आशु ठाकुर
सत्यापित कहानीकार (Verified)@aasha-thakara
18+ कामुक और रोमांस हिंदी कहानियों के आधिकारिक लेखक।
आशु ठाकुर की रचनाएं
लौड़े की तकदीर-2
वो दिन मैं कभी नहीं भुला सकता.. उस दिन मैंने एक लड़की कहूँ या औरत को.. वो कहा.. जो मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था।वो फोन था निहारिका का था.. और वो बात आज भी मुझे शब्द दर शब्द याद है।
लौड़े की तकदीर-1
यह कहानी उस वक़्त की है.. जब मैं चंडीगढ़ पढ़ने के लिए आया था, मेरी उम्र 23 साल थी। इधर जल्दी ही मेरे 3 दोस्त बन गए.. एक सच्ची बात कहूँ कि उस वक़्त तक मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी.. ना ही मैंने इस बारे में कभी सोचा था, बस मैं अपने में मस्त रहता था.. ...