रंडी की चुदाई / जिगोलो
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
आज दिल खोल कर चुदूँगी-17
अब तक आपने पढ़ा..मैं बिस्तर पर बैठे हुए ही झुककर महमूद का लण्ड ‘गपागप’ चूस रही थी। महमूद पीछे से मेरी चूत मलकर मेरी प्यासी चूत की प्यास बढ़ाते हुए लण्ड चुसाई करवाता रहा।एकाएक तभी महमूद के मुँह से सिसकारी के साथ वो अनाप-शनाप भी बोलने लगा- ले साली चाट...
आज दिल खोल कर चुदूँगी-16
अब तक आपने पढ़ा..फिर विनय ने धीरे से अपने लंड का सुपारा चूत में घुसा प्रिया और अपने जिस्म से मेरे जिस्म पर पड़े वीर्य को रगड़ते हुए चूमता रहा।थकान के बाद फिर थकान चढ़ती जा रही थी पर मेरी चूत की चुदास कम होने का नाम नहीं ले रही थी।अब आगे..
आज दिल खोल कर चुदूँगी- 15
अब तक आपने पढ़ा..
आज दिल खोल कर चुदूँगी -14
अब तक आपने पढ़ा..
आज दिल खोल कर चुदूँगी-13
खैर.. आइए मेरी चूत की रसीली दास्तान की तरफ बढ़ते हैं।
आज दिल खोल कर चुदूँगी- 10
अब तक आपने पढ़ा..इधर नवीन अनिल को झड़ता देख मेरी चूत में लण्ड चोदने की रफ्तार तेज करके मेरी चुदाई करते हुए छह-सात जोरदार धक्के लगाकर मुझे अपनी बाँहों से जकड़ कर मेरी चूत में भी पिचकारी छोड़ कर झड़ने लगा।
आज दिल खोल कर चुदूँगी -8
मेरे शरीर में तरावट आने लगी, सारा जिस्म मीठे जोश से भर गया, मुझे ऐसा लग रहा था कि मैं कभी ना झड़ूँ.. बस जिन्दगी भर चुदाती ही रहूँ.. यह मजा किसी और चुदाई से अलग था, कुछ जवानी का जोश और मीठी-मीठी गालियों की मीठी चुभन थी।
आज दिल खोल कर चुदूँगी -5
उसने अपना लन्ड मेरे मुँह में से निकाला और बोला- बोल साली पहले रन्डी किधर डालूँ?
आज दिल खोल कर चुदूँगी-4
मेरी कहानी के पिछले तीन भागों में आपने पढ़ा था कि किस तरह मेरे पति ने मुझे रण्डी बना प्रिया जिसमें मेरी भी सहमति थी।
आज दिल खोल कर चुदूँगी-3
मेरी इस कहानी के पिछले दो भागों में आपने पढ़ा था कि किस तरह मेरे पति ने मुझे रण्डी बना प्रिया जिसमें मेरी भी सहमति थी।
पार्ट टाइम वेश्या बन कर पैसे कमाए- 4
चूत का पैसा कमाकर बचाया और फिर उससे घर बनाया, जमीन बनाई और फिर चुनाव लड़ कर लोकल नेता बन गयी दो मजदूर लड़कियां. कैसे? खुद पढ़ें इस कहानी के 4 भागों में!
पार्ट टाइम वेश्या बन कर पैसे कमाए- 3
कोठे की रंडी Xxx कहानी में पढ़ें कि गांव की दो शादीशुदा लड़कियां कमाई करने पुणे के बुधवार पैठ बाजार में धंधा करने गयी. दोनों जवान और देसी माल थी, पहली रात ही बढ़िया कमाई हुई.