इमरान
सत्यापित कहानीकार (Verified)@imarana
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
इमरान की रचनाएं
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-17
अब तक आपने पढ़ा…मेरे बदन का कोई भी अंग ढका हुआ नहीं था, मेरी ब्रा, पैन्टी अंकल पहले ही उतार चुके थे और नाईटी भी जांघों तक सिमटी हुई थी।मैं सोच रही थी कि नाइटी को पूरी उतार दूँ या नहीं!
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-16
शायद जावेद चचा जोश में आ गये, या उन्होंने क्या किया कि सलोनी इतनी ज़ोर से सिसकार उठी… कहीं अन्दर डाल कर तो मजा नहीं लेने लगे थे?
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-15
अंकल ने मेरी नाइटी उठा कर मेरी पैन्टी उतार दी, फिर मेरी ब्रा उतारने की कोशिश करने लगे।कमरे नाइट बल्ब जल रहा था, मैं उठकर… उनकी ओर पीठ करके बैठी सोचने लगी कि अपनी ब्रा कैसे निकालूँ?
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-14
अंकल और मैं, हम दोनों अकेले घर में रहे। मुझे आज भी याद है उस घर की पहली रात!
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-12
सलोनी- चचा… मेरे सहलाने और उसकी हरकतों से शमीम का लंड एकदम खड़ा होकर 8-9 इंच का हो गया तो देख कर भी डर लगने लगा था पर उसे पकड़ कर मज़ा भी आ रहा था जैसे मैंने कोई डण्डा अपने हाथ में पकड़ लिया हो।
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-11
सलोनी- मैं उन दिनों स्कूल के बाद कॉलेज में नई आई थी कि मेरी मुलाकात शमीम से हुई… बड़ा बांका और मजबूत दिखता था वह… और सुंदर भी था… उसे देखते ही मेरे दिल में अजीब सी बैचेनी होने लग गई थी।
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-10
सलोनी तो जहाँ की तहाँ खड़ी रह गई… अब तो जावेद की तरफ़ उसकी नजर भी नहीं उठ रही थी।
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-9
ठक… ठक…!पता नहीं अब कौन आ गया?यह तो अच्छा हुआ कि मैंने दरवाज़ा लॉक कर प्रिया था वरना अभी कुछ भी पंगा हो सकता था।
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-8
मैं अपनी सांसें रोके उन तीनों को देख रहा था, मुझको पता ना था कि अगले कुछ मिनट में मैं किसी विदेशी ब्ल्यू मूवी से भी ज्यादा गर्म थ्रीसम धमाकेदार चुदाई देखने वाला हूँ।
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-7
सलोनी ने कलुआ का लंड चूसते हुए आधे से अधिक लण्ड अपने मुँह के अंदर ले लिया और कलुआ भी अपनी कमर हिलाते हुये सलोनी के मुँह की चुदाई कर रहा था।उस के पीछे बैठे पप्पू ने अपने थूक और लार से सलोनी के चूतड़ों से लेकर गांड चूत सब गीले कर दिये।
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-6
यह देखकर मैं तो क्या, पप्पू भी हैरान हो गया… कि सलोनी को कलुआ का लंड ज्यादा पसन्द आया और वह उसके अग्र भाग यानि सुपारे को चूस रही थी।कलुआ ज़ोर ज़ोर से सिसकारियाँ लेने लगा था- अह्ह आह ओह्ह दीदी चूसो मेरा लंड आआअ ह्ह्हाआ मजा आ गया… कितना गर्म है आपका म...
मेरी मदमस्त रंगीली बीवी-5
कहाँ चले गये वो दोनों लड़के?बाहर के दरवाज़े से लेकर रूम तक का फ़ासला मुझे बहुत ज्यादा लगने लगा, मेरे पैर जैसे उठ ही नहीं रह थे, मैं एक एक कदम बिना कोई आवाज़ किए रख रहा था, मैं बैडरूम तक जाना चाह रहा था, जानना चाह रहा थ कि आखिर मेरे पीछे हुआ क्या? अन्द...