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Office Sex

कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।

काम-देवियों की चूत चुदाई-5

अब तक मैंने उसका साड़ी का पल्लू गिराकर उसके स्तनों पर कब्ज़ा कर लिया था। उन्हें पीछे से पकड़कर मसलने में अनुपम सुख मिलने लगा।

लेखक: रोनी सलूजा 8 मिनट पठन

काम-देवियों की चूत चुदाई-4

दूसरे दिन ऑफिस की छुट्टी के कारण लीना को तो आना नहीं था, मैं सीधा साईट पर चला गया। फिर फुर्सत के समय में आकर ऑफिस खोल लिया।

लेखक: रोनी सलूजा 7 मिनट पठन

काम-देवियों की चूत चुदाई-3

मेरी असिस्टेंट लीना की चुदाई करने के लिए मैं तड़फ रहा था, पर कोई मौका ही नहीं मिल रहा था।अब मेरा ध्यान लीना पर केन्द्रित था, उसकी जवानी तो कपड़ों के ऊपर से ही महसूस करके मेरे तन-बदन में आग सी लग जाती थी।अब तक उसको नौकरी करते एक माह भी होने वाला था। ...

लेखक: रोनी सलूजा 7 मिनट पठन

काम-देवियों की चूत चुदाई-2

दूसरे दिन मैंने ऑफिस खोला ही था कि लीना आ पहुँची। वो सलवार सूट पहनकर आई थे, हरे रंग का सूट, उस पर लाल पीले फूल बने हुए थे, बिल्कुल सिम्पल सादे लिबास में उसकी असली खूबसूरती और भी निखरी हुई लग रही थी।

लेखक: रोनी सलूजा 16 मिनट पठन

काम-देवियों की चूत चुदाई-1

रोनी सलूजा का आप सभी को प्यार भरा नमस्कार! मैं आपसे पुनः मुखातिब हूँ, अपना परिचय फिर एक बार देता हूँ, मेरी उम्र 36 होने को है, कद 5’6′ फीट है कसरती बदन, साइंस विषय से स्नातक हूँ, मध्य प्रदेश का रहने वाला हूँ, मकान एवं भवन निर्माण काम का ठेकेदार हूँ!

लेखक: रोनी सलूजा 13 मिनट पठन

नेहा की चूत रौंदी

अक्सर वह मेरे पास आती और काफी चिपक कर बैठती थी। उसका शरीर काफी गोरा था और मम्मे और कूल्हे बिल्कुल गोल थी।वह हमेशा छोटी स्कर्ट पहन कर आती और अपनी टांगें मेरी टांग से रगड़ती रहती थी। उसकी ये सब शरारतें मुझे बहुत पसंद थी।

लेखक: प्रताप सिंह 11 मिनट पठन

कमाल की हसीना हूँ मैं-30

मेरे ससुर ताहिर अज़ीज़ खान जी मुझे ऊपर से नीचे तक कुछ देर तक निहारते ही रह गये। उनके होंठों से एक सीटी जैसी आवाज निकली, जैसी आवाज आवारा टाईप के मजनूं निकाला करते हैं।

लेखक: शहनाज़ खान 10 मिनट पठन

कमाल की हसीना हूँ मैं-26

मेरा सिर नशे में बुरी तरह झूम रहा था और दिमाग पर नशे की जैसे एक धुँध सी छाई हुई थी।

लेखक: शहनाज़ खान 10 मिनट पठन

कमाल की हसीना हूँ मैं-25

स्वामी आज मुझ पर रहम करने के मूड में बिल्कुल नहीं था। उसने वापस अपने लंड को पूरा बाहर खींचा तो एक फक सी आवाज आई जैसे किसी बोतल का कॉर्क खोला गया हो।

लेखक: शहनाज़ खान 10 मिनट पठन

कमाल की हसीना हूँ मैं-24

मैं उसके लंड की टिप को अपनी चूत की दोनों फाँकों के बीच महसूस कर रही थी। मैंने एक बार नजरें तिरछी करके जावेद को देखा।

लेखक: शहनाज़ खान 9 मिनट पठन

कमाल की हसीना हूँ मैं-23

मैं उत्तेजना में अपनी दोनों जाँघों को एक दूसरे से रगड़ रही थी और अपने दोनों हाथों से उन दोनों के तने हुए लौड़ों को अपनी मुठ्ठी में लेकर सहला रही थी। अब मुझे उन दोनों के चुदाई में देरी करने पर गुस्सा आ रहा था। मेरी चूत में मानो आग लगी हुई थी। मैं सिस...

लेखक: शहनाज़ खान 10 मिनट पठन

कमाल की हसीना हूँ मैं-22

मुझे वहाँ मौजूद हर मर्द पर गुस्सा आ रहा था लेकिन मेरा जिस्म, मेरे दिमाग में चल रही उथल पुथल से बिल्कुल बेखबर अपनी भूख से पागल हो रहा था।

लेखक: शहनाज़ खान 9 मिनट पठन
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