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Office Sex पठन समय: 10 मिनट पढ़ा गया: 907 बार

अन्तर्वासना की कहानी पढ़ कर नेहा चुदी

प्रकाश बेहेरे

02 May 2013 को प्रकाशित

अन्तर्वासना की कहानी पढ़ कर नेहा चुदी
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मेरी उम्र 22 वर्ष है। एक बार मैं अपने पीसी पर सेक्सी चुदाई की कहानी पढ़ने में इतना मगन था कि मुझे यह भी पता नहीं चला कि कोई मेरे पीछे खड़ा है।

बस मैं तो कहानी पढ़ने में लगा हुआ था और अपने लंड को भी सहलाता जा रहा। तभी मुझको ऐसा महसूस हुआ कि कोई यहाँ से निकला है। मैंने तुरंत उठकर देखा तो मेरी ऑफिस की एक साथी थी.. जिसका नाम नेहा है। नेहा बहुत ही सुन्दर और खुले विचारों वाली बिंदास लड़की है.. उसकी उम्र 25 वर्ष है.. उसका फिगर 30-28-30 का है।

मैं भी अपना पीसी बंद कर रहा था कि नेहा फिर से मेरे केबिन में आई।तो मैंने उससे कहा- तुम घर नहीं गई?बोली- नहीं.. मुझे तुमसे कुछ काम है.. मेरे कंप्यूटर में कुछ खराबी है.. तो क्या मैं कुछ देर तुम्हारे पीसी पर वर्क कर लूँ?मैंने ‘हाँ’ कर दी..

कुछ देर वर्क करने के बाद नेहा मुझसे पूछने लगी- पहले तुम पीसी पर क्या कर रहे थे?मैं- कुछ नहीं.. काम कर रहा था।नेहा- कौन सा काम.. कहानियाँ पढ़ना? यह काम करते हो?मैं- कौन कहता है?नेहा- मुझे न बनाओ.. मैंने देख लिया था कि तुम कौन सी कहानी पढ़ रहे थे।

इतना सुनते ही मेरा पसीना छूटने लगा, मैंने सोचा कि यह कहीं बॉस से ना कह दे।

उसको पता ही नहीं चला कि मैं चुपचाप देख रहा हूँ, वह कहानी पढ़ने में मस्त थी और एक हाथ से अपने मम्मों को दबा रही थी।

उत्तेजना से उसका चेहरा लाल हो गया था.. वह काँप सी रही थी।वैसे मैं उसे चोदना भी चाहता था, मैंने धीरे से उसकी चेयर के पास जाकर उसके कंधे पर हाथ रख प्रिया.. तो वह हड़बड़ा गई और जल्दी से पीसी बंद करने लगी।तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया और कुछ ही पलों में हम दोनों साथ-साथ दूसरी कहानी पढ़ने लगे।

अब मैंने धीरे से अपना हाथ उसके जांघों पर रख कर सहलाना चालू किया.. तब भी वक कुछ नहीं बोली.. तो मैं समझ गया कि मेरा मामला फिट हो गया है। बस फिर क्या था.. मैंने तुरंत उसको बाँहों में जकड़ कर उसके होंठों को चूमने लगा और वो भी मेरा साथ देने लगी।

तो मैं उसके मम्मों को मसकने लगा मेरे दबाते ही वह सिसियाने लगी ‘आआह्ह.. ईइस.. और दबाओ.. मजा आ रहा है..’

मैं समझ गया कि अब यह चुदने को बेताब हैं। अब मैं उसका मजा लेने के लिए खड़ा हो गया तो नेहा बोली- अब कहाँ जा रहे हो.. मुझसे सहा नहीं जा रहा है.. कुछ तो करो।मैं- क्या करूँ?नेहा- और दबाओ.. मजा आ रहा था।मैं- बस दबवाना ही है या और आगे भी।

इधर मेरी भी हालत ख़राब होती जा रही थी, मेरा लंड फटा जा रहा था।मैंने उसके टाप में हाथ डाल कर उसके मम्मों को दबाना और भंभोड़ना चालू कर प्रिया.. साथ ही एक हाथ से उसकी जींस की चैन खोलकर उसकी चूत का दाना मसलना शुरू कर प्रिया।

तो उसने भी मेरा लंड पैन्ट की जिप खोलकर बाहर निकाल लिया.. खड़े लौड़े को वो देखती ही रह गई।नेहा- अरे कितना बड़ा है.. एकदम लोहे जैसा कड़क है..वो लंड के चमड़े को आगे-पीछे करने लगी। ऑफिस का मामला था.. ज्यादा कुछ करते नहीं बनता था।

मैं- नेहा मजा नहीं आया.. क्यों न तुम्हारे घर चल कर मजा लें।मेरे इतना कहने से नेहा ने ‘हाँ’ कर दी और मेरे गले से लिपट गई।

हम दोनों फिर ऑफिस से बाहर निकल आए तो मैंने नेहा से कहा- अगर थोड़ा सा मूड बना लें तो और ज्यादा आनन्द आएगा।मेरे कहने पर उसने बियर लेने को कहा तो उसको घर छोड़कर मैं बियर लेने चला गया और साथ में खाना भी पैक करवा कर उसके घर पहुँच गया।

मेरे घंटी बजाते ही उसने दरवाजा खोला तो मेरी आँखें फटी की फटी रह गईं। उसने मात्र एक गाउन पहना हुआ था जिसमें से उसका एक-एक अंग दिख रहा था। जिसे मैं देखता ही रह गया।नेहा- अन्दर तो आ जाओ.. क्या बाहर ही खड़े रहने का इरादा है?मेरे अन्दर आते ही वो दरवाजा लॉक करके मुझसे लिपट गई।

नेहा- अब रहा नहीं जाता.. जल्दी से करो.. मेरे अन्दर बहुत जलन हो रही है.. इसे जल्दी से ठंडा करो।मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था, मैंने जल्दी से उसका गाउन निकाल प्रिया। अब उसके तन पर एक भी वस्त्र नहीं था। नेहा ने भी मेरे शर्ट-पैंट निकाल दिए अब मेरे तन पर बनियान और अंडरवियर रह गई थी।

तने हुए लंड के कारण अंडरवियर फूला हुआ था। तब नेहा ने मेरा अंडरवियर भी नीचे सरका प्रिया और नीचे बैठ कर मेरे लंड को आगे-पीछे करने लगी।तो मैंने उसको लंड को चूसने के लिए कहा.. तो वो मना करने लगी। तब मैंने उसको गिलास लेकर आने के लिए कहा और वह दो गिलास और साथ में नमकीन भी लेकर आ गई।

उसको अपनी गोद में बैठा कर पैग पीने के साथ मैं उसकी चूत में भी फिंगरिंग कर रहा था और वह मेरे लंड को हाथों से सहला रही थी।कुछ देर में मैंने उसको लंड चूसने के लिए कहा.. तो झट से मेरे लंड को चूसने लगी।

तभी मैंने बियर को अपने लंड पर डालना चालू किया और वह चूसती रही.. कुछ देर चुसाई के बाद मैंने अपने लंड की मालिश करने को कहा और वह करने लगी।नेहा- इतना बड़ा मैं कैसे ले पाऊँगी.. मेरी तो फट जाएगी.. अभी पहली ही बार है, मुझे डर लग रहा है।

कुछ देर मालिश करने के बाद मैंने उठाकर पलंग पर लिटा प्रिया और उसकी जाँघों को फैलाकर लंड को उसकी चूत के मुँह पर लगाया तो उसने अपना हाथ से चूत को ढक लिया।मैं- क्या हुआ?नेहा- मुझे डर लग रहा है.. क्या हाथों से काम नहीं चलेगा.. मैं तो मर ही जाऊँगी।

अब मुझे होश नहीं था.. मैंने उसका हाथ हटाकर एक धक्का मारा.. तो मेरा आधा लंड अन्दर चला गया। उसकी आँखों में आंसू आ गए- अरेss बाप रे.. मर गई.. बाहर निकालो.. बहुत दर्द हो रहा है.. मुझे नहीं करवाना…

पर मैं कहाँ रुकने वाला था.. मैंने एक जोर का झटका प्रिया.. तो पूरा लंड अन्दर जा चुका था।नेहा- आहहss.. मार प्रिया भोसड़ी के मादरचोद.. फाड़ दी मेरी.. निकालो देखो.. खून निकलने लगा है।‘कुछ नहीं होगा.. पहली बार ऐसा होता है थोड़ी देर में मजा आने लगेगा.. तुम अपने को थोड़ा ढीला रखो।’

मैं लगातार धक्के लगता रहा.. अब उसको भी मजा आने लगा और वह नीचे से अपने चूतड़ उचकाने लगी- हाय अब मजा आ रहा है.. इस्स्स् हायss फाड़ दोs.. हम्म..

मुझे उसकी बातों से और उत्तेजना आने लगी। नेहा नीचे से धक्का लगा रही थी और मैं ऊपर से कुछ देर में नेहा ने अपनी टाँगों से मुझे कस लिया।नेहा- और जोर से.. हाय मेरा होने वाला है.. और करो.. रुको नहीं.. करते जाओ हाआआय… मैं म..मैं.. मेरा तो तो तो हो गया.. आह्ह..मेरा भी होने ही वाला था तो मैंने पूछा- कहाँ करूँ?नेहा बोली- अन्दर ही कर दो.. कुछ नहीं होगा.. मैंने गोली ले ली है..

एक-दो धक्कों का बाद मेरा भी हो गया और उसके ऊपर लेट गया।थोड़ी देर में हम दोनों उठे और बाथरूम से फुर्सत हो कर सोफे पर बैठ गए।

हम दोनों ने एक-एक पैग लेकर खाना खाना शुरू किया।खाना खाने के बाद मैंने बियर का एक जाम और उसे प्रिया। अब उसको नशा सा छाने लगा था, मैंने पूछा- मजा आया?नेहा- हाँ.. यार अभी मेरा मन नहीं भरा।‘अब हम और मजेदार करते हैं..’ मैंने उसको अपनी बाँहों में उठाकर बिस्तर पर लिटा प्रिया।

इसके बाद मैंने लाई हुई रसमलाई को अपने लंड पर लगा लिया और रसमलाई का गोला उसकी चूत के अन्दर डाल लिया.. तो नेहा बोली- ये क्या कर रहे हो?

तो मैंने कहा- तुम्हारे लिए कुल्फी तैयार कर रहा हूँ.. अपने लिए आइसक्रीम तैयार कर रहा हूँ।

फिर 69 की स्थिति बनाकर वह मेरा लंड चूसने लगी और मैं उसकी चूत को चाटने लगा। अब वह अपने चूतड़ हिलाने लगी।नेहा- उम्म्म्म तुम्हारा लंड बहुत मीठा लग रहा है। आआआअ और चाटो, रगड़ दो मसल दो.. साली का भुरता बना दो.. बहुत परेशान करती है।

मैं उसके मुँह में लण्ड जोर-जोर से डालने लगा.. जिससे मेरा लंड उसके गले तक जाने लगा.. वो बड़े आराम से मेरा लंड को चूस रही थी।करीब 10-15 मिनट तक ऐसा करने के बाद मैंने उसको घोड़ी बनने के लिए कहा तो वो तुरत घोड़ी बन गई।उसके घोड़ी बनने के बाद जब मैंने उसकी गाण्ड को देखा.. तो अब मुझे उसकी गाण्ड मारने की इच्छा होने लगी।

मैं धीरे-धीरे उसके चूतड़ पर हाथ फिराने लगा और अपना लंड उसकी चूत में डाल प्रिया। इसके साथ ही एक हाथ से उसके मम्मों दबाने के साथ-साथ उसकी गाण्ड में भी एक उंगली डाल दी।नेहा- अई.. ये क्या कर रहे हो.. निकालो ये गन्दी जगह है..मैं- सेक्स में कुछ गन्दा नहीं होता.. मुझे तुम्हारी गाण्ड अच्छी लग रही है.. मुझे अब तुम्हारी गाण्ड मारनी है।

नेहा- नहीं.. अभी नहीं.. बाद में फिर कभी मार लेना.. सारा मजा अभी ही ले लेना है क्या..? कुछ बाद के लिए तो छोड़ो.. आह्ह.. हा.. ईय.. इस्स्स्स जोर से.. चुदाई..करोsss.. पूरा डाल दो पूरी खुजली मिटा दो.. उई अम्माss.. हाय.. मेरा होने वाला है तुम चालू रखो.. रुको नहीं.. हाय.. जब तक करना है.. पेलते रहो.. ओह..

मेरा भी काम फिनिश होने वाला था.. मैंने अपना लंड निकाल कर उसके मुँह में दे प्रिया और झटके देने लगा।तभी मेरा वीर्य उसके मुँह में निकल गया.. जिसे वह पी गई और उसने मेरे लंड को चाट चाट कर साफ कर प्रिया।

इस तरह हम दोनों ने 4 बार चोदन किया। उसकी गाण्ड की चुदाई की कहानी बाद में लिखूंगा।

दोस्तो, कहानी कैसी लगी जरूर बताएं..आपका प्रकाशsupport@mohakkisse.com

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मैं विजय कुमार, लखनऊ का रहने वाला हूँ, मैं लखनऊ के ही इंग्लिश मीडियम स्कूल में कंप्यूटर टीचर हूँ। मैं यहाँ पर बड़े क्लास के बच्चों को पढ़ाता हूँ।

10 मिनट 686

पाठकों की राय

3 टिप्पणियां

अभीराम गंजारे

3 months ago

कहानी बहुत ही शानदार थी, अंत तो लाजवाब था।

राजू सुहाना

3 months ago

सच में बहुत ही हॉट और उत्तेजक कहानी है भाई। मजा आ गया पढ़कर।

लकी धिया

3 months ago

कहानियों का ये संग्रह बहुत ही अच्छा है। आपका फैन हो गया हूँ।

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