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चाची की चुदाई पठन समय: 14 मिनट पढ़ा गया: 460 बार

मामी को इम्प्रेस करके प्यार से चोदा

रवि कुमार साहू

29 Apr 2025 को प्रकाशित

मामी को इम्प्रेस करके प्यार से चोदा
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3X सेक्स मामी के साथ करके मजा लिया मैंने खुली चुदाई का … मामी बहुत सेक्सी गदराई गोरी माल हैं. एक दिन मैं मामा के साथ पीने बैठा तो मामी ने भी पी. मैं समझ गया.

अंतर्वासना के सभी नियमित पाठकों को मेरा नमस्कार।मैं रवि कुमार साहू, छत्तीसगढ़ के रायपुर से, फिर एक बार आप लोगों के लिए एक सच्ची और अनोखी कहानी लेकर आया हूँ।

आशा करता हूँ कि जिस तरह आप सबने मेरी पिछली कहानीकॉलोनी में पड़ोसन भाभी चूत चुदवाने आईमें सपोर्ट किया और मेरा मनोबल बढ़ाया, उसी तरह इस कहानी का भी मुझे ईमेल से फीडबैक देंगे।

3X सेक्स की बात 4 महीने पहले की है.मैं रायपुर से गर्मी के दिनों में 1 महीने की छुट्टी लेकर गाँव आया था।

एक दिन मामा जी और मामी जी मेरे घर पर आए।मेरे मामा का नाम कवल है, मामा और मेरी उम्र में ज्यादा अंतर नहीं है, सिर्फ 7 साल बड़े हैं।

दोनों को देखकर मेरा दिल बहुत खुश हुआ क्योंकि मामा से 5 साल बाद मिलना हुआ था।

वे अपने गाँव में रहते हैं और मैं कई साल से शहर में हूँ, उनकी शादी में 5 साल पहले गया था, तब से आज तक मुलाकात नहीं हुई थी।

हम सिर्फ मोबाइल के जरिए बात करते थे।मैंने मामा और मामी का स्वागत किया और उनसे बात करने लगा।काफी दिनों बाद मिला था, इसलिए बहुत लंबी बात चली।

फिर मामा जी ने बताया कि हमारे गाँव में उन्होंने लगभग 10 एकड़ खेत खरीदा है।नाना जी ने उन्हें यहाँ खेती संभालने भेजा है।उन्हें पता चला कि मैं गाँव आया हूँ, तो मुझसे मिलने आए हैं।

मामा बोले, “काम लेकर आया हूँ।”मैंने पूछा तो बताया कि जहाँ उन्होंने खेत खरीदा है, उस पर मकान पहले से है, सिर्फ उसमें टॉयलेट नहीं बना है। इसलिए उन्हें मिस्त्री की तलाश में आना पड़ा।

मैंने एक-दो मिस्त्री लोगों को कॉल किया, उनका काम हो गया।अब मैं भी खुश था, मामा जी यहाँ रहेंगे तो मेरा 1 महीना अच्छे से कटेगा।

तब मेरी मामी को लेकर कोई दिलचस्पी नहीं थी क्योंकि मेरा और मामी का 5 साल में 1 से 2 बार ही बात हुई थी।

अब मैं अपना बैग लेकर मामा के घर जाकर ऑफिस का काम करता रहता।

मैं मार्केटिंग का काम करता हूँ, तो अपने कस्टमर को कैसे इम्प्रेस करना है, मुझे अच्छे से पता है।

एक दिन मैं अपने क्लाइंट से बात कर रहा था.वह एक लेडी थी, जिसे मैं ऑर्डर के लिए पटा रहा था।1 घंटे बात करने में लगे, तब जाकर ऑर्डर मिला।

यह सब बात मामी जी नोटिस कर रही थीं।

फिर मामी ने मुझे खाना खाने के लिए आवाज़ लगाई।

मैं खाना खाने गया, मामा थोड़े से काम में व्यस्त थे, बोले, “आ रहा हूँ।”तब मामी जी ने मुझे खाना दिया, फिर मेरे काम के बारे में पूछने लगीं।

क्लाइंट के बारे में पूछा, वह सोच रही थीं कि जिस क्लाइंट से मैं बात कर रहा हूँ, वह मेरी गर्लफ्रेंड है।

मामी बोलीं, “क्या बात कर रहे थे?”मैंने कहा, “वह GF नहीं है, मेरा क्लाइंट है।”फिर भी उन्हें विश्वास नहीं हुआ।

5 दिन तक ऐसे चलता रहा, मामी रोज़ मुझसे पूछतीं, “क्या बात है?”

छठे दिन मामा ने बताया, “आज मामी जी का जन्मदिन है, पार्टी करेंगे।”

मैं बहुत खुश हुआ, क्योंकि मामा की शादी के दिन से लेकर अभी तक उनके साथ बैठा नहीं था।

अब मेरा प्लान बना कि 6 बियर और चिकन लेकर आएँगे और इंजॉय करेंगे।इतने में मामा बोले, “6 बियर नहीं, 8 लाएँगे।”पूछने पर बताया, “मामी भी हमारे साथ पार्टी करेंगी।”

जैसा प्लान था, वैसा हुआ, मार्केट से सब लेकर आया।साथ में मामी जी के लिए अच्छी सी साड़ी भी खरीद लाया।

रात को 8 बजे केक काटा और 9 बजे हमारा प्रोग्राम शुरू हुआ।

मामा ग्रीन सलाद, चिकन, रोटी, चावल लेकर आए।मामी बियर लेकर आई, पेग पे पेग लगे।

मामा 2 ही बियर लिए, फिर मना कर दिया।

मैं 3 बियर पी गया, मामी 2 पी चुकी थीं।1 बची, मैंने मना किया तो मामी पी गईं.

मैं एकदम से चौंक गया।फिर मामा बोले, “कोई दिक्कत नहीं।”

अब कहानी यहाँ से शुरू हुई।खाना बचा था, मैंने मामा को खिलाया।

मामी बोलीं, “मुझे भी खिलाओ,” तो उन्हें भी खिलाया।

अब मामी का नज़रिया मेरे प्रति खराब होने लगा।मैं सब देख रहा था, फिर खाना खत्म हुआ।हम तीनों को नशा हो गया था।

मैं मामा के साथ उनके कमरे में बैठा हुआ था।

मैं बगल के कमरे गया तो देखा मामी कपड़े बदल रही थीं।वे केवल चड्डी और ब्रा में थीं, देखकर मैं पागल होने लगा।

मैंने कितनों को पेला है, पर किसी की जवानी ऐसी नहीं थी।

मैं एकटक देखते रह गया, क्या बदन था, पूरे बदन में कसावट।

मामी की उम्र 34 की है, दूध की तरह सफेद काया, 36 के बूब्स।

मैं वहाँ से छत पर चला गया।मेरे मन में वह दृश्य बार-बार घूम रहा था।

अचानक पीछे आहट हुई, पीछे देखा तो मामी गोल्डन नाइटी पहने खड़ी थीं।वे एकदम माधुरी दीक्षित लग रही थीं।

मैं अपने आप को कंट्रोल नहीं कर सका और मामी को अपनी तरफ खींचकर उनके होंठों को चूमने लगा।अचानक मामा ने आवाज़ लगाई, फिर मैं वहाँ से चला आया।

मामा बोले, “रात बहुत हो गई, सो जा!”

फिर मामी आई, उनके चेहरे को देखकर लग रहा था कि वे मुझसे नाराज़ हो गई हैं।

मुझे डर लगा कि कहीं वह मामा को बता न दें, मेरी गाँड फटने लगी।मैं सोचने लगा, अब क्या होगा, मुझे नींद नहीं आ रही थी।

लगभग 3 घंटे बाद मामी मेरे रूम पर आईं और बोलीं, “क्या कर रहे थे तुम?”मैं मामी से माफी माँगने लगा, गिड़गिड़ाने लगा, “मामी प्लीज़ मुझे माफ कर दो, मामा को मत बताना!”

मामी ने मेरे सिर पर हाथ रखकर सहलाया, फिर सिर पकड़कर मेरे होंठों को किस करने लगीं।फिर बोलीं, “पागल, तुझे मैं 4 साल से पसंद करती हूँ, तेरे बात करने के स्टाइल से इम्प्रेस हो गई हूँ। तेरे मामा को मैं यहाँ लाई ताकि तेरे साथ प्यार कर सकूँ।”मैं बहुत खुश हो गया और फिर मामी को जोरदार कसकर पकड़ लिया।उन्हें चूमने लगा, होंठों को, गालों को, गर्दन को.

वे भी मुझे चूमने लगी।

मैं उनकी बूब्स को मसलने लगा, क्या टाइट बूब्स थे।मैं नाइटी के ऊपर से दबा रहा था.

फिर मैंने उनकी नाइटी उठाई।गोरे-गोरे पेट पर हाथ चलाने लगा, मुझे बहुत मज़ा आ रहा था।

मेरा लंड रॉड बन गया था।पर मेरी गाँड भी फट रहा थी क्योंकि बगल वाले रूम में मामा थे।

मामी का भी बहुत मन था चुदवाने का।पर मैंने मना कर दिया क्योंकि जल्दबाज़ी में चोदना अच्छा नहीं है।आराम से रोमांस करके, एक-एक कपड़ा उतारकर, ऊपर से नीचे तक चुम्बन की छड़ी लगाते हुए मामी की जवानी को चखना चाहता था।इसलिए चोदना कैंसिल किया।

पर मेरे लंड महाराज और उनकी पुदी महारानी नहीं मान रही थीं।

फिर मामी बोलीं, “चल, मत चोद, एक उपाय है, हम दोनों एक-दूसरे का पानी निकाल देते हैं। फिर चुदाई किसी और दिन देख लेंगे।”

मैंने झट से अपना लोअर नीचे किया।मामी ने झट से मुँह ले लिया और लॉलीपॉप की तरह चूसने लगीं।जोश से भरा था, थोड़ी देर में पूरा पानी मैंने मामी के मुँह में छोड़ दिया।

फिर मामी ने अपना मुँह साफ किया।मैंने उनकी नाइटी उठाई, चड्डी नहीं पहनी थी।

मैंने मामी की चूत पर हाथ फेरा तो चूत चिकनी थी, मतलब मामी ने आज ही जंगल साफ किया था।

फिर मैंने भी मामी की चूत पर मुँह टिकाया, दाने को जीभ से छेड़ने लगा.

5 मिनट ताबड़तोड़ चुसाई के बाद मामी अकड़ने लगीं, मुझे अपनी चूत की तरफ दबाने लगीं और पूरा पानी मेरे मुँह में झाड़ दिया।

थोड़ी देर बाद दोनों शांत हुए और बाहर बैठकर बात करने लगे।

मामी मुझसे बहुत पहले से चुदने के लिए तैयार थीं।क्योंकि मामा की मेरे साथ बात को वह कॉल रिकॉर्डिंग से सुनती थीं।

जब मामा मुझे अपनी चुदाई के किस्से सुनाते थे, तब मैं उन्हें चुदाई के आइडिया देता था।मेरी बातों से मामी इम्प्रेस हो गई थीं।

अब मैं बेसब्री से उस दिन का इंतज़ार करने लगा, कब वो दिन आए और हम खुलकर रोमांस करें।

क्योंकि केवल चुम्मा-चाटी, दबाना-सहलाना या चुसाई हो जाता था।

पर चुदाई के लिए हम दोनों के मन में आग भड़क रही थी, बेकाबू हो रहे थे।

अचानक एक दिन मामी ने मुझे कॉल किया, “अगर तुम फ्री हो तो मुझे मेरी माँ के घर ले चलोगे?”मैं समझ गया, फिर भी बोला, “मैं नहीं जा पाऊँगा, मामा और आप चले जाओ, मेरी गाड़ी ले जाओ।”

तब मामा जी बोले, “मैं चला जाऊँगा तो घर का काम रुक जाएगा, तू लेकर चला जा!”फिर क्या था, अगली सुबह का इंतज़ार कर रहा था।

सुबह 9 बजे घर से मैं और मामी मेरी पल्सर बाइक पर रायपुर के लिए निकल गए।

रास्ते में मैंने मामी से पूछा, “हम गलत तो नहीं कर रहे? हमारे बीच मामी और भतीजे का रिश्ता है।”मामी ने जवाब दिया, “हम दोनों का रिश्ता है, पर हमारी पुदी और तुम्हारा लंड कोई रिश्ता नहीं देखते। इनको परम सुख चाहिए, जहाँ से मिले, ये नहीं देखते कि किसकी चूत है या किसका लंड, समझे?”

मैंने हाँ में सिर हिलाया और बहुत सारी बातें हुईं।

अब पहले मामी का घर जाना था, फिर चोदने की करना था।

पर कहते हैं न, मिलना लिखा हो तो कहीं भी मिल लोगे।और नहीं लिखा है तो सिर पटक लो, घंटा कुछ नहीं होगा।

अब हम मामी के घर पहुँचे, दरवाज़ा खटखटाया।

मामी के बाबूजी ने दरवाज़ा खोला, फिर हम अंदर गए।उनके बाबूजी पैरालिसिस के पेशेंट थे, लंगड़ाकर चलते थे।वहाँ जाकर पता चला कि घर पर केवल उनके बाबूजी ही हैं।

बहन और भाई जॉब पर हैं, मम्मी रिश्तेदारी में गई हैं, शाम तक आएँगी।

अब क्या, 12 बजे थे, मामी ने अपने बाबूजी को खाना खिलाया, दवा पिलाई।फिर ऊपर वाले कमरे में चले गए।

जाने के बाद फ्रेश हुए और फिर शुरू हुआ XXX मूवी।हम दोनों के अंदर बहुत बेचैनी थी, बर्दाश्त नहीं हो रहा था।

जैसे ही मामी फ्रेश होकर निकलीं, मैंने उठाकर बिस्तर पर पटक दिया।ऊपर चढ़कर उनके होंठों को किस करने लगा।

5 मिनट किस करने के बाद उनकी साड़ी उतार दी, फिर पैर की तरफ पेटीकोट उठाते हुए पैर चूमते हुए ऊपर बढ़ता गया।

फिर टाँगों को किस किया, तभी अचानक मामी ने पलटी मार दी।मैं नीचे हो गया, फिर मेरे कपड़े उतारने लगीं।मेरी केवल चड्डी बची थी.

फिर मामी मुझ पर एकदम टूट पड़ीं, भूखी शेरनी जैसी होंठ, गाल, गर्दन को चूमने लगीं।मेरे सीने में नाखून चुभाए और पूरे शरीर में चुम्बन की झड़ी लगा दी।

उसके बाद मामी ने मेरे शेर को पिंजरे से आज़ाद कर दिया, मेरे लंड को मुँह में लेकर चूसने लगीं।मुझे जो सुकून मिला, बता नहीं सकता।

क्योंकि इस घड़ी का मुझे 17 दिन इंतज़ार करके मिला है।

चुदाई हमेशा एकांत, सुरक्षित जगह और आराम से करनी चाहिए।जो हमारे पास तीनों थे.

अब मामी भूखी शेरनी की तरह फॉर्म में आ गई थीं।

फिर मैंने उन्हें दोबारा पलट दिया, एक-एक करके पूरे कपड़े उतारकर फेंक दिए।

उनके शरीर को देखकर कोई नहीं बोल सकता कि ये 2 बच्चों की माँ हैं।कसम से, क्या मेंटेन रखा था, पूरा बदन में कसावट, मानो कच्ची कली हो।दूध जैसा सफेद रंग, बड़े-बड़े बूब्स।

मैं भी पूरी तरह टूट पड़ा, ऊपर से नीचे तक कुत्ते की तरह चाट रहा था मामी के बदन को!

मैंने जैसे ही मामी की चूत पर मुँह लगाया, उनका छटपटाना शुरू … मुँह से सिसकारियाँ निकलना चालू, नोचना चालू!

फिर मामी बोलीं, “ज्यादा मत तड़पाओ, लंड डालो मेरी पुदी में!”

मैंने तुरंत उनके पैर खोले, लंड चूत में सेट किया और एक बार में पूरा अंदर कर दिया।

मामी “आह… आह… चोदो… और अंदर… पूरा अंदर… जोर…” चिल्लाने लगीं।मैं भी खूब पेलने लगा, खूब मज़ा आ रहा था।

मामी की चूत टाइट थी, क्या मेंटेनेंस करके रखी थी।

2 मिनट बाद पोज़ीशन बदली, साइड एंगल से लंड घुसाया।

मैं एक हाथ की उँगली से उनकी पुदी के दाने को छेड़ रहा था।दूसरे हाथ से दूध को दबा रहा था।

3X सेक्स ममी के साथ करते हुए पूरा रूम ‘पच-पच, पच-पच’ की आवाज़ से गूँज रहा था।

फिर मामी मुझ पर सवार हो गईं और कूदने लगीं, चिल्लाने लगीं, मैं उनके दूध को दबा रहा था।

वे लंड में अपनी पुदी को दबा रही थीं।कुछ देर बाद वे बोलीं, “मैं झड़ने वाली हूँ।”

मैंने मामी को रोका, घोड़ी बनाया, बोला, “साथ में झड़ेंगे।”1 मिनट बाद दोनों साथ झड़ गए।

हम थोड़ी देर बिस्तर पर पड़े रहे।

उस दिन और रात मिलाकर मामी को 3 बार चूत पेला, 1 बार मामी की गांड को पेला।

अगले दिन हम मेरे रूम चले गए।दिन और रात नंगे-नंगी रहे, जहाँ चोदना, वहीं चोदो।

आज भी मामी को मुझसे चुदवाना होता है, रायपुर आती हैं मेरे रूम, मज़ा होता है।

आगे मैं मामी को कहाँ और कैसे चोदा, वो अगली कहानी में बताऊँगा।आप लोग मेरी इस कहानी को फेक मत समझना, यह रियल कहानी है।

मामी के साथ सभी सेक्स को बयाँ करूँगा।चोदना मुझे बहुत ज्यादा पसंद है।मेरी 3X सेक्स कहानी कैसी लगी, ईमेल करें।support@mohakkisse.com

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