कोई मिल गया
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
शीशे का ताजमहल-2
कहानी का पहला भाग : शीशे का ताजमहल-1
शीशे का ताजमहल-1
शबनम का बैठकखाना खूबसूरती से सजा हुआ था, कमरे की दीवारें हल्के गुलाबी रंग से पुती हुई थी, बाईं दीवार पर एक अस्त व्यस्त ग्रामीण बाला की आदमकद तस्वीर लगी हुई थी। ठीक उसी के नीचे बड़े से दीवान पर खूबसूरत सा बेड कवर बिछा हुआ था, फर्श पर महंगा गद्देदार...
कमाल की हसीना हूँ मैं-39
कुछ ही देर में उनके लौड़े फौलाद की तरह सख्त हो गये और वो दोनों बेरहमी से बारी-बारी से मेरे हलक में अपने लौड़े ठूँसते हुए धक्के मार रहे थे।
बस के सफर में मिला लंड
मित्रो, इस बार यह कहानी मेरी नहीं बल्कि मेरी एक पाठिका व महिला मित्र की है जो बिहार से तालुक्कात रखती हैं.आगे की कहानी उन्ही के शब्दों में सुनना उचित होगा.तो चलते है कहानी की तरफ।
कमाल की हसीना हूँ मैं-38
मैंने साँस ली ही थी कि एक बार फिर मुझे उसकी मुठ्ठियाँ अपनी गर्दन के पीछे बालों पर कसती महसूस हुईं और उसने गालियाँ देते हुए अपना लंड फिर एक ही झटके में मेरे हलक में ठाँस दिया। दो-तीन धक्कों में ही उसने पूरा लंड अंदर घुसा दिया।
मुम्बई के सफ़र की यादगार रात-6
मैंने उससे पूछा- मैं कितनी देर तक सोता रहा? तो वो बोली करीब एक घण्टा !
ट्रेन में नन्दिनी के साथ चुदाई का सफ़र
दोस्तों मेरा नाम विराट सिंह है, मैं 19 साल का हूँ। मैं ऋषिकेश में रहता हूँ। यह मेरे जीवन की वास्तविक घटना है, आशा करता हूँ कि आप सभी को मेरी कहानी पसन्द आएगी।
पार्टी में मिली हसीन कली को चोदा
दोस्तो, मेरा नाम रॉकी है, मैं दिल्ली का रहने वाला हूँ. मैं आज अपनी पहली सेक्स स्टोरी आप लोगों को बताने जा रहा हूँ कि कैसे मैंने अपने दोस्त की शादी में स्वीटी को पटाया और उसके साथ सेक्स किया.
मुम्बई के सफ़र की यादगार रात-5
लेखक : सन्दीप शर्मा
मेरे साथ ज़बरदस्त चुदाई हुई -2
गीता ने सपाट शब्दों में कहा- तू एक काम कर, उस लौंडे को कल दोपहर दो बजे यहाँ मेरे घर पर ले आना, क्योंकि कल दोपहर के बाद मैं घर पर अकेली ही हूँ।
कमाल की हसीना हूँ मैं-37
वो मुझे सहारा दे कर बार के करीब ले गया और दो ड्रिंक्स ऑर्डर किये। फिर उसने मुझे कमर से पकड़ कर उछालते हुए ऊँचे बार-स्टूल पर इस तरह बिठा दिया जैसे मैं कोई रबड़ की गुड़िया होऊँ।
मुम्बई के सफ़र की यादगार रात-4
लेखक : सन्दीप शर्मा