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जवान लड़की पठन समय: 17 मिनट पढ़ा गया: 1,317 बार

बहन और भाई, दोनों की एक साथ चुदाई

वरिन्द्र सिंह

14 Jan 2021 को प्रकाशित

बहन और भाई, दोनों की एक साथ चुदाई
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दोस्तो, आज आपके लिए पेश है एक कपोल कल्पित कहानी… इसमें सच्चाई का कोई अंश नहीं है, सिर्फ आपके मज़े के लिए लिखी गई है, पढ़ो और मज़े करो।

मेरा नाम राजीव अग्रवाल है, मैं गुजरात के एक शहर में रहता हूँ अपने परिवार के साथ, यहीं पे पला, बढ़ा, जवान हुआ।जब जवान हुआ तो पड़ोस की एक लड़की नेहा शाह बहुत भाने लगी। मगर सब कुछ होते हुये भी साली पट नहीं रही थी, बहुत बार उसे इशारे भी किए, चिट्ठियाँ भी लिख कर दी, मगर सारी कोशिशों के बावजूद सेटिंग नहीं हो रही थी।यह भी नहीं था कि नेहा मुझे पसंद ना करती हो! अगर मैं उसे नापसंद होता तो कोरा जवाब भी दे सकती थी, मगर मुझे देख कर हंसती, मुझे प्यार से देखती थी, तो मुझे लगता था कि आज नहीं तो कल पटेगी ज़रूर!

इसी दौरान एक दिन मुझे एक पुराना दोस्त मिला विजय।हम दोनों बाज़ार से गुज़र रहे थे तो तभी मेरी जानेमन नेहा अपने भाई के साथ वहाँ से गुज़री। उसे देख कर विजय ने उसके भाई को आवाज़ लगाई, वो हमारे पास आया तो नेहा भी साथ आ गई।विजय मोहित से कुछ बात करने लगा और उसका हाथ पकड़ कर साइड में ले गया।

मुझे मौका अच्छा लगा तो मैंने नेहा से कहा- हैलो, मैं तुमसे बहुत दिनों से मिलना चाहता था।‘क्यों?’ वो बड़ी मीठी सी आवाज़ में बोली।‘तुमसे कुछ कहना था…’ मैंने कहा।‘क्या?’ वो फिर बहुत ही संक्षिप्त बोली।‘तुम मुझे बहुत अच्छी लगती हो और मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ।’ मैंने एक ही सांस में कह प्रिया।पर वो कुछ नहीं बोली।‘क्या तुम मेरी दोस्त बनोगी?’ मैंने उससे पूछा।

इससे पहले कि वो जवाब दे पाती, विजय और मोहित वापिस आ गए, वो मोहित के साथ चली गई मगर जाते जाते नेहा ने पीछे मुड़ कर देखा और सर हिला कर हाँ कह गई।मैं तो खुशी से उछल पड़ा।

विजय ने पूछा- अबे क्या हुआ, इतना क्यों फुदक रहा है?मैंने कहा- अरे यार पूछ मत, बड़े दिनों से इसके पीछे था, आज जाकर साली ने हाँ बोला है।‘अरे ले, मुझसे कहता, इसका भाई मोहित अपना अच्छा यार है, उससे कह कर इसे पटवा देता तेरे से!’ विजय ने कहा।‘मोहित तेरा यार है?’ मैंने पूछा।‘अरे नहीं, वो नहीं मैं उसका यार हूँ, रंडी है वो मेरा…’ विजय ने बड़े रोआब से कहा।‘मतलब?’ मैंने पूछा।‘अरे यार, यह मोहित न, असल में लौंडा है, बहुत गान्ड मारी है साले की!’विजय ने कहा तो मेरा तो हैरानी से मुँह खुला का खुला रह गया।

‘बोल तू मारेगा उसकी गान्ड?’ विजय ने पूछा।‘यार मैंने ऐसा कभी किया तो नहीं पर कोई कसम भी नहीं खाई, कर लेंगे, पर इसकी बहन नेहा पे मेरी नज़र है, वो मुझे बहुत अच्छी लगती है।’ मैंने कहा।‘अरे यार, पहले भाई की ले ले, उसकी बाद बहन की भी ले लेना!’ उसने कहा तो हम दोनों हंस पड़े।

थोड़े दिन बाद मुझे विजय का फोन आया, उसने शाम को मुझे अपने घर बुलाया।मैं करीब 6 बजे उसके घर गया तो वहाँ पे मोहित पहले से ही था।बीयर के खाली गिलास मेज़ पे पड़े थे, मैं गया तो एक गिलास मुझे भी प्रिया, दो गिलास और भर लिए गए, हम तीनों पीने लगे।विजय बोला- मोहित, यह मेरा दोस्त है राजीव, इसको तेरी बहन नेहा पसंद आ गई है, इसकी सेटिंग करवानी है उसके साथ!

मुझे बड़ा अचंभा हुआ कि विजय किसी से उसकी बहन के बारे में कैसे बात कर रहा है मगर मोहित ने उसकी बात का कोई बुरा नहीं माना, वो मेरी तरफ देख कर मुस्कुराया और मैंने भी बदले में मुस्कुरा कर दिखा प्रिया।

‘इसको खुश कर दे, बदले में यह तुमको भी खुश कर देगा।’ विजय ने मुझे आँख मार कर कहा।मैं क्या कहता।विजय ने मोहित को हाथ पकड़ के उठाया और मेरे पास ला कर बैठा प्रिया।‘इतना बड़ा लंड है इसका!’ उसने हाथ से इशारा करके बताया।‘ज़िंदगी का मज़ा आ जाएगा तुझे!’ विजय ने मोहित से कहा।

मोहित जो मेरे पास बैठा था, मेरी जांघ पे हाथ फेरने लगा। मेरे लिए ये सब नया था तो मैं कुछ ज़्यादा ही असहज था, खैर डरने वाली तो कोई बात नहीं थी, मैंने पहले भी बहुत बार सेक्स किया था, मगर पहले हमेशा लड़कियों से या औरतों से किया था, लड़के के साथ पहली बार था।

मोहित ने मेरी पेंट की हुक और ज़िप खोली और अपना हाथ अंदर डाल कर मेरा लंड पकड़ लिया।मैं बीयर पी रहा था, विजय ने मुझे थमज़ अप का इशारा किया और कमरे से बाहर निकल गया।मैंने उठ कर कमरे की अंदर से कुंडी लगा ली।

कुंडी लगते ही मोहित के हाव भाव ही बदल गए, जो लड़का लग रहा था अब लड़कियों वाली हरकतें करने लगा था।मैंने अपनी पेंट और शर्ट सब उतार दी, सिर्फ चड्डी पहने रखी। जब मैं मोहित के पास आया तो मोहित सोफ़े से उतर कर नीचे फर्श पे बैठ गया और मेरे पास आते ही मेरी चड्डी के ऊपर से ही मेरे लंड को पकड़ कर चूमने लगा। फिर मेरी चड्डी भी खींच के मेरा लंड बाहर निकाल लिया- अरे वाह, क्या बात है, बहुत ही शानदार औज़ार है आपका तो!बहुत ही जनाना लहजे में बोला मोहित।

मुझे भी खुशी हुई, मैंने कमर आगे को करी तो मोहित ने मेरा लंड अपने हाथ में पकड़ा और मुँह में लेकर चूसने लगा।पहले भी बहुत बार मैंने अपना लंड चुसवाया था, मगर इसके चूसने की बात ही कुछ और थी। मैंने सुना था कि बेशक औरत बहुत बढ़िया लंड चूसती है, मगर जो लंड की चुसई लौंडा करता है उसका भी कोई जवाब नहीं होता।

खैर थोड़ी देर चूसने के बाद मोहित उठा और लड़कियों की तरह अदाएँ दिखाता हुआ अपने कपड़े उतारने लगा।जब वो पूरा नंगा हो गया तो मैंने जाकर उसको पीछे से अपनी बाहों में भर लिया।‘हटो, क्या करते हो?’ मोहित ने शर्मा कर कहा तो मेरी तो उसकी इस अदा पर हंसी ही छूट गई।‘क्या हुआ?’ मोहित ने पूछा।मगर मैंने बिना कुछ कहे उसे बेड पे लिटाया, वो उल्टा लेट गया, मैं उसके ऊपर लेट गया, उसने मेरे लंड को अपने चूतड़ों की दरार में सेट कर लिया।

मैंने उसकी गाल को चूमा।‘हाय, आपका तो बहुत मोटा है, मुझे बहुत दर्द होगा।’ मोहित बोला। ‘जाने मन, तेरे दर्द में ही मेरा मज़ा है!’ मैंने कहा और अपने पाँव से उसकी टाँगें खोली।जब उसकी टाँगे पूरी तरह से खुल गई तो मैं उठ कर बैठा और अपना ढेर सारा थूक मैंने अपने लंड पे और उसकी गांड के छेद पे लगाया।मगर पहली कोशिश में लंड अंदर नहीं घुसा। थोड़ा और थूक लगा कर मैंने फिर से डाला तो इस बार लंड का टोपा अंदर घुस गया और ‘आई…ई…’ करके एक हल्की से चीख मोहित के मुँह से भी निकली मगर मुझे उसकी चीख से कोई मतलब नहीं था, मैंने ज़ोर लगा कर और अंदर डाला और थूक लगा लगा कर अपना सारा लंड मैंने उसकी गान्ड में घुसेड़ प्रिया।

अब पता नहीं सच में मोहित को दर्द हो रहा था या वो नाटक कर रहा था मगर सच में गान्ड चुदाई का भी अपना ही मज़ा है। सिर्फ पाँच मिनट लगे और मेरे लंड ने उसकी गान्ड को वीर्य से भर प्रिया।‘अरे ये क्या किया?’ मोहित बोला।मैंने कहा- क्या हुआ?‘अरे यार अंदर नहीं छुड़वाना था, मुझे पीना था, मुझे माल पीना बहुत अच्छा लगता है।’ मोहित ने नकली रूआँसा हो कर कहा।‘कोई बात नहीं, जानेमन, तुझे तो माल से नहला दूँगा, मगर मेरी नज़र तुझ पर नहीं तेरी बहन पे है, तेरी जगह मैं उसको लेटा कर चोदना चाहता हूँ। अपनी बहन की दिलवा दे साले, तेरी तो वो तसल्ली करवाऊँगा कि याद रखेगा।’मैंने कहा तो मोहित ने हाँ कह प्रिया।

कुछ दिन बाद मोहित ने बताया के उसने अपनी बहन से बात कर ली है और वो मान गई है।उसके बाद मैं नेहा से मिला, हम फिर अक्सर मिलने लगे, ज़्यादा मिले तो ज़्यादा आगे बढ़ने लगे, पहले चुम्मियाँ शुरू हुई, फिर उसकी शर्ट में हाथ डाल कर उसकी नाज़ुक चूचियों को दबाना शुरू किया, फिर एक दिन उसे अपना लंड भी निकाल कर दिखाया।

फिल्म देखने गए तो वहाँ तो अंधेरे में उससे मुठवा भी प्रिया। अपने मोबाइल पे बहुत सी पॉर्न क्लिप्स भी उसे दिखाई, बहुत सारी उसके फोन में भी डाल दी।धीरे धीरे उसे भी चुदवाने के लिए मना लिया।

फिर एक दिन मैंने फिर से विजय को कहा- यार नेहा की चूत ठोकनी है, कोई जुगाड़ कर!वो बोला- अगले हफ्ते शायद घर वाले किसी की शादी में जा रहे हैं, मैं नहीं जा रहा, प्रोग्राम फिक्स होने पे बता दूँगा, तू अपनी तैयारी रखना!

मैंने नेहा से बात कर ली।

अगले हफ्ते दिन बुधवार को विजय के घर वाले जब चले गए, तो मैंने नेहा को बुला लिया और हम दोनों विजय के घर पहुँच गए। विजय ने हमें अपने घर में एक बेडरूम खोल प्रिया।

मैंने नेहा को वहाँ बैठा प्रिया और विजय से पूछा- तू क्या करेगा?विजय बदमशों वाली हंसी हंस कर बोला,’ हाहाहा… बहन को तू चोद, भाई को मैं चोदूँगा।‘मतलब?’ मैंने पूछा।‘मोहित मेरे बेडरूम में है, चल जा एंजॉय कर’ विजय बोला।

हम दोनों अपने अपने कमरे में चले गए।मैंने जा कर पहले अंदर से कुंडी लगाई फिर नेहा को अपनी बाहों में भर लिया।वो भी मुझसे चिपक गई।मैंने उसका सर पीछे को किया और अपने होंठों में उसके होंठ लेकर चूसने लगा।

नेहा भी पहले कई बार मुझसे किसिंग कर चुकी थी, वो भी मेरा साथ देने लगी। किसिंग करते करते मैंने उसकी सलवार का नाड़ा खोल प्रिया, सलवार नीचे गिर गई। उसके बाद उसकी शर्ट ऊपर उठाई और उतार दी।उसके बदन पे सिर्फ ब्रा पेंटी ही रह गई थी।

मैंने अपने भी कपड़े उतारे और जब सिर्फ चड्डी में रह गया तो मैंने उसे बिस्तर पे लेटा कर उसके ऊपर लेट गया। थोड़ी सी औरकिसिंग करने के बाद मैंने उसकी ब्रा खोली और उसके नर्म नाज़ुक चूच्चों को अपने हाथ से पकड़ के सहलाया, उसके निप्पल अपने मुँह में लेकर चूसे।

कच्छी के नीचे बढ़िया से शेव की हुयी चूत थी, मैंने पूछा,’ बड़ी चिकनी की है, कब शेव की?वो शरमा कर बोली- आज सुबह।‘तो पहले से तैयारी करके आई थी?’ मैंने कहा तो वो मुस्कुरा दी।

मैंने उसकी टाँगें फैलाई और अपना मुँह उसकी चूत से लगा प्रिया तो वो उछल पड़ी।‘क्या हुआ?’ मैंने पूछा।‘बहुत गुदगुदी होती है!’ वो बोली।‘अरे पागल इसी में तो मज़ा है, तू आँख बंद करके लेट जा और मज़े ले!’ कह कर मैंने उसे लेटा प्रिया और फिर से उसकी चूत से मुँह लगा लिया।

अबकी बार मैंने उसकी छोटी सी गोरी गुलाबी चूत को अपने मुँह में ले लिया और जैसे ही मैंने अपनी लंबी जीभ उसकी चूत की दरार में डाली उसने अपनी दोनों जांघें भींच ली और मेरे सर कर बाल पकड़ लिए।बेशक मुझे बाल खींचने से दर्द हुआ मगर मुझे इस दर्द के आगे आने वाले मज़े की चाहत थी, सो मैं इस दर्द को अनदेखा कर गया।जैसे जैसे मैं उसकी चूत चाट रहा था, उसकी तड़प बढ़ती जा रही थी, वो कभी मेरे बाल खींचती, कभी अपनी टाँगें, अपनी कमर उचकाती, कभी अपने दोनों बूब्स खुद ही दबाती। मुँह से न जाने कैसी कैसे आवाज़ें निकाल रही थी और सिसकारियाँ भर रही थी।

फिर मैं उसकी चूत चाटना छोड़ कर ऊपर आया और उसे अपना लंड उसे प्रिया, मगर उसने पहले कभी लंड नहीं चूसा था, सो मेरे कहने पर ही थोड़ा सा चूस कर छोड़ प्रिया।

मैंने उसे कहा- मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पे रख!उसने वैसे ही किया।‘पहले कभी कुछ लेती थी, अपनी चूत में?’ मैंने पूछा।‘हाँ…’ उसने कहा- जब दिल करता था तो उंगली, पैन, मोमबत्ती, गाजर डालती थी।

मतलब मेरे लिए काम और आसान हो गया, मैंने अपने लंड को धकेला तो वो आसानी से अंदर चला गया। बस फिर तो मैंने पूरा ही घुसेड़ प्रिया, गीली चिकनी चूत में लंड समाता ही चला गया।उसने खुद ही मेरा चेहरा नीचे करके मेरे होंठ अपने होंठों में ले लिए और हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने लगे, सेक्स का भरपूर आनन्द ले रहे थे।

मेरी चुदाई से नेहा को बहुत मज़ा आ रहा था इसीलिए वो ‘ऊह आहह, उफ़्फ़ हाय मर गई, ऊई…’ और न जाने क्या क्या शोर मचा रही थी कि अचानक वो एकदम से बोली- अरे रुको, सुनो, मुझे कुछ आवाज़ सुनी?मैंने कहा- कहाँ?वो बोली- चुप ज़रा ध्यान से सुनो।मैंने भी सुना, ‘ऊह, आह’ की आवाज़ें साइड वाले कमरे से भी आ रही थी।

नेहा ने पूछा- ये किसकी आवाज़ें हैं?अब मुझे तो पता था, सो मैंने कहा- थोड़ा अजीब तो लगेगा, पर क्या तुम देखना चाहोगी?नेहा ने हंस कर कहा- क्या हमारे अलावा कोई और भी है इस घर में!मैंने कहा- हाँ, एक जोड़ा और है और वो भी सेक्स का भरपूर मज़ा ले रहे हैं, आओ तुम्हें दिखाता हूँ।कह कर मैंने नेहा का हाथ पकड़ा और साथ वाले कमरे में ले गया।

जब दरवाजा खोला तो अंदर बेड पर मोहित बिल्कुल नंगा, घोड़ी बना हुआ था और विजय उसके पीछे से उसकी गान्ड में लंड पेल रहा था।शायद मज़ा लेने के लिए विजय ने मोहित को लेडिज ब्रा भी पहना रखी थी।

अपने भाई की यह हालत देख कर नेहा तो उल्टे पैर भागी वापिस आई, मैं भी उसके पीछे वापिस आ गया।वो तो रोने लगी, मैंने उसे चुप कराया।‘यह क्या हो रहा है यार, मैंने तो कभी ऐसा सोचा भी नहीं था, इतना गंदा, इतना घटिया?’मुझे तो अपनी पड़ गई, कहीं साली चुदने से ही न इंकार कर दे, मैंने उसे समझाया- हर किसी का अपना अपना शौक होता है, अब तुम्हारा भाई लौंडा है तो क्या करें।

मगर वो बोली- पर आपको ऐसे तो नहीं करना चाहिए था, इधर मैं और उधर मेरा भाई, आपने बहुत ही गलत किया है।मैंने कहा- मैंने नहीं डार्लिंग, ये सब विजय ने किया है, मैंने तो सिर्फ अपने लिए उससे रूम मांगा था, मुझे सच में नहीं पता था कि उधर तुम्हारा भाई होगा, मुझे तो यह था कि उधर विजय अपनी गर्ल फ्रेंड के साथ होगा, तभी तो तुम्हें ले गया, वरना अगर मुझे पता होता कि मोहित वहाँ है, तो क्या मैं तुम्हें वहाँ ये सब गंद दिखने ले कर जाता?

बातों से मैंने नेहा को पटा लिया।

थोड़ी देर और बातें करने के बाद मैंने फिर से नेहा को नीचे लेटाया और अपने लंड को उसकी चूत में डाल के चोदना शुरू कर प्रिया। मुझे महसूस हो रहा था कि अब नेहा का सेक्स में कोई मूड नहीं था, वो सिर्फ मुझे करने दे रही थी।मैंने भी झटपट अपना काम निबटाया, मुझे पता था कि आगे शायद नेहा मेरे पास न आए, इसलिए आज ही कर लो जो कुछ किया जा सकता है।हैवानों की तरह मैंने उसके सारे बदन को चूम चाट कर, नोच खसोट कर अपना वीर्य उसकी चूत में ही गिरा प्रिया।अपना काम निबटा कर मैंने उसे चुपके से घर के बाहर छोड़ प्रिया।

जब वापिस घर में आया तो विजय और मोहित बाहर कमरे में बैठे थे।मेरे आते ही विजय बोला- तो आज तो बहन भाई की एक साथ चुदाई हो गई, दोनों साले बहुत शोर मचाते हैं, तुम जब चोद रहे थे तो साली की आवाज़ हमारे रूम तक आ रही थी।‘तो?’ मैंने पूछा।‘तो क्या, फिर मैं इस रंडी को लेकर गया, और तुम्हारे कमरे में दिखाया, कि देख मदरचोद, तेरी बहन चुद रही है।’ कह कर विजय ज़ोर से हंसा।

मैंने कहा- तुम्हारी चुदाई का शोर हमारे कमरे तक आ रहा था तो मैंने भी उसे दिखाया कि देख तेरा भाई अपनी गान्ड नहीं बचा सका, तेरी क्या बचाएगा।मेरी बात सुन कर हम दोनों हंस पड़े मगर मोहित चुप रहा।

‘क्या हुआ बे?’ विजय ने मोहित से पूछा।वो बोला- बहुत समय पहले एक बार मेरे और नेहा के बीच भी ये संबंध बनने लगे थे, पर न जाने क्या सोच कर मैं रुक गया कि मेरी बहन है, नहीं यह गलत है, मगर अब सोचता हूँ, अगर उस दिन मैंने यह काम कर लिया होता, तो न आज मैं यहाँ होता, न नेहा यहाँ होती।उसकी बात सुन कर हम सब सोच में पड़ गए।support@mohakkisse.com

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पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

स्वप्न कांत शर्मा

1 month ago

क्या दीदी को पता चल गया था? अगला पार्ट जल्दी डालो यार।

देव चौधरी

1 month ago

बहुत ही उत्तेजक और रोमांचक कहानी लिखी है भाई। मजा आ गया।

लव बॉय

2 months ago

जीजा साली की नोक-झोंक और फिर ये रोमांस! लाजवाब कहानी।

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