशीद के भारी भराकम शरीर के नीचे दब जाती.
काजल की पूरी चुत यूं समझो कि रशीद ने फाड़ ही दी और अंत में अपना माल गिरा कर काजल की साईड में गिर कर ढेर हो गया.
कुछ देर बाद रशीद और अनिल चले गए. उसने जाने के थोड़ी देर बाद मैं काजल को अपनी बांहों में उठा कर बेडरूम में ले गया. उसे चला भी नहीं जा रहा था. मेरी बांहों में बांहें डाल कर वो परी सो गयी.
सुबह जब काजल की आंख खुली तो उसने मुझे जगाया. उसका पूरा बदन दर्द कर रहा था. बेचारी के मुँह में और चुत में तीन बार, पीछे से एक बार ठुकाई के बाद जान निकल गयी थी.
मैंने उसे हल्का मसाज प्रिया और फिर दोनों एक साथ नहाये और वो तैयार हो गयी. मगर उसे चलने में प्रॉब्लम हो रही थी.
मैंने काजल को दिल से थैंक्स बोला और उसने भी मुझे कसके हग करके लिपलॉक करते हुए एक लम्बा किस प्रिया.फिर वो बोली- जीजू फिर कब मिलोगे?मैंने बोला- तुम फिर कब आओगी? शाम को फिर आओ ना …!वो हंस के बोली- आई विल ट्राय बट जीजू … तुम अकेले ही रहना, मैं सिर्फ आप के लिए आऊंगी.मैंने उसे चूम कर हां कह प्रिया.
वो सच में शाम को आ गयी और हम दोनों ने अलग अंदाज में एंजॉय किया.
वो सब कैसे हुआ, ये आपको अगली सेक्स स्टोरी में बताऊंगा. तब तक ये हॉट गर्ल सेक्स कहानी कैसी लगी, मुझे मेल करके बताओ.धन्यवाद, शुभरात्रिsupport@mohakkisse.com