चुदाई की कहानी
कामुक, बोल्ड और रोमांचक हिंदी कहानियों का बेहतरीन संग्रह।
यह कैसा संगम-2
पूजा वर्मादिया ने अपने दोनों टांगें अपनी छाती से चिपका ली और अपनी गाण्ड पूरी तरह से खोल दी। दिया ने अपनी गाण्ड उभार कर सुन्दर के लण्ड से चिपका दी। दिया के चूतड़ों के बीच फ़ूल सा छेद खिल उठा। लण्ड के स्पर्श से वो अन्दर-बाहर होने लगा था। दिया ...
हॉट मीनू की चूत का मीनू निकाला- 2
हार्ड फक़ नेक्स्ट डोर गर्ल का मजा मुझे प्रिया पड़ोस की लड़की ने मेरे कमरे में आधी रात को आकर! हम दोनों पहेल ही दोस्त बन चुके थे, सेक्स की बातें भी कर लेते थे.
यह कैसा संगम-1
पूजा वर्मायह कहानी तीन प्रेमियों की है। इस कहानी के पात्र फ़िल्म संगम के पात्रों से मिलते-जुलते हैं और कहानी में वही त्रिकोण है। गोपाल और सुन्दर बचपन के मित्र थे। एक साथ पढ़े-लिखे, खेले-कूदे और खाते पीते थे।
दिल का क्या कुसूर-7
उन्होंने अपने हाथ से मेरी ठोड़ी को पकड़ कर ऊपर किया और मेरी आँखों में झांकते हुए विनती सी करने लगे जैसे कह रहे हों, “प्लीज, मुझे अपनी प्राकृतिक अवस्था का दर्शन कराओ।”
दिल का क्या कुसूर-6
अरूण मेरे बिल्कुल नजदीक आ गये। मेरी सांस धौंकनी की तरह चलने लगी। अरूण ने चेहरा ऊपर करके अपने होंठ मेरे होठों पर रख प्रिया। आहहहह… कितना मीठा अहसास था। उम्म्म्म्म… बहुत मजा आ रहा था। मेरी आँखें खुद-ब-खुद बन्द हो गई।
दिल का क्या कुसूर-5
आखिर इंतजार की घड़ी समाप्त हुई और बुधवार भी आ ही गया। दीपक के जाते ही मैंने अरूण के मोबाइल पर फोन किया। तो उन्होंने कहा, “बस एक घंटे में गाड़ी दिल्ली स्टेशन पर पहुँच जायेगी… और हाँ, अभी फोन मत करना मेरे साथ और लोग भी हैं हम तुरन्त मीटिंग में ...
दिल का क्या कुसूर-4
मुझे पुरूष देह की आवश्यकता महसूस होने लगी थी। काश: इस समय कोई पुरूष मेरे पास होता जो आकर मुझे निचोड़ देता… मेरा रोम रोम आनन्दित कर देता… मैं तो सच्ची धन्य ही हो जाती।
दिल का क्या कुसूर-3
दोनों लड़कियाँ आपस में एक दूसरे से अपनी योनि रगड़ रही थी।ऊफ़्फ़…!! मेरी उत्तेजना भी लगातार बढ़ने लगी। परन्तु मेरी समझ में नहीं आ रहा था कि मैं क्या करूँ? कैसे खुद को सन्तुष्ट करूँ? मुझे बहुत परेशानी होने लगी। वो दोनों लड़कियाँ लगातार योनि मर्दन...
मेरे पति मुझे जुए में हार गए- 6
X मैन सेक्स स्टोरी में पढ़ें कि मैंने पति के दोस्त के साथ चुदाई के खूब मजे लिए। चुदने के बाद मैंने अपने पति को ही इस चुदाई के लिए जिम्मेदार ठहरा प्रिया।
मासूम बुर, बेदर्द लौड़ा
आदाब दोस्तो, एक बार फिर से आपके लिए एक गरमागरम कहानी लेकर हाज़िर हूँ।मेरी पिछली कहानियों के बारे में आपसे बड़ी प्रशंसा मिली, प्यार मिला, उसका धन्यवाद।मेरी पिछली कहानी थीऔरतों की गांड मारने की ललकतो चलिए, हम इस नयी कहानी की शुरुआत करते हैं। उम्मीद है...
मेरे पति मुझे जुए में हार गए- 4
बाथरूम सेक्स का मजा लिया मैंने अपने पति के दोस्त को अपने घर बुला कर! उससे चुदने के बाद मुझसे रहा नहीं गया, मैंने पति के घर में रहते ही उससे फिर से चुदने का प्लान बना लिया।
ट्रेन में धकाधक छुकपुक-छुकपुक-1
प्रेषक : जूजा जीयह बात उस समय की है, जब मैं 18 साल का एक नवयुवक था। मेरा शारीरिक सौष्ठव काफी सुदृढ़ था। मैं उन दिनों पहलवानी भी किया करता था। अखाड़े में मैं प्रतिदिन 800-1000 दण्ड पेलता था। दिखने में भी मैं काफी सुन्दर था। देखने वाले कहते थे कि तु...