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विधा संग्रह (18+)

कोई मिल गया

कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।

मेरी चालू बीवी-97

सम्पादक – इमराननलिनी भाभी ने फुसफुसाते हुए ही जवाब दिया- चुप करके केवल अपनी जोरू की चुदाई देख !और वो बाथरूम से बाहर फिर से मेहता अंकल के कमरे में चली गई।

लेखक: इमरान 10 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-96

सम्पादक – इमरानमैं- अच्छा, यह बता पहले इसमें कोई ऐसे ही अपना लण्ड घुसाया है?मैंने उसकी बुर को कुरेदते हुए पूछा।मधु- हाँ मेरे पापा ही… रोज रात को… कुछ कुछ करते हैं।

लेखक: इमरान 11 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-84

सम्पादक – इमरानगुड्डू के चेहरे पर एक कातिलाना मुस्कुराहट थी, उसको मेरी सारी स्थिति का पता था और वो इसका पूरा मजा ले रही थी।

लेखक: इमरान 9 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-83

सम्पादक – इमरान

लेखक: इमरान 8 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-75

सम्पादक – इमरानसुबह की हल्की रोशनी चारों और फैलनी शुरू हो गई थी, मुझे काफ़ी थकान महसूस होने लगी थी… सब कुछ बहुत अच्छा हुआ था मगर बस मुझे यह पुलिस वाला मामला बिल्कुल पसंद नहीं आया था।

लेखक: इमरान 7 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-74

सम्पादक – इमरानसोचा था पूरी रात खूब मस्ती करेंगे.. आज वो सब कुछ करेंगे जो केवल कल्पना ही किया करते थे मगर अब मुझे अपने निर्णय पर बहुत ज्यादा पछतावा हो रहा था…

लेखक: इमरान 9 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-73

सम्पादक – इमरानमैं कितना भी मस्ती के मूड में था और चाहे बहुत अधिक खुल चुका था… शायद हर तरह की आवारागर्दी करना चाहता था मगर इस समय खुद को ठगा सा महसूस कर रहा था, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था कि इस परिस्थति से कैसे निकला जाये !

लेखक: इमरान 9 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-72

सम्पादक – इमरानसामने पुलिस की पेट्रोल कार रुकी खड़ी थी… मैंने सोचा कि निकाल लूंगा…सलोनी दरवाजे की ओर पैर किये मेरी गोद में सर रख लेटी थी…

लेखक: इमरान 8 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-71

सम्पादक – इमरानमैंने तुरंत अपनी गर्दन वहाँ मेज पर रखी महंगी व्हिस्की की ओर कर ली और अंकल से पूछा- अंकल, क्या दो घूंट पी लूँ, गला सूख रहा है?

लेखक: इमरान 9 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-70

सम्पादक – इमरान

लेखक: इमरान 7 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-69

सम्पादक – इमरानओह थैंक्स गॉड… मेरे लण्ड को आखिरकार ठंडक मिल ही गई थी… उस लड़की ने एक एक बूँद चाट चाट कर साफ़ कर दी थी…

लेखक: इमरान 8 मिनट पठन

मेरी चालू बीवी-68

सम्पादक – इमरानजैसा कि हम दोनों यह सोच कर आज घर से निकले थे कि आज केवल होगी तो मस्ती- मस्ती और बस मस्ती…तो आज की रात ऐसी ही गुजर रही थी..मस्ती भी ऐसी कि कोई सपने में भी नहीं सोच सकता..

लेखक: इमरान 5 मिनट पठन
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