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18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
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Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 55
सुनीलजी ने आयेशा के पीछे अपना बदन सटाकर आयेशा के उन्नत स्तनोँ को अपनी उँगलियों में रगड़ते हुए कहा, “मैं हिंदुस्तानी जवान हूँ। मैं फौजी ना सही पर दिल हमारे फौजियों जैसा दिलफेंक रखता हूँ। हम हमारे जवानों को देश भक्ति और दूसरे कड़े नियमों के साथ साथ मह...
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 54
सुनीलजी ने सिपाही की बॉडी निचे गिराने पहले उसकी बंदूक ले ली थी। अब उनके पास दो बंदूकें हो गयीं। एक बंदूक आयेशा के पास थी अब एक और बंदूक सिपाही से हथिया ली।
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 53
सुनीलजी की आँखों के सामने कितने समय के बाद भी सुनीता के फिसल कर नदी में गिर जाने का और जस्सूजी के छलाँग लगा कर नदी में कूदने का ने का दृश्य चलचित्र की तरह बार बार आ रहा था।
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 52
जस्सूजी ने देखा की सुनीता पानी के अंदर रुक गयी पर एक ही जगह भँवर के कारण गोल गोल घूम रही थी। पानी में खतरनाक भँवर हो रहे थे। उस भँवर में फंसना मतलब अच्छे खासे तैराक के लिए भी जानका खतरा हो सकता था।
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 51
सुनीलजी ने बंदूक अपने हाथ में लेते हुए कहा, “यह तो ठीक है। पर मेरा काम कलम चलाना है, बंदूक नहीं। मुझे बंदूक चलाना आता ही नहीं।”
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 50
लेखक के विचार:- पिछले कुछ हफ़्तों से मेरे पाठकगण कुछ ढीले पड़ गए हों ऐसा मुझे लग रहा है। उनकी प्रतिक्तियाएँ बहुत ही कम हो गयीं हैं। सकारात्मक की जगह नकारात्मक वोट ज्यादा दिख रहे हैं। शायद कहानी कुछ बोर सी हो गयी है।
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 49
काफिले के पीछे उनके पालतू हाउण्ड घोड़ों के साथ साथ दौड़ पड़े और देखते ही देखते काफिला सब की आंखोंसे ओझल होगया। उस समय सुबह के करीब ११३० बज रहे थे।
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 48
कैप्टेन कुमार और नीतू भीगी बिल्ली की तरह कर्नल साहब के पीछे पीछे चलते हुए मुख्य राह पर पहुँच गए। इस बार जान बुझ कर जस्सूजी ने सुनीता से कुमार और नीतू की और इशारा कर धीरे चलने को कहा।
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 47
इस तरफ सुनीता का हाल भी देखने वाला था। नीतू की चुदाई देख कर सुनीता की चूत में भी अजीब सी जलन और हलचल हो रही थी। उन्हें चोदने के लिए सदैव इच्छुक उसके प्यारे जस्सूजी वहीं खड़े थे।
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 46
सुनीता ने जस्सूजी का हाथ थाम कर दबाया और बोली, “यह यूनिफार्म पहन कर आप को क्या हो जाता है? अचानक आप इतने बदल कैसे जाते हो? और आपने अपने पीछे यह बैकपैक में क्या रखा हुआ है?”
Utejna Sahas Aur Romanch Ke Vo Din – Ep 45
कैंटीन में सुनीता और ज्योतिजी की मुलाक़ात नीतू से हुई। उसके पति ब्रिगेडियर खन्ना साहब कहीं नजर नहीं आ रहे थे। नीतू ने घुटनों तक पहुंचता हुआ स्कर्ट पहना था।