कोई मिल गया
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
ट्रेन में मिली आंटी ने सेक्स का मजा लिया
अब मैं अपने बारे में कुछ बता दूँ। मैं दिल्ली के पास का रहने वाला हूँ। एक स्वस्थ गोरा और आकर्षक व्यक्तित्व का मालिक हूँ।मेरे लंड का साइज़ भी अच्छा खासा लम्बा है.. जब पूरा खड़ा होता है.. तो इसकी मोटाई देखते ही बनती है।ये मैं बढ़ा-चढा कर नहीं लिख रहा हू...
बॉस की बेटी की चुदाई की
पिछले महीने एक दिन मेरे बोस ने मुझे और मेरी वाइफ़ को डिनर पर उसके घर बुलाया था, हम लोग उसदिन उसके घर पर गये। उसके फ़ैमिली में उसकी वाइफ़, वो और उसकी एक बेटी है। उसकी बेटी कोलेज मे पढ़ती है। उस दिन हम लोग उसकी फ़ैमिली से काफी घुल मिल गये। उसने मुझे बताय...
गांव की बहू को बच्चे का सुख दिया- 2
देसी गाँव की चूत चोदने का मौक़ा मुझे तब मिला जब मैं गाँव की एक भाभी का इलाज कर रहा था. उसे बच्चा नहीं हो रहा था और उसका पति फिसड्डी था.
मेरी ज़िन्दगी के कुछ हसीन लम्हे
मैं सुजीत जयपुर का रहने वाला 36 साल का बिज़नसमैन हूँ। 5’9″ हाइट है और मजबूत शरीर का मालिक हूँ। मेरी अपनी एक IT कंपनी है जिसमें हम सरकारी और प्राइवेट क्लाइंट्स के लिए कई तरीके के सॉल्यूशंस पर काम करते हैं।
चंदा रानी की कुंवारी बहन की नथ-4
चूतेश‘बधाई हो नन्दा… मेरी प्यारी बहन… आज तेरी नथ खुल गई… आज तेरी ज़िंदगी का एक महान दिन है… बहुत बहुत बधाई… ईश्वर करे कि तुझे जीवन भर इसी प्रकार तगड़े लण्ड मिलें… चल मैं तुम दोनों के लिये मीठा लेकर आती हूँ… मेरी बहन की नथ खुली है… मीठा मुँह तो होन...
चंदा रानी की कुंवारी बहन की नथ-3
चूतेशमैंने लंड को चूत के मुंह पर सटाया हल्के से धक्का मारा।टोपा जाकर उसकी चूत के पर्दे से टकराया और वो दर्द से चीख पड़ी।घबराहट से चूत का जूस ही निकालना बंद हो गया।उसका पर्दा बहुत सख्त था और तगड़े धक्के से ही फटेगा, दर्द भी उसे ज़्यादह होगा, परंतु ...
बारिश में भीगा बदन और लिफ्ट
Barish me Bhiga Badan Aur Lift
मेरी बेटी का ट्यूटर
मैं एक 36 साल की शादी शुदा औरत हूँ। दिल्ली कैलाश कॉलोनी में हम रहते हैं। लोग मुझे सिमरन बोल के पुकारते हैं। मैं बहुत ही सेक्सी और हॉट पंजाबी औरत हूँ। जब मैं कॉलेज में थी तब सारे लड़के मेरे पीछे पागल थे। मेरे 2/3 बॉयफ्रेंड भी थे।लेकिन शादी के बाद म...
गैर मर्दों की बाहों में मिलता है सुख-2
गैर मर्दों की बाहों में मिलता है सुख-1
वो मेरी रखेल बन गयी
हरीश
दो अनजान जिस्म- एक काम
प्रेषक – पवन कुमार
निशा का नशा
प्रेषक : संजू बाबा