गुरु घण्टाल
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक-2
प्रेम गुरु की कलम से
आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक-3
प्रेम गुरु की कलम से
आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक-4
प्रेम गुरु की कलम से
आंटी गुलबदन और सेक्स (प्रेम) के सात सबक-5
प्रेम गुरु की कलम से
असेसमेंट
मेरा नाम रीना है। मैं एक खूबसूरत चालू किस्म की लड़की हूँ, बारहवीं की छात्रा हूँ। मुझ पर जवानी का रंग जम कर चढ़ा पड़ा है, मेरी जवानी लड़कों का साथ ढूंढती रहती है। वैसे मैं अब तक तीन बॉयफ्रेंड बदल चुकी हूँ, मैंने दसवीं के बाद ना तो साईंस ना कामर्स ना म...
जब कंडोम फट गया
मेरा नाम वरुण है (बदला हुआ)। मेरी उम्र 23 साल है, दिल्ली का रहने वाला हूँ, लम्बा कद और मजबूत शरीर ही मेरी ताकत है। मेरे लण्ड का आकार 7 इंच है, मैंने 15 वर्ष की उम्र से ही जिम जाना शुरू कर दिया था इसलिए मेरा शरीर काफी गठीला बन गया है।
कैरेक्टर ढीला है…
लेखिका : श्रेया अहूजा
कैसी मेरी दीवानगी
मैं जन्म से एक गाँव की हूँ, अपनी चालाक माँ की तरह मैं एक बहुत चालाक लड़की निकली थी, लड़के क्या मुझे फ़ंसाएँगे, मैं उनको अपने जाल में फ़ंसाना जानती हूँ। मैं अभी-अभी एक बच्चे की माँ बनी हूँ, दस महीने पहले
तू नहीं और सही-1
प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा
तू नहीं और सही-2
प्रेषिका : दिव्या डिकोस्टा
स्कूल टीचर का अधखुला ब्लाऊज
मैं एक मस्त मौला लड़का हूँ, मैं बिलासपुर छत्तीसगढ़ का रहने वाला हूँ. मुझे खूबसूरत लड़कियाँ बेहद भाती हैं, उन्हें देखकर इस दुनिया के सारे गम दूर हो जाते हैं.
छप्पर फाड़ कर-2
मैंने उसके उरोजों को सहलाना शुरू किया। उरोज क्या थे दो रुई के गोले थे। सुगंधा के उरोज तो इसके सामने कुछ भी नहीं थे। मेरा लिंग पजामें में तंबू बना रहा था। मैंने उरोजों को जोर जोर से मसलना शुरू किया तो उसके मुँह से कराह निकली।