सुदीप्ता
सत्यापित कहानीकार (Verified)@sathapata
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
सुदीप्ता की रचनाएं
मुन्नी की कमसिन बुर की पहली चुदाई-1
मेरा नाम सावित्री है लेकिन मुझे मुन्नी कहकर ही बुलाते हैं. मेरे माँ बाप बचपन में गुजर गए थे. मेरी चढ़ती जवानी में मुझे मेरी मौसी गाँव से एक आर्मी ऑफिसर के यहाँ घर में काम करने के लिये छोड़ गयी थी.अंकल की उम्र 55-56 साल की रही होगी. वे लंबे चौड़े तो थ...
कमसिन लड़की की कामुकता और जिस्म की प्यास
सरिता 18 साल की छरहरी बदन की गोरी देसी लड़की थी,अल्हड़ जवानीका रंग बदन में दिखाई पड़ रहा था. गाँव के एक अमीर किसान के घर पर काम करती थी, उनका नाम रमेश था, करीब 45 साल का अधेड़ था, बदन गठीला था, काफी जमीन थी और पैसे की कमी नहीं थी, घर पर ही दिन भर रहता...
योनि रस और पेशाब दोनों एक साथ निकल गए -3
अब तक आपने पढ़ा..संदीप- सिर्फ ‘सॉरी’ से काम नहीं चलेगा। मैं यह सब दीपक जी को बताने वाला हूँ.. वरना चुपचाप खड़ी रहो।खुशी ने संदीप की इस हरकत का पलट कर विरोध किया और धक्का मारकर संदीप को अलग करते हुए बोली।खुशी- मैं कोई बच्ची नहीं हूँ.. तुम मुझे इस तरह...
गाँव की नासमझ छोरी की मदमस्त चुदाई -3
अब तक आपने पढ़ा..मैंने फिर से बिल्लो को गोद में बैठा लिया और देखा कि बिल्लो लण्ड को पकड़ कर घुसाना चाहती है।गोद में ही बैठा कर मैंने उसे चोदना शुरू कर दिया। अभी तो पूरा लण्ड गया नहीं था.. पर उतने लौड़े से ही मैंने चूत में धक्के लगाने शुरू कर दिए।गोद ...
गाँव की नासमझ छोरी की मदमस्त चुदाई -2
अब तक आपने पढ़ा..बिल्लो- चूचियों को चूसने से तो और ज़ोर से बुर के अन्दर प्यास लग रही है.. जल्दी से इसका प्यास बुझाओ और देरी बर्दाश्त नहीं हो रही है.. बस अब तो ऐसा लग रहा है कि बुर के अन्दर कुछ घुसना चाहिए।मैंने कहा- पहले मुझे देखने दो तुम्हारी बुर क...
गाँव की नासमझ छोरी की मदमस्त चुदाई -1
मैं एक 40 साल का मर्द हूँ, एक सरकारी संस्था में कार्यरत हूँ। मेरी शादी भी हो गई है, बीवी गाँव में रहती है, मैं एक शहर में एक किराए के मकान में रहता हूँ।गाँव से ही मेरी बीवी ने एक कमसिन अल्हड़ सी लड़की को काम करने के लिए भेज दिया था.. उसका नाम बिल्लो...