कोई मिल गया
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
फेसबुक पर प्यार
मेरा नाम मनीष है, मैं 27 साल का अविवाहित पुरुष हूँ, 4 वर्ष से के बड़ी कम्पनी में कार्यरत हूँ.
भैया का दोस्त -2
खाना खाने के बाद प्रदीप और भैया तो हॉल में जा कर टीवी देखने लगे और इधर भाभी और मैं टेबल को साफ करने लगे। उसके हम दोनों रूम में चले गए, वहाँ भाभी ने फिर मुझसे कहा- रोमा, तुम्हें प्रदीप अच्छा लगा न?
क्या छिपा रहे हो?
सभी आंटियों और लड़कियों की फड़कती चूतों को मेरा प्यार भरा चुम्बन ! ज्यादा वक़्त बर्बाद ना करते हुए मैं सीधा अपनी कहानी शुरू करता हूँ।
लिफ्ट लेने वाली की सहेली को भी चोदा
दोस्तो! पिछली कहानीलिफ्ट लेकर दिल्ली के रास्ते में चुदीमें आपने पढ़ा कि कैसे मैंने सिमरन नाम की एक लड़की, जो शादीशुदा थी, को दिल्ली जाते हुए अपनी कार में लिफ्ट दी और उसे पटा कर रास्ते में एक होटल में मजे से चोदा. वह अपने पति से झगड़ कर अपनी दिल्ली मे...
खुल्लम-खुल्ला चूत-चुदाई का आनन्द -1
दोस्तो, आपके बहुत सारे प्यार भरे मेल के पाने बाद एक बार फिर आपका प्यारा शरद आपके पास नई कहानी लेकर आया है, लेकिन मैं आपसे चाहूँगा कि आप मुझे ईमेल करके कहानी के बारे में बताए या फिर अपनी कहानी को शेयर करना चाहते हैं तो करें.. लेकिन किसी लड़की का एड्...
स्टेशन पर मिली भाभी को ट्रेन में चोदा
दोस्तो, मैं सन्नी आहूजा रोहतक से.. एक बार फिर से हाज़िर हूँ आपके सामने एक सच्ची कहानी लेकर..मुझे लगता है कुछ लोगों को यह कहानी सच ना लगे.. मगर यह बिल्कुल सच्ची कहानी है। मुझे खुद विश्वास नहीं कि ऐसा कैसे हो गया..हुआ ऐसा कि अपने बिजनेस के चक्कर में...
क्या यही प्यार है-2
वह ज़बरदस्ती ऊपर ले गई। वहाँ कोई नहीं था। वह अपने घर के कमरे दिखाने लगी, मैंने उसे दोबारा से चुम्मी देने के लिए बोला और वो तैयार हो गई।इस बार मैंने उसको दीवार से लगाया और खूब चूसा, अब उसकी हालत खराब होने लगी थी और मेरी भी।उसने अपने आप को अलग कर लिय...
प्यार या वासना
प्रेषक : संजय
भैया का दोस्त -1
आप सबने मेरी पिछली कहानी ‘भैया भाभी का साथ’ पढ़ी और उन कहानियों को आपने बहुत पसंद किया, मुझे बहुत अच्छा लगा, उसके लिए मैं आप सभी का आभार प्रकट करती हूँ।
रिया और जिया
पुरुषोत्तम शास्त्री
हसीन धोखा-2
इशरत की गोरी गोरी मुलायम टाँगें, मांसल जाँघें और गोल गोल चूतड़ का क्या नज़ारा दिख रहा था..
हसीन धोखा-1
दोस्तो, यह कहानी मेरे एक दोस्त की जुबानी सुनाई जाएगी, इस कहानी से तीन किरदार हैं मैं अमित, मेरा दोस्त शमीम और उसकी बीवी इशरत जो पुणे में रहते हैं।