iloveall ?️
सत्यापित कहानीकार (Verified)@iloveall
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
iloveall ?️ की रचनाएं
Pooja Ki Pooja – Episode 2
राज मेरी बात सुनकर किचन की और देखने लगा पर कुछ बोला नहीं। मैंने मेरी बात जारी रखते हुए कहा, ” कुछ ऐसी सिचुएशन भी आती है जिसमें मॉडल को सारे कपडे निकालने पड़ते हैं। कई बार बड़े ही उत्तेजक या उन्मादक पोज़ देने पड़ते हैं। कई बार अपने ख़ास अंगों के जैसे अप...
Pooja Ki Pooja – Episode 1
क्या सुन्दर उभरे दिखते हैं दूध भरे यह वक्ष तुम्हारे जोजब हाथ हमारे मसलेँगे तब हाल तुम्हारा क्या होगा?यह बॉल बड़े चिकने कोमल कैसी होंगी उनपर निप्पल?उड़ गए होश स्तन को निहार, जब होँठ चूमेंगे क्या होगा?
Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 10
उस दिन लिफ्ट से तो मैंने भाग निकली, परन्तु अगले कुछ दिनों में सारी कहानी अचानक पलट ही गयी। मुझे कई लोगों ने योगराज की बीमार मानसिकता के बारे में बताया।
Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 9
समय के बीतते योगराज नजरें भी मेरे पुरे बदन पर घूमने लगीं। अब वह पहले वाला अजीब सा भाव जाता रहा था। अब हम दोनों एक दूसरे से नजरे मिलने पर जैसे कोई गुप्त सन्देश दे रहे थे।
Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 8
समय बीतते मुझे महसूस होने लगा की अजित हमारी चुदाई के बाद से मुझे हीन नज़रों से देखने लगा था। वह मुझ पर अपना अधिकार जमाने की कोशिश करने लगा था।
Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 7
अजित ने मुझे एक बाँह मेरी पीठ के निचे और दूसरी बाँह मेरे घुटनों के पीछे लगा कर बड़ी आसानी से पूरी तरह अपनी बाँहों में ऊपर उठा लिया और मुझे उठा कर बैडरूम में ले गया और बिस्तर पर धीरे से रख दिया.
Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 6
मुझे अजित अपनी आप बीती सुना चूका था और शायद अब बारी मेरी थी. अजित मेरी और देखने लगा।
Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 5
मैं ऑफिस से घर वापस आयी तब तक अजित कोई फ़ोन नहीं आया था। मेरा मन किया की मैं फ़ोन करूँ, पर फिर सोचा जब मैं घर वापस आ ही गयी थी तो फिर निचे उतरने में आलस आ गया।
Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 3
जैसे ही मेट्रो ट्रैन रुकी, की अजित ने लगभग मुझे अपनी बाँहों में उठा लिया और दौड़ कर दरवाजा खुलते ही अंदर घुस गया।
Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 2
एक दिन मैं जैसे ही मेट्रो स्टेशन पहुंची और टिकट चेकिंग मशीन की कतार में खड़ी हुई और मैंने कार्ड निकालने के लिए अपना पर्स खोला तो मुझे ध्यान आया की मैं अपना मेट्रो कार्ड घर पर छोड़ आयी थी।
Mere Pati Ko Meri Khuli Chunoti – Episode 1
दिल जिनका मोम सम है, करुणा से जो बनीं है।माँ बेटी बहन पत्नी या क्यों ना प्रेमिका हो।।हम सब के प्रेम एवं सम्मान की है लायक।स्त्रियां हमारी तुमको शत शत नमन हमारे।।