कोई मिल गया
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
काजल की चुदाई-1
अन्तरवासना के सभी पाठकों को नमस्कार ! मेरी सभी कहानियों पर आप लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया देकर मेरा उत्साह बढ़ाया है। मेरी अभी हाल में लिखी कहानीफेसबुक सखीपर मिले ढेर सारे मेल ने अन्तरवासना के प्रति आपके लगाव और कहानी के प्रति आपकी संवेदनशीलता को उजा...
लाकडाउन का फायदा उठाकर लड़की को चोदा
नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम राज शर्मा है।मेरी पहली कहानी थीक्वारंटीन सेंटर में नर्स को फंसाकर चोदा
आंटी का प्यार और चूत चुदाई
मेरी उम्र 25 साल है और मेरे लौड़े की लम्बाई और मोटाई औसत से बड़ी है। मुझे लड़कियों से ज्यादा खेली खाई औरतों की चूत चोदना ज्यादा अच्छी लगती है। क्योंकि औरत की चूत ज्यादातर बालों वाली होती है।मैंने अकसर तस्वीरों में बालों वाली चूत देखी है, मुझे वो देख ...
गार्डन में मिली छात्रा के साथ चुदाई का मजा
सेक्सी माल की चुदाई कहानी में पढ़ें कि एक पार्क में मैंने बहुत सुंदर लड़की को अकेली देखा. हमारी नजर मिली तो मैं मुस्कुरा प्रिया. वह भी मुस्कुरा दी. उसके बाद बात चुदाई तक कैसे पहुंची?
अंतहीन प्यास-6
आपकी सारिका कंवलमैंने कहा- मैं तो फिलहाल अकेली रहती हूँ बच्चों के साथ.. मगर रात में ही मिल सकती हूँ!उसने तुरंत कहा- आज रात को मिलें फिर?मैंने कहा- नहीं… आज नहीं… फिर कभी!उसने कहा- कब?मैंने कहा- कल!उसने कहा- ठीक है।मैं अपने बच्चे को लेकर घर चली आई ...
तीसरी कसम-2
प्रेम गुरु की अनन्तिम रचना
मज़ेदार नौकरी
प्रेषक : विकास कटारिया
तीसरी कसम-1
प्रेम गुरु की अनन्तिम रचनाहज़ारों साल नरगिस अपनी बेनूरी पे रोती हैबाद मुद्दत के होता है चमन में दीदा-ए-वार पैदा
आंटी की चुची मसल कर मस्ती की ट्रेन में
मैंने पहली बार किसी लड़की या आंटी की चुची को हाथ से सहलाया, यह तब की कहानी है।
अंतहीन प्यास-2
आपकी सारिका कंवलमैंने कहा- फिर भी आपको तो सोचना चाहिए था कि अपने बच्चों का एक पढ़ी-लिखी औरत जैसा ख्याल रख सकती है वैसा एक अनपढ़ औरत नहीं रख सकती!तब उसने कहा- जी पढ़ी-लिखी तो है, पर सिर्फ उर्दू!फिर मैंने कहा- आपने इतनी जल्दी-जल्दी बच्चे क्यों किए? क्य...
अंतहीन प्यास-1
आपकी सारिका कंवलनमस्ते, आप सबके प्यार और अनुरोध ने मुझे फिर से एक नई कहानी लिखने पर विवश कर प्रिया।मैं नहीं चाहती थी कि अब कोई कहानी लिखूँ, क्योंकि यह कोई कहानी नहीं बल्कि मेरे जीवन का अनुभव है जो मैं आप लोगों से बाँटना नहीं चाहती थी, पर कुछ लोगों क...
बीच रात की बात-2
मैंने कच्छे के ऊपर से ही उसके लण्ड पर हाथ रखा…ओह्ह्ह… मैं तो मर जाऊँगी… यह लण्ड नहीं था महालण्ड था… पूरा तना हुआ और लोहे की छड़ जैसा… मगर उसको हाथ में पकड़ने का मजा कुछ नया ही था…मैंने दोनों हाथों से लण्ड को पकड़ लिया… मेरे दोनों हाथों में भी लण्ड म...