कोई मिल गया
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
जब संजना ने स्पेनिश लौड़ा लिया-2
कहानी का पिछला भाग :जब संजना ने स्पेनिश लौड़ा लिया-1
लक्ष्मी की ससुराल-1
हाय दोस्तो,
अनजान हसीना की चूत गांड मारी ट्रेन में
रोड गर्ल की चुदाई का मौक़ा मुझे तब मिला जब मैं कहीं बाहर गया हुआ था. रात को आइसक्रीम खाने निकला तो एक लड़की से मुलाक़ात हो गयी. वह लड़की मुझसे कैसे चुद गयी?
आह’ उनका बॉस- 3
Xxx ऑफिस सेक्स कहानी में मेरे पति के बॉस बाजार में मिले तो उनकी वासना दृष्टि मेरी कामुक देह-यष्टि पर जम गयी. बॉस ने मेरे पति को पदोन्नति देकर हम दोनों को ऑफिस में बुलाया.
जब संजना ने स्पेनिश लौड़ा लिया-1
दोस्तो, मैं आपकी दोस्त संजना, लुधियाना से एक बार फिर आपके के लिए एक और कहानी लेकर आई हूँ। यह कहानी काल्पनिक नहीं है, कुछ-कुछ सच है और बाकी मेरी कल्पना है।मेरी कुछ ख्वाहिशें थीं जो पूरी हुईं तो मैंने उसे एक कहानी का रूप दे दिया और अब आपके मनोरंजन क...
आह’ उनका बॉस- 2
ऑफिस पोर्न कहानी में मैं अपने पति के नए ऑफिस में उनके बॉस के साथ थी. उनको मेरी देसी जवानी भा गयी थी शायद. उनके हाथ मेरे जिस्म पर फिसलने लगे थे.
ट्रेन में गूंगी की चूत की खुजली
मेरा नाम मुहम्मद ए.अली है। मैं 20 साल का साधारण सा लड़का हूँ और लड़कियों पर ज़्यादा ध्यान नहीं देता हूँ इसी वजह से मेरी कोई गर्लफ्रेण्ड भी नहीं है।
किट्टी पार्टी के बहाने मिला नया लंड- 2
मजेदार सेक्स लंड चूस कर किया मैंने और मेरी पड़ोसन आंटी ने एक रिसोर्ट के एक कमरे में एक अनजान मर्द के साथ. हम तीनों भीग गए थे तो कपड़े सुखाने कमरे में गए थे.
मदद के बदले मांगी चूत
देसी भाभी सेक्सी स्टोरी में पढ़ें कि रात को घूमते हुए एक परेशान सी भाभी मुझे सड़क पर मिली. मैंने उसकी मदद की. उसके बाद कैसे क्या हुआ, कहानी में खुद जानें.
प्यासी भाभी ने दो लंड का मजा लिया- 2
हॉट इंडियन भाभी सेक्स के लिए तड़प रही थी क्योंकि उसका पति उसकी चूत की आग बुझाने में नाकाम था. उसने पति के दोस्त से मदद मांगी तो उसने अपने दो दोस्तों से भाभी की सेटिंग की.
आह’ उनका बॉस- 1
हॉट इंडियन ब्यूटी को के सामने गोरी फिरंगनें भी पानी भरती हैं. ऐसी ही एक देसी सुन्दरी को जब उसके पति के बॉस ने देखा तो दोनों को ऑफिस में आमंत्रित किया.
बस में मिली हसीना के साथ लण्ड की सील खुली
मैं कॉलेज स्टूडेंट हूँ.. मुझे कभी कभी काम से जयपुर आना-जाना पड़ता है.. ये कहानी जनवरी के महीने की है और उस समय सर्दी का भारी प्रकोप था।