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Pehli Chudai • पठन समय: 7 मिनट • पढ़ा गया: 619 बार

बारिश का पहला दिन(Barish Ka Pehla Din)

kareenasharma

04 Sep 2015 को प्रकाशित

बारिश का पहला दिन(Barish Ka Pehla Din)
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Xxx हिंदी सेक्स कहानी में आपका हार्दिक स्वागत है। चलिए शुरू करते है-

अमन के लिए यह दिन खास था, हालांकि उसे अंदाजा नहीं था कि उसकी जिंदगी में क्या बदलने वाला था। वह हाल ही में अपने छोटे से पहाड़ी कस्बे में रहने आया था, जहां उसकी नौकरी लगी थी। पहाड़ों के बीच बसे इस कस्बे की सुबह बेहद शांत और सुकून देने वाली थी। अमन को भीड़-भाड़ से दूर, प्रकृति के करीब रहना पसंद था।

उसका घर कस्बे के किनारे था, जहां से नीचे की घाटी और दूर-दूर तक फैले हरे-भरे जंगल दिखाई देते थे। सुबह-सुबह जब सूरज की किरणें पहाड़ों के पीछे से झांकतीं, तो पूरा इलाका सुनहरी रोशनी से चमक उठता।

उस दिन अमन अपनी बालकनी में बैठा किताब पढ़ रहा था। बारिश की हल्की फुहारों ने उसकी पढ़ाई में खलल डाली, लेकिन उसे यह अच्छा लगा। वह किताब बंद कर के आसमान की ओर देखने लगा।

तभी सामने की बालकनी में रिया दिखाई दी। रिया उस घर में अपनी दादी के साथ रहती थी। वह हल्की गुलाबी शॉल में लिपटी हुई थी, और बारिश की बूंदों को अपनी हथेलियों पर लेने की कोशिश कर रही थी। अमन ने उसे पहली बार इतने करीब से देखा। उसकी मुस्कान और बारिश में खेलने का अंदाज बिल्कुल मासूमियत भरा था।

रिया की नज़र भी अमन पर पड़ी। उसने हल्की मुस्कान के साथ पूछा, “तुम्हें बारिश पसंद है?”

अमन थोड़ा चौंका, लेकिन उसने मुस्कुरा कर जवाब दिया, “बहुत। पर किताब और बारिश एक साथ मुश्किल हो जाते हैं।”

रिया हंस पड़ी। “तो किताब छोड़ दो और बारिश का मज़ा लो।”

अमन ने हामी भरी। उनकी यह छोटी-सी बात-चीत जल्दी खत्म हो गई, लेकिन एक अजीब-सी गर्माहट ने दोनों के दिलों में जगह बना ली।

पहला कदम:-

अगले कुछ दिनों में अमन और रिया की मुलाकातें बढ़ने लगीं। कभी रिया अपने घर के बाहर बगीचे में पौधों को पानी देते हुए दिखती, तो कभी अमन बाजार जाते वक्त उससे टकरा जाता। हर बार उनकी बातों में थोड़ी-सी झिझक रहती, लेकिन मुस्कुराहटें ज़रूर शामिल होती।

एक दिन रिया ने अमन से पूछा, “तुम यहां अकेले रहते हो? परिवार नहीं है?”

अमन ने सिर हिलाया। “नहीं, मैं यहां काम के लिए आया हूं। घर वाले शहर में रहते हैं।”

रिया ने हल्के से मुस्कुराते हुए कहा, “फिर तो तुम्हें यहां बोरियत होती होगी। मैं जानती हूं, ये जगह शांत है लेकिन अकेलेपन का एहसास बड़ा गहरा होता है।”

अमन ने उसकी ओर देखा और कहा, “शायद, लेकिन अब इतना अकेलापन नहीं लगता।”

रिया उसकी बात पर मुस्कुराई, लेकिन कुछ बोली नहीं।

पहली बारिश का जादू:-

कुछ दिनों बाद, मौसम ने फिर करवट ली। सुबह से ही आसमान में काले बादल छाए हुए थे। हल्की बारिश शुरू हो गई थी, और यह धीरे-धीरे तेज़ होती जा रही थी। अमन ने रिया को एक पुराने चर्च के पास मिलने के लिए बुलाया। वह जगह काफी शांत और खूबसूरत थी, जहां लोग कम ही आते थे। अमन ने रिया से कहा, “यह मेरी पसंदीदा जगह है। सोचा, तुम्हें दिखाऊं।”

रिया ने पूछा, “तुम्हें यहां आकर कैसा लगता है?”

अमन ने कहा, “ऐसा लगता है जैसे दुनिया की हर परेशानी यहीं खत्म हो जाती है।”

रिया ने मुस्कुराते हुए कहा, “फिर तो यह जगह खास हो गई।”

बारिश तेज़ होने लगी। रिया अपने दुपट्टे को सिर पर डाल कर भागने लगी। अमन ने उसका हाथ थाम लिया।

“क्यों भाग रही हो? भीगने दो।”

रिया ने हल्के से कहा, “मुझे बारिश पसंद है, लेकिन मुझे सर्दी हो जाती है।”

अमन ने उसे अपनी जैकेट ओढ़ा दी।

“अब सर्दी नहीं लगेगी,” उसने मुस्कुराते हुए कहा।

जज्बातों की शुरुआत:-

दोनों ने उस दिन लंबी बातें की। अमन ने रिया को अपने बचपन की कहानियां सुनाई, और रिया ने भी अपने कॉलेज के दिनों के मजेदार किस्से सांझे किए।

अचानक, रिया ने पूछा, “तुमने कभी किसी से प्यार किया है?”

अमन थोड़ा चुप हो गया। फिर उसने कहा, “शायद नहीं। लेकिन अब शायद कर रहा हूं।”

रिया ने हंसते हुए कहा, “क्या मतलब?”

अमन ने उसकी आंखों में देखा और कहा, “तुमसे।”

रिया का चेहरा शर्म से लाल हो गया। उसने अपने चेहरे को दूसरी ओर घुमा लिया, लेकिन उसके होंठों पर मुस्कान थी।

पहला स्पर्श:-

बारिश तेज़ हो चुकी थी। दोनों पास के एक पेड़ के नीचे छुप गए। रिया ठंड से कांप रही थी। अमन ने उसका हाथ अपने हाथों में लिया।

“अब ठीक लग रहा है?” उसने पूछा।

रिया ने हौले से सिर हिलाया। दोनों की नजदीकियां बढ़ने लगी। अमन ने उसके चेहरे की ओर हाथ बढ़ाया और हल्के से उसके गाल को छुआ। रिया ने अपनी आँखें बंद कर लीं।

उस पल, दोनों के बीच एक अजीब सा सन्नाटा था, लेकिन उनके दिल की धड़कनें तेज थी। अमन ने धीरे से उसके होंठों को चूमा। रिया ने भी उसे गले लगा लिया। धीरे-धीरे दोनों का चुम्बन गहरा होता गया, और दोनों मस्त होने लगें। तभी अचानक रिया को पता नहीं क्या हुआ, कि वो अमन से अलग हो गई। अमन भी समझ गया कि पहली बार में घबराहट होने तो बनता है।

तभी उनको दूर से एक रिक्शा आती दिखाई दी। अमन ने उस रिक्शा वाले को हाथ से इशारा किया, और अपने पास बुलाया। फिर दोनों रिक्शा में बैठ गए, और घर की तरफ चल पड़े। कुछ देर में वो दोनों अमन के घर पहुंच गए। रिया भी अमन के साथ ही उतर गई। ये देख कर अमन समझ गया कि वो अंदर आना चाहती थी।

फिर अमन ने अपने घर का दरवाजा खोला, और रिया को अंदर आने का न्योता दिया। रिया अंदर आ गई, और अमन ने उसके अंदर आते ही दरवाजा बंद कर दिया। क्योंकि दोनों भीग चुके थे, तो अमन ने रिया से कहा-

अमन: तुम ऐसा करो, बाथरूम में जाके अपने कपड़े उतार कर मुझे देदो। मैं वाशिंग मशीन ये ड्रायर में डाल कर सुखा देता हूं।

ये कहते हुए अमन ने एक बड़ा सा टॉवेल रिया को दे दिया।

इसके आगे क्या हुआ, ये आपको इस Xxx हिंदी सेक्स कहानी के अगले पार्ट में पता चलेगा। यहां तक की कहानी आपको कैसी लगी, इसके बारे में अपने विचार ज़रूर सांझे करें। कहानी पढ़ने के लिए आपका धन्यवाद।

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