राहुल मधु
सत्यापित कहानीकार (Verified)@rahal-mathha
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
राहुल मधु की रचनाएं
मुम्बई से दुबई- कामुक अन्तर्वासना-6
रेनू की चूत चोदने के पश्चात् मैं कुछ देर चूत में लन्ड डाले पड़ा रहा।
मुम्बई से दुबई- कामुक अन्तर्वासना-4
मैं और रेनू अच्छे दोस्त थे, हम खुल कर बातें कर रहे थे, मजाक कर रहे थे। मुझे समझ आ गया था कि रात को गिरने वाली घटना सच में हुई थी, उसके बाद मैंने नशे में रेनू को चूमने की कोशिश की, उसके बाद मैं सो गया था।
मुम्बई से दुबई- कामुक अन्तर्वासना-3
पिछले भाग में आपने पढ़ा –पूर्ण संतुष्टिदायक चुदाई के बाद हम दोनों एक दूसरे की आगोश में पड़े रहे। मेरा अर्धसुप्त लिंग अभी भी रेनू की चूत में ही था और हम एक दूसरे के बदन को सहला रहे थे, चूम रहे थे।
मुम्बई से दुबई- कामुक अन्तर्वासना-2
मैं और मीनू आज हम दोनों फ़ोन पर साथ साथ चुदाई का आनन्द ले रहे थे, तभी कुछ गिरने की आवाज़ आई, फिर आवाज़ आई- रआहूलल…
मुम्बई से दुबई- कामुक अन्तर्वासना-1
आपने हमारी पिछली कहानी में हम दोनों परिवार के बीच हुई घमासान चुदाई का पूरा आनन्द लिया, हमें हज़ारों पत्र आये, हमने पूरी कोशिश की कि हम सभी पत्रों का जवाब दे पायें फिर भी शायद कुछ ऐसे पाठक रह ही गए होंगे जिनके जबाव हम न दे सके हों।
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-14
मैं- जब मैं तेरी भाभी के नंगे बदन पर लेटा था तो तूने आकर कहा था कि क्या आप मेरे शरीर से ऐसे ही खेल सकते हो? क्या तुम अपने भाई भाभी और सहेली जैसी बहन के सामने मेरे बदन के साथ यही खेल खेल सकती थी?शिखा- हाँ शायद!
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-13
नीलेश- भाई तू तो मानता है न कि मैं सही बोल रहा हूँ।मैं विकास- मेरे अकेले के मानने से कुछ नहीं होगा।
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-12
गीता बोली- चलो आप सब लोग अपने बचपन के किस्से सुनाओ।मैंने कहा- अच्छा ठीक है चलो बातें करते हैं।
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-11
हमारी आवाज़ जब आना बंद हो गई थी तभी ये लोग समझ गए थे कि चुदाई खत्म हो चुकी है इसलिए कपड़े पहने हुए ही एक दूसरे के बदन से खिलवाड़ कर रहे थे।मेरे आते ही बोले- क्यों, बड़ी ज़बरदस्त चुदाई मचाई तुमने… इतनी आवाज़ें? इतनी बेचैनी चुदाई में?मैंने कहा- चल नीलेश, ...
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-10
मैंने कहा- शिखा, इतना सेंटी मत कर यार… मैं तुझे यहाँ लाया ही इसलिए जिससे तू खुल कर चुद सके और मजे ले। पर जब आज तू नहा रही थी तब मैंने तेरा बदन देखा था। इतना खूबसूरत बदन मैंने अपनी पूरी ज़िन्दगी में कभी अपनी नंगी आँखों से नहीं देखा। पर टीवी वगैरह पर...
चाण्डाल चौकड़ी के कारनामे-9
पूजा बोली अब तुम्हारे लिए बदनामी में भी नाम ही है मैं ऐसी ही नंगी जाऊँगी कोई कुछ भी कहे।और उसने दरवाज़ा खोला और चली गई अपने कमरे में।पर शायद कोई नहीं था सामने इसलिए अपने कमरे में चली गई।