कोई मिल गया
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
60 साल के बुड्ढे ने फाड़ दी मेरी चूत और गांड
ओल्ड मैन Xxx कहानी में शादी के बाद मुझे चुदाई की लत लग गयी. एक दिन एक 60 साल का आदमी चन्दा लेने आया. साला जाते जाते मेरी जवानी की तारीफ़ कर गया.
दोस्त की मां चोद दी- 2
जवान आंटी पोर्न कहानी में मैं अपने दोस्त के घर गया तो उसकी मॅाम ने गले लगाकर अपनी वासना दिखा दी. मौक़ा मिलते ही मैंने उन आंटी की चुदाई का मजा भी लिया.
नौकर का मोटा लंड और मेरा नंगा बदन
कैसे है आप सभी अपने लण्ड और चूतों के साथ। मुझे आशा है कि आप सभी प्रसन्न होंगे, आपकी कृपा से मैं भी खुश हूँ।
अन्तर्वासना ट्रेन में चुदाई छह लंड से: यादगार सफ़र
प्यारे दोस्तो, काफ़ी दिनों बाद मैं अपनी एक कहानी लेकर आई हूं.मेरी पिछली कहानी थी:सहेली के पापा का लंड और मेरी प्यासी चुत
मेरी लेडी बॉस की चूत का घमंड अफ्रीका में जाकर टूटा-1
मैं वीरेन्द्र 24 साल का युवक हूँ और एक मल्टीनेशनल कम्पनी में काम करता हूँ। मेरी रिपोर्टिंग बॉस एक बहुत ही खूबसूरत लेडी है.. वो 5’3″ लंबी, साँवली, स्लिम बॉडी पर 32 साइज़ के चूचे.. मटकते हिप्स 33 के और बलखाती 26 इंच की कमर बहुत ही कमनीय काया वाली एक ...
प्रॉपर्टी-डीलर मैडम को उनके घर में ही चोदा
X चूत चुदाई कहानी में मैंने प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया. उस दौरान मेरी मुलाक़ात एक लेडी से हुई. वह भी प्रॉपर्टी का काम करती थी. उसकी बातों से पता चला कि वह चुदासी है.
चलती बस में अजनबी लंड से चूत चुदवाई
देसी सेक्स X कहानी में पढ़ें कि कैसे मैं बस की रात की लम्बी यात्रा के दौरान एक सहयात्री के लंड से चुद गयी. मैं सबसे पिछली सीट पर थी और सोने की कोशिश में थी.
पाठिका की चूचियों के दूध से लंड स्नान
MILF सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरी एक प्रशंसक पाठिका ने मुझे अपने घर बुलाया. उसकी चूचियां दूध से भरी थी. उसने मुझे अपनी चूचियों का दूध पिलाकर चूत चुदवायी.
चूत का रसिया-3
Choot Ka Rasiya-3
पैसेन्जर ट्रेन में चूत चोदी
उस दिन पता नहीं किसका चेहरा देख कर उठा था कि वो दिन मेरे लिये सुबह से ही अच्छा जा रहा था।जब मैं कमरे से ट्रेन पकड़ने के लिये बस से चारबाग स्टेशन जा रहा था तो बस में मेरे बगल बाली सीट पर एक एक मस्त लड़की बैठी। उसकी चूचियाँ इतनी मस्त थी कि मन कर रहा थ...
पहले मैं फ़िर तू
मैं विशाल एक बार फिर हाज़िर हूँ आप सबके सामने, आजकल मैं गुडगाँव में रह रहा हूँ अपनी जॉब की वजह से !
न लज्जा कामातुरानाम्-2
वास्तव में कपड़े लेना तो बहाना थे, हम दोनों को इस छीना-झपटी में आनन्द आ रहा था।