मैं कम उम्र था जब मुझे पहली बार यौन क्रिया के बारे में पता लगा। उस समय मैंने अपने बगल में रहने वाली आंटी के कमरे में xxx ब्लू फ़िल्म पहली बार देखी थी। तब से ही मुझे हुस्न का भूत सवार है। मुझे उस टाइम मुठ मारनी तो आती नहीं थी तो अपनी जाँघों के बीच में अपने लंड को मसलता था। धीरे-धीरे मेरी वासना बढ़ती गयी पर कभीचूत का जुगाड़नहीं हो पाया।
आखिर एक दिन मौका मिल ही गया। अभी इसी सितम्बर के आखिर में मेरा लंगोटिया यार मेरे कमरे पे (मैं अपने परिवार के साथ किराये पर रहता हूँ) एक औरत को ले आया। वो देखने में सांवली थी मगर उसके फिगर एकदम मस्त था, लम्बी कम थी, चूचे काफी उभरे हुए मादक लग रहे थे और गांड का तो पूछो ही मत। वैसे भी वासना में हर औरत हुस्न परी ही लगती है। उसकी उम्र कोई 28 साल की होगी।
जिस समय मेरा दोस्त रंडी को घर पे लाया था उस समय मेरे मकान मालिक भी घर पर ही मौजूद थे जो एक बुजुर्ग दंपत्ति हैं। उन दोनों को सुनाई कम देता है।खैर अब आई चुदाई की बारी… तो जो लाया उसने पहले किया, वो भी दो बार और बूढ़े बुढ़िया की मौजूदगी में।फिर मेरी बारी आई तो मैं थोड़ा घबरा रहा था क्योंकि बुढ्ढे बुढ़िया बहरे थे अंधे नहीं। उन्हें शक हो जाता तो गांड फट जाती। आपको बताना भूल गया कि मेरे मम्मी पापा दोनों काम पे जाते हैं और एक छोटी बहन कॉलेज गयी हुई थी इसीलिए घर पे सिर्फ मैं ही था।
खैर मैं डर रहा था तो दोस्त ने हिम्मत बढ़ा के अंदर कमरे में भेजा। मैं उसके साथ बिस्तर पे बैठ गया। फिर भी मुझे डर लग रहा था क्योंकि पहली बार था।
थोड़ी बहुत बात हुई, मैंने उससे कहा- शुरुआत तुम करो.तो उसने अपनी कमीज़ (वो सूट सलवार में थी) उतार दी। उसके सांवले रंग पर काले रंग की ब्रा ने मेरी हालात ख़राब कर दी थी। मैं उसे देखता ही रह गया। उसके चूचे बहुत ही मादक थे। मैंने उसे लेटने को कहा तो वो लेट गयी, मैं उसके ऊपर आ गया।
मैंने उसकी ब्रा उतारी और उसकी एक दूध की थैली एक हाथ में और दूसरी मुँह में लेकर चूसने लगा। मैं तो पागल हो गया था पहली बार किसी लड़की के थनों चूस कर।
फिर मैं उसको होठों पर चूमना चाहता था पर उसने चूमने नहीं प्रिया, मैंने भी ज्यादा जिद नहीं की, मैं उसके शरीर से आ रही मादक खुशबू से मदहोश हो रहा था और उसके शरीर को बेतहाशा चूमे जा रहा था। वो भी मेरा साथ दे रही थी पर कम।मैं चूमते चूमते उसकी नाभि तक पहुँचा और उसमें अपनी जीभ घुसा दी। बिल्कुल खो गया था मैं।
फिर नीचे खिसक कर उसकी पजामी उतारी। उसने अंदर लाल रंग की बहुत ही सेक्सी कच्छी पहन रखी थी। उसके ऊपर मुँह रख के मैंने पहले उसकी चूत को ऊपर से ही सूंघा। ऐसा लगा जैसे इससे सुगन्धित कोई चीज़ नहीं दुनिया में।फिर मैंने उसकी चड्डी भी नीचे खींच दी। अब उसकी उसकी चूत मेरे सामने थी लेकिन मैं उसे चाह कर भी चूस नहीं सकता था क्योंकि वो एक रंडी थी।मुझे चूत चाटने का बहुत मन करता है, मुझेचूत का स्वादचखना जरूर है।
खैर फिर मैंने उसे दोबारा ऊपर से लेकर उसकी जांघों तक उसे चूमा-चाटा, चूत को छोड़ कर।
घर के लौड़े-10
चूमने के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत पर लगाया। बहुत ही मादक एहसास था वो। थोड़ी देर रगड़ने के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल प्रिया। मैं तो जैसे जन्नत में था। फिर मैंने धक्के लगाने चालू किये। बड़ा मजेदार अहसास था वो!
वो कोई प्रोफेशनल रंडी नहीं थी इसलिए उसकी चूत ज्यादा ढीली नहीं थी। वो गरीब थी और उसका पति पियक्कड़ है इसीलिए वो ये सब काम करती है।
कुछ 5 या 6 मिनट लगे मुझे झड़ने में… मैं जल्दी झड़ गया था क्योंकि यह मेरा पहली बार था। मैंने उसके पेट पर अपना वीर्य गिराया था। वो भी एक बार झड़ चुकी थी।
फिर हमने कपड़े पहने और बाहर आ गए।मेरे दोस्त ने एक बार और उसकी चुदाई की पर मैंने जल्दी जल्दी उसे भगा प्रिया।
तो यह थी मेरी पहली चुदाई।
और हाँ आपको बता दूँ कि मुझे चूत चाटने की बहुत तीव्र इच्छा है।
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