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कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
चूत की चुदाई और मेरा जिस्म
मैं बी.टेक. थर्ड इयर से ही कॉलेज से बाहर कमरा लेकर अपनी फ्रेंड्स के साथ रह रही थी, हम लोग जिस घर में रहते हैं वहाँ मकान-मालिक और उनकी बीवी नीचे वाली मंज़िल पर रहते हैं.. और हम लोग ऊपर वाले हिस्से में रहते हैं।हमारे मकान-मालिक की शादी हुए अभी 3-4 सा...
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -10
पापा फिर बोले- यू नो न! आई ऍम गुड।मम्मी कुछ देर रुक कर बोली- आई (इंग्लिश वर्ड) आई डोन्ट नो।इतना सुनते ही पापा ने चुम्मों की झड़ी लगा दी और मम्मी के होंठों को चूसने और काटने लगे, तब जाकर मम्मी ने पापा के सीने से चिपकते हुए कहा- आई नो, आई नो बबा ! यू...
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -9
पापा मम्मी के चूचियों से चिपक गए।अब मेरा ध्यान पापा के पैरों की ओर गया।पापा मम्मी ऐसे ही बिल्कुल नंगे बिस्तर पर बैठे थे, अब मुझे उनका पापा का ‘वो’ नज़र आया। अब तो वो केवल 3-4 इंच का ही रह गया था… बिल्कुल सिकुड़ा हुआ सा जैसे कोई शरारती बच्चा खूब ऊध...
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -8
मम्मी के मुख से अचानक कुछ सीत्कार सी निकली और मम्मी बोली- कपिल के पापा, मैं बस होने ही वाली हूँ!मम्मी के पूरे शरीर में सिहरन सी उत्पन हो गई और वो तो जैसे छटपटाने सी लगी थी।
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -7
अब एक तरफ तो पापा धीरे धीरे धक्के लगा रहे थे और उनके दोनों हाथ अब कभी मम्मी के अमृत कलशों पर, कभी कमर पर, कभी पीठ पर चल रहे थे और उनके होंठ मम्मी के होंठों से चिपके हुए थे, कभी पापा के होंठ मम्मी के गालों पर फिसल जाते तो कभी गर्दन पर और कभी गर्दन ...
कुंवारी कन्या की अन्तर्वासना
उस दिन हम सब कॉलेज से निकले तो मुमताज बोली- आज जल्दी छुट्टी हो गई है चल आज तो मेरे साथ मेरी एक सहेली के घर चल, आज तुझे लाइव एक्शन दिखाती हूँ।
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -6
पापा बोले- आज हमारी दूसरी सुहागरात है, जो कुछ हमने अपनी पहली सुहागरात में नहीं किया वो सब करेंगे आज !मम्मी बोली- कपिल के पापा, आओ न अब ! कह तो रही हूँ जो कहोगे, कर दूँगी।पापा बोले- देखो जी, वादा कर के मुकर मत जाना।मम्मी बोली- हाँ बाबा, अब आओ भी!
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -5
मैंने एक बात नोटिस की कि पापा मम्मी को चूमते चूमते, अपना चेहरा मम्मी की बगल की ओर जाते और बगल में अपना मुँह कुछ देर लगाये रहते!पहले मुझे कुछ समझ नहीं आया, फिर कुछ देर देखने के बाद मुझे ऐसा लगा कि पापा मम्मी की बगल को शायद सूंघ रहे थे।उस वक़्त मैंने...
पण्डित जी की तन मन से सेवा-1
मैं निशा अपनी पहली हिन्दी सेक्सी स्टोरी लिख रही हूँ, मैं कानपुर की रहने वाली हूँ। मेरी उम्र 33 वर्ष है मेरा विवाह एक मेडिकल सेल्स मैनेजर से हुआ है।मेरे एक बेटा 5 वर्ष का है जो अभी पहली क्लास में पढ़ रहा है। मैं एक अच्छे बिल्डर की फ्लैट वाली सोसाइटी...
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -4
मुझे तो ऐसा लगा कि कहीं मम्मी के होंठ छिल न जाये।सारे कमरे में पुच पुच की आवाज़ गूंज रही थी और रात का सन्नाटा होने के कारण आवाजें और भी साफ़ सुनाई पड़ रही थी।जहाँ पापा मम्मी के गुलाबी अधरों का रस पान कर रहे थे, वहीं मम्मी पापा के मुँह का रस पी रही थी...
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -3
पापा बोले- तुमने कहा था कि अब की बार जब भी करेंगे तो जो कहोगे वो करूँगी।मम्मी बोली- हाँ बाबा ! जो करना हो कर लो, अभी भी कह रही हूँ, बस गन्दी संदी चीजें न कहना!पापा बोले- सम्भोग में कुछ भी गन्दा नहीं होता!मम्मी बोली- अब करो भी!मम्मी पापा की बात सुन...
पापा मम्मी की दूसरी सुहागरात -2
सुबह हुई तो मैंने ध्यान प्रिया कि पापा मम्मी से बात नहीं कर रहे थे, उनकी बोल चाल बंद थी। मम्मी कुछ बोलती भी तो केवल हाँ या नहीं में उत्तर देते बस!मुझे मम्मी पापा की उस रात की बात याद थी कि वो दोनों इस बार अकेले और सुहागरात वाली रात की तरह सेक्स करना...